section 2
परिभाषायें
The Bihar Fiscal Responsibility and Budget Management Act, 2006 Hindiजब तक कि संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो, इस विधेयक में, - (क) "बजट" से अभिप्रेत है संविधान के अनुच्छेद 202 के अधीन राज्य विधान मंडल के दोनों सदनों के समक्ष रखे गये वार्षिक वित्तीय-विवरणी; (ख) "चालू वर्ष" से अभिप्रेत है आगामी वर्ष के पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष; (ग) "आगामी वर्ष" से अभिप्रेत है वह वित्तीय वर्ष जिसके लिए बजट प्रस्तुत किया जा रहा हो; (घ) "वित्तीय वर्ष" से अभिप्रेत है पहली अप्रैल से शुरू होकर अगले 31 मार्च को समाप्त होनेवाला वर्ष; (ङ) "स.रा.घ.उ." से अभिप्रेत चालू बाजार मूल्य पर सकल राज्य घरेलु उत्पाद; (च) "राजकोषीय घाटा" से अभिप्रेत है किसी वित्तीय वर्ष के दौरान, राज्य की समेकित निधि में ऋण प्राप्तियों को छोड़कर, कुल प्राप्तियों से अधिक इस निधि से कुल संवितरण (ऋण की अदायगी को छोड़कर); (छ) "राजकोषीय सूचकों" से अभिप्रेत है ऐसे सूचक जो राज्य सरकार की राजकोषीय स्थिति के मूल्यांकन के लिए विहित किये गये हो; (ज) "राजकोषीय लक्ष्य" से अभिप्रेत है राजकोषीय सूचकों के आंकिक सीमाएं तथा कुल राजस्व प्राप्तियों (कु.रा.प्रा.) अथवा स.रा.घ.उ. के अनुपात; (झ) "विहित" से अभिप्रेत है इस अधिनियम के अधीन बनाये गये नियमों द्वारा विहित; (ञ) "पूर्ववर्ती वर्ष" से अभिप्रेत है चालू वर्ष का पूर्ववर्ती वर्ष; (ट) "राजस्व घाटा" से अभिप्रेत है राजस्व व्यय और राजस्व प्राप्तियों (कु.रा.प्रा.) का अंतर । स्पष्टीकरण -कुल राजस्व प्राप्तियों (कु.रा.प्रा.) में शामिल है राज्य की अपनी राजस्व प्राप्तियाँ (कर और गैर-कर दोनों) तथा केन्द्र से चालू अंतरण (अनुदान और केन्द्रीय करों में राज्य का हिस्सा सहित) । इसके अतिरिक्त इस खंड के प्रयोजनार्थ लोक उपक्रम तथा विशेष प्रयोजन के लिये प्रतिष्ठानों और अन्य समतुल्य लिखत द्वारा लिये गये उधार, जिनकी अदायगी का दायित्व सरकार पर हो, के ब्याज के भुगतान को राजस्व व्यय के रूप में समझा जायेगा। (ठ) "कुल दायित्व" से तात्पर्य राज्य समेकित निधि एवं राज्य लोक लेखा के अधीन दायित्व से है तथा इसमें लोक उपक्रमों, विशेष प्रयोजनार्थ प्रतिष्ठानों अन्य समतुल्य लिखत द्वारा लिये गये उधार, प्रतिभूति सहित, जिनके मूलधन और/अथवा ब्याज की अदायगी राज्य बजट से की जानी है, शामिल है।
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