section 2
परिभाषायें
The Chhattisgarh Ashaskiya Shikshan Sanstha (Anudan ka Praday) Adhiniyam, 1978General197813 sections
Statutory text
इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,- (क) "नियत तारीख" से अभिप्रेत है धारा 1 की उपधारा
- (3) के अधीन अधिसूचना द्वारा नियत की गई तारीख; (ख) "सक्षम प्राधिकार" से अभिप्रेत है कोई ऐसा अधिकारी जिसे राज्य सरकार ने अधिसूचना द्वारा इस हेतु से नियुक्त किया हो कि वह इसे अधिनियम के अधीन सक्षम प्राधिकार के कृत्यों का निर्वहन करें; (ग) "शिक्षा अधिकारी" से अभिप्रेत है जिला शिक्षा अधिकारी या राज्य सरकार का कोई अन्य ऐसा अधिकारी या संस्था में सेवारत कोई ऐसा अध्यापक, जो प्राचार्य या प्रधान अध्यापक की पद श्रेणी से अनिन्न पद श्रेणी का न हो, चाहे वह किसी भी नाम से जाना जाता हो, जिसे राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिये उस हैसियत में नियुक्त किया हो; (घ) "कर्मचारी" से अभिप्रेत है संस्था का अध्यापक से भिन्न कोई ऐसा कर्मचारी संस्था के वेतन पत्रक में जिसका नाम उस हैसियत में नियोजित हुए रूप में किसी पद के सम्मुख दर्शाया गया हो किन्तु उसके ( कर्मचारी के) अन्तर्गत कोई ऐसा कर्मचारी नहीं आता है जिसकी कि नियुक्ति धारा 6 के खण्ड (ग) के अधीन अनुमोदित की गई हो; (ङ) "संस्था" से अभिप्रेत है ऐसा कोई अशासकीय स्कूल या उच्च शिक्षा संबंधी ऐसी कोई अशासकीय शिक्षण संस्था जिसे यथास्थिति राज्य सरकार से या मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा अनुदान आयोग से अनुरक्षण अनुदान तत्समय प्राप्त होता हो और जिसकी स्थापना, प्रशासन तथा प्रबंध मध्यप्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 44 सन् 1973) के अधीन रजिस्ट्रीकृत की गई या रजिस्ट्रीकृत की गई समझी गई किसी सोसाइटी द्वारा किया जाता हो, किन्तु उसके ( संस्था के) अन्तर्गत कोई ऐसी संस्था नहीं आती है जिसकी स्थापना, प्रशासन तथा प्रबंध :- (एक) केन्द्रीय सरकार द्वारा; या (दो) राज्य सरकार द्वारा; या (तीन) किसी स्थानीय प्राधिकारी द्वारा; या (चार) केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा प्रबंधित, नियंत्रित, अनुमोदित या प्रायोजित (स्पान्सर्ड) किसी ऐसे अभिकरण द्वारा, जिसे राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, विनिर्दिष्ट करे; या (पांच) मध्यप्रदेश नान-ट्रेडिंग कार्पोरेशन एक्ट, 1962 ( क्रमांक 20 सन् 1962) के अधीन बनाये गये तथा रजिस्ट्रीकृत किये गये या उस अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत किये गये समझे गये किसी अव्यापारिक निगम द्वारा, किया जाता हो; (च) "अनुदान" से अभिप्रेत है ऐसा अनुदान जो संस्था को राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर प्रदत्त किया जाना नियत किया जाए; (छ) किसी संस्था के संबंध में "प्रबंधक वर्ग" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 44, सन् 1973) के अर्थ के अन्तर्गत उस संस्था की शासी निकाय तथा अभिव्यक्ति "संस्था का प्रबंधक वर्ग" का अर्थ तदनुसार लगाया जाएगा; (ज) "स्कूल" से अभिप्रेत है अशासकीय प्राथमिक, मिडिल या माध्यमिक स्कूल; (झ) 'अध्यापक' से अभिप्रेत है किसी संस्था का कोई ऐसा अध्यापक जो यथास्थिति, मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल या किसी विश्वविद्यालय या आयोग द्वारा किसी संस्था को या किसी नवीन विषय या किसी उच्चतर कक्षा को या विद्यमान कक्षा में की किसी नवीन सेक्शन को मान्यता प्रदान किये जाने/संबद्ध किये जाने की शर्तों की पूर्ति करने के लिये नियोजित गया हो तथा संस्था के वेतन पत्रक में जिसका नाम उस हैसियत में नियोजित हुये रूप में किसी पद के सम्मुख दर्शाया गया हो, किन्तु उसके अंतर्गत कोई ऐसा अध्यापक नहीं आता है, जिसकी कि नियुक्ति धारा 6 के खण्ड (ग) के अधीन अनुमोदित की गई हो; (ञ) "वेतन" से अभिप्रेत है, किसी अध्यापक या कर्मचारी को ऐसी दर से देय वेतन तथा अन्य भत्ते जो कि संस्था द्वारा अधिसूचित किये जाएं; (ट) उन शब्दों तथा अभिव्यक्तियों के, जो इस अधिनियम में प्रयोग में लाई गई है किन्तु परिभाषित नहीं की गई है और यथास्थिति मध्यप्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 44, सन् 1973), मध्यप्रदेश अशासकीय स्कूल विनियमन अधिनियम, 1975 ( क्रमांक 33, सन् 1975) या मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा अनुदान आयोग अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 21, सन् 1973) में परिभाषित की गई है, जैसा कि संदर्भ अपेक्षित करें, वही अर्थ होंगे जो कि उन्हें संबंधित उक्त अधिनियमों में दिये गये हैं.
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