section 10
नियम बनाने की शक्ति
The Chhattisgarh Ashaskiya Shikshan Sanstha (Anudan ka Praday) Adhiniyam, 1978General197813 sections
Statutory text
- (1) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिये नियम बना सकेगी।
- (2) विशिष्टतया तथा पूर्वगामी शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियमों में निम्नलिखित समस्त विषयों के लिये या उनमें से किसी भी विषय के लिये उपबंध हो सकेंगे, अर्थात:– (क) धारा 5 की उपधारा ( 1) के अधीन संस्थागत निधि का गठन; (ख) विलोपित...... (ग) धारा 6 के खण्ड ( क) के उपखण्ड ( एक) के अधीन की वह प्रक्रिया जिसका अनुसरण अध्यापकों या अन्य कर्मचारियों को भर्ती करने में किया जायगा; (घ) अध्यापकों तथा कर्मचारियों की अर्हताएं तथा अनुभव जो धारा 6 के खण्ड ( क) के उपखण्ड ( दो) के अधीन अपेक्षित हैं; (ङ) ( एक) धारा 6 के खण्ड ( क) के उपखण्ड ( तीन) के अधीन कोई आदेश पारित करने के हेतु अनुसरित की जाने वाली प्रक्रिया; ( दो) धारा ( 6) के खण्ड ( क) के उपखण्ड ( तीन) के परन्तुक के अधीन जांच करने की रीति; ( तीन) वह व्यक्ति जिसके द्वारा और यह रीति जिसमें संस्थागत निधि द्वारा धारा 6 की उपधारा ( 7) के अधीन प्रचालित की जायेगी; (च) वह रीति जिसमें धारा 6 के खण्ड ( क) के उपखण्ड ( चार) के परन्तुक के अधीन जांच की जायगी तथा वह समय जिसके भीतर ऐसी जांच उक्त परन्तुक के अधीन की जायेगी.
- (3) इस धारा के अधीन बनाये गये समस्त नियम विधान सभा के पटल पर रखे जायेंगे।
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