section 15
नियम बनाने की शक्ति
The Jharkhand State Assembly (Pay, Allowances and Pension) Act, 2001Finance200118 sections
Statutory text
- (i) राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के उपबन्धों को कार्यान्वित करने के प्रयोजनार्थ नियम बना सकेगी।
- (ii) विशिष्टतः और पूर्ववर्ती शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना राज्य सरकार निम्नलिखित के अवधारण हेतु नियम बना सकेगी - (क) ऐसी पद्धति जिसके द्वारा वेतन एवं भत्ते की निकासी की जायेगी तथा जिस रीति से और जिस रूप में ऐसे वेतन एवं भत्ते सम्बन्धी विपत्र तैयार किये जायेंगे, प्रतिहस्ताक्षरित किये जायेंगे और भुनाये जायेंगे, (ख) लगातार अनुपस्थिति और कटौती की सीमा, जो ऐसी अनुपस्थिति के लिए सदस्यों के वेतन से की जायेगी, (ग) वह कालावधि जिसके दौरान और जिन शर्तों के अधीन दैनिक और यात्रा भत्ते की निकासी की जायेगी तथा वह दर जिस पर यात्रा भत्ते की निकासी की जायेगी। (घ) जिन रियायती दरों पर सदस्यों द्वारा मकान भाड़ा वहन किया जायेगा। (ङ) जिन शर्तों के अधीन और जिस रीति से रेल यात्रा अथवा राज्य पथ परिवहन सेवा के लिए सदस्यों को कूपन उपलब्ध कराये जायेंगे। (च) सदस्यों एवं उनके परिवार को चिकित्सा सुविधाओं एवं अन्य रियायतों को मंजूर करना। (छ) प्रत्येक सदस्य के सरकारी आवास पर दूरभाष स्थापित करना और उस पर उपगत व्यय आदि। (ज) राज्य के भीतर एवं बाहर अपनी यात्रा के दौरान किसी सहायत्री को अपने साथ ले जाने के लिए सदस्यों को दी जाने वाली सुविधाओं को मंजूर करना।
- (iii) इस धारा के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम इसके बनाये जाने के बाद यथाशक्य शीघ्र सत्र के दौरान राज्य विधान-सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा, जिसकी कुल अवधि 14 दिनों की हो, जो एक सत्र में अथवा दो क्रमागत सत्रों में समाविष्ट हो, और यदि सत्र की समाप्ति के पूर्व जिसमें इसे प्रस्तुत किया गया था, या इसके ठीक बाद वाले सत्र में, सदन नियम में उपातरण करने के लिए सहमत हो, अथवा सदन सहमत हो कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो ततपश्चात् इस नियम का प्रभाव यथास्थिति केवल इसे उपांतरित रूप में होगा, या इसका प्रभाव ही नहीं होगा। फिर भी ऐसे उपांतरण या बातिलीकरण उस नियम के अधीन पूर्व में की गयी किसी बात की विधि-मान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना होगा।
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