Bare Act
The Jharkhand Legislative Assembly's Whip (Benefits and Allowances) Act, 2006
1. संक्षिप्त नाम और विस्तार एवं प्रारम्भ
क. यह अधिनियम झारखण्ड विधान-मंडल सचेतक (सुविधा और भत्ता) अधिनियम, 2006 कहा जा सकेगा । ख. इसका विस्तार सम्पूर्ण झारखण्ड राज्य में होगा । ग. यह तुरंत प्रवृत्त होगा ।
2. परिभाषाएँ
इस अधिनियम में जबतक कि विषय या संदर्भ के विरुद्ध कोई बात न हों । क. मंडल/सभा से अभिप्रेत है झारखण्ड विधान मंडल । ख. 'मुख्य सचेतक', 'उप मुख्य सचेतक', 'सचेतक' से अभिप्रेत है, विधान-सभा का कोई ऐसा सदस्य जो सरकार गठित करने वाले सत्तारूढ़ दल द्वारा मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक के रूप में नियुक्त हुआ हो/तथा मान्यता प्राप्त मुख्य विरोधी दल के मुख्य सचेतक एवं सचेतक के रूप में नियुक्त हुआ हो । ग. 'अधिनियम' से अभिप्रेत है - झारखण्ड विधान-मंडल सचेतक (सुविधा और भत्ता) अधिनियम, 2006 । घ. निजी स्टाफ से अभिप्रेत है - सरकार द्वारा समय-समय पर मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक की स्थापना में स्वीकृत निजी स्टाफ ।
3. वेतन एवं भत्ता
विधान-मंडल के मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक को वेतनमद में 5,000/- (पाँच हजार) रुपये प्रति माह तथा 8,000/- (आठ हजार) रुपये प्रति माह की दर से क्षेत्रीय भत्ता एवं प्रत्येक को 8,000/- (आठ हजार) रुपये प्रति माह की दर से आतिथ्य भत्ता देय होगा ।
4. सरकारी गाड़ी
मुख्य सचेतक सत्तारूढ़ दल को दो सरकारी गाड़ी ड्राईवर सहित एवं मुख्य सचेतक विरोधी दल तथा उप मुख्य सचेतक तथा सभी सचेतकों को एक-एक सरकारी गाड़ी ड्राईवर सहित की सुविधा अनुमन्य होगी ।
5. आवास
मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक को किराया मुक्त निवास स्थान दिया जायेगा ।
6. टेलिफोन सुविधा
मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक में से प्रत्येक को उनके आवास पर एक-एक टेलिफोन दिया जायेगा। यदि मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक और सचेतक के लिये यथा-स्थिति सभा परिसर में कार्यालय आवंटित किया जाय तो एक अतिरिक्त टेलिफोन का उपबंध भी किया जायेगा । यदि सदस्य के रूप में यथा-स्थिति सभा द्वारा उनके निवास स्थान पर टेलिफोन लगाया गया हो, तो वहां पर पृथक टेलिफोन नहीं लगाया जायेगा। मुख्य सचेतक को वर्ष में अधिकतम 65,000/- (पैंसठ हजार) रुपये, उप मुख्य सचेतक को 60,000/- (साठ हजार) रुपये एवं सचेतक को 55,000/- (पचपन हजार) रुपये का स्थानीय कॉल की मुफ्त सुविधा अनुमन्य होगी ।
7. फर्निशिंग
मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक क्रमशः मंत्री, राज्यमंत्री और उपमंत्री को फर्निशिंग मद में देय सुविधा अनुमन्य होगी ।
8. निजी स्टाफ
मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक एवं सचेतक को निम्नवत निजी स्टाफ की सुविधा अनुमन्य होगी -
क्रम सं. | पदनाम | आप्त सचिव | निजी सहायक | दिनचर्या लिपिक | आदेशपाल/चालक ---|---|---|---|---|--- 1. | मुख्य सचेतक, झारखण्ड विधान-सभा | 1(एक) (बाह्य स्रोत से को-टर्मिनस आधार पर) | 2(दो) (दोनों निजी सहायक कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा निजी सहायक पूल से उपलब्ध करायी जायेगी) | 1(एक) (बाह्य स्रोत से को-टर्मिनस आधार पर) | 4(चार) (बाह्य स्रोत से को-टर्मिनस आधार पर) 2. | उप मुख्य सचेतक, झारखण्ड विधान-सभा | 1(एक) (बाह्य स्रोत से को-टर्मिनस आधार पर) | 1(एक) (एक निजी सहायक कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा निजी सहायक पूल से उपलब्ध करायी जायेगी) | 1(एक) (बाह्य स्रोत से को-टर्मिनस आधार पर) | 2(दो) (बाह्य स्रोत से को-टर्मिनस आधार पर) 3. | झारखण्ड विधान मंडल सचेतक, | | 1(एक) (एक निजी सहायक कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा निजी सहायक पूल से उपलब्ध करायी जायेगी) | | 2(दो) (बाह्य स्रोत से को-टर्मिनस आधार पर)
मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक द्वारा स्वविवेक से की गई बाह्य व्यक्तियों की नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी होगी तथा माननीय मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक की कार्य अवधि की समाप्ति पर स्वतः समाप्त हो जायेगी या उनकी इच्छा पर किसी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकेगी ।
9. बिजली व्यय
राज्य सरकार, मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक के निवास स्थान के कार्यालय भाग से संबंधित बिजली प्रभार (चार्जज) और बिजली फिटिंग मद व्यय का भुगतान अधिकतम 250 रु० प्रति माह की दर से उनके आप्त सचिव या निजी सहायक द्वारा सम्यक् रूप से प्रतिहस्ताक्षरित बिल प्राप्त होने पर किया जायेगा ।
10. अन्य सुविधाएँ
मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक झारखण्ड विधान मंडल (सदस्यों का वेतन, भत्ता और पेंशन) अधिनियम, 2001 और इसके अधीन बनायी गयी नियमावली के अधीन सदस्य के रूप में यथा अनुज्ञेय मोटर गाड़ी क्रय हेतु ऋण की सुविधा, पोस्टल, ष्टेशनरी एवं कार्यालय व्यय की सुविधा, दैनिक भत्ता एवं यात्रा भत्ता की सुविधा, कम्प्यूटर की सुविधा तथा चिकित्सा भत्ता अनुमन्य होगा । साथ ही मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक को प्रतिवर्ष हवाई एवं जलपोत यात्रा मद में क्रमशः 1,50,000/- (एक लाख पचास हजार) रुपये, 1,25,000/- (एक लाख पच्चीस हजार) रुपये एवं 1,00,000/- (एक लाख) रुपये अनुमन्य होगा । हवाई/जलपोत यात्रा करने के समय मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक को एक सहयात्री सुविधा अनुमन्य होगी । हवाई यात्रा के लिए प्रावधानित राशि की सीमा तक प्राप्त विपत्रों का भुगतान झारखण्ड विधान-सभा द्वारा किया जायेगा एवं मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग द्वारा पूर्ववत् उपलब्ध कराया जाता रहेगा । सचेतकों को विधान-सभा के सदस्यों को देय रेल कूपन की सुविधा अनुमन्य नहीं होगी ।
11. स्टाफ का यात्रा भत्ता
मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक के साथ जाने वाला निजी स्टाफ, यात्रा भत्ता नियमावली के अधीन तथा अनुज्ञेय यात्रा भत्ता का हकदार होगा । राज्य के बाहर यात्रा करने के लिए सरकार की पूर्व मंजूरी आवश्यक होगी और तभी उनका यात्रा भत्ता ग्रहण किया जा सकेगा ।
12. यात्रा भत्ता का प्रतिहस्ताक्षर
आप्त सचिव का यात्रा भत्ता मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित होगा । अराजपत्रित स्टॉफ का यात्रा भत्ता विपत्र यथा-स्थिति आप्त सचिव या मुख्य सचेतक/उप मुख्य सचेतक/सचेतक द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित होगा ।
13. सुविधाओं का दोहराव नहीं
विधान मंडल के मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, सचेतक को इस अधिनियम के अंतर्गत देय सुविधा प्राप्त होने पर उन्हीं मदों में सदस्य को अलग से प्राप्त होने वाली सुविधा देय नहीं होगी ।
14. नियम बनाने की शक्ति
- (i) राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के प्रयोजनार्थ नियम बना सकेगी ।
- (ii) इस धारा के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम इसके बनाये जाने के बाद यथाशक्त शीघ्र सत्र के दौरान राज्य विधान-सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा, जिसकी कुल अवधि 14 दिन की हो, जो एक सत्र में अथवा दो लगातार सत्रों में समादिष्ट हो, और यदि सत्र की समाप्ति के पूर्व जिसमें इसे प्रस्तुत किया गया हो, या इसके ठीक बाद वाले सत्र में, सदन नियम में उपान्तरण करने के लिए सहमत हो, अथवा सदन सहमत हो कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो तत्पश्चात् इस नियम का प्रभाव यथा स्थिति केवल ऐसे उपान्तरित रूप में होगा, या इसका प्रभाव ही नही होगा फिर भी ऐसे उपान्तरण या बातिलीकरण उस नियम के अधीन पूर्व में की गई किसी बात की विधि-मान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना होगा ।
15. निरसन और व्यावृत्ति
- (i) झारखण्ड विधान मंडल सचेतक (सुविधा और भत्ता) नियमावली, 2001 अधिसूचना सं०-541A, दिनांक 13 अप्रैल, 2002, अधिसूचना सं०-76, दिनांक 23 जून, 2001, अधिसूचना सं०-140, दिनांक 24 जनवरी, 2003 एवं अधिसूचना सं०-909, दिनांक 20 मई, 2003 द्वारा यथा संशोधित एवं समय-समय पर यथासंशोधित इसके द्वारा निरासित किया जाता है ।
- (ii) ऐसे निरसन के होते हुए भी उक्त नियमावली एवं उस नियमावली में समय-समय पर अधिसूचना के माध्यम से संशोधन द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में किया गया या की गई समझी जायेगी मानो, यह अधिनियम उस दिन प्रवृत्त था, जिस दिन ऐसा कार्य किया गया था, या ऐसी कार्रवाई की गई थी । 1 (Amendment Act). संक्षिप्त नाम और विस्तार (क) यह अधिनियम झारखण्ड विधान मंडल सचेतक (सुविधा और भत्ता) संशोधन अधिनियम, 2006 कहा जा सकेगा । (ख) इसका विस्तार सम्पूर्ण झारखण्ड राज्य में होगा । (ग) यह संशोधन अधिनियम तुरत प्रवृत्त होगा । 2 (Amendment Act). झारखण्ड अधिनियम-18, 2006 की धारा-01 की उपधारा (ग) का संशोधन झारखण्ड अधिनियम-18 की धारा-01 की उपधारा (ग) में अंकित शब्द समूह "यह तुरत प्रवृत्त होगा" के स्थान पर निम्नांकित शब्द समूह प्रतिस्थापित किये जायेंगे - "यह दिनांक 27 फरवरी, 2006 के प्रभाव से प्रवृत्त होगा ।"
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