section 10
धारा ३२० का संशोधन
The Code of Criminal Procedure (Madhya Pradesh Amendment) Act, 2022१०. मूल अधिनियम की धारा ३२० में, उपधारा (२) के नीचे सारणी में,—
(एक) कालम १, २ और ३ में, धारा ३१२ तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के पहले निम्नलिखित धाराएं तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां अन्तःस्थापित की जाएं, अर्थात् :—
१ | २ | ३ ''बलवा | १४७ | वह व्यक्ति, जिसके विरुद्ध अपराध कारित करते समय बल या हिंसा का प्रयोग किया गया है; | | परन्तु अभियुक्त ऐसे अन्य अपराध के लिए आरोपित नहीं किया गया है, जो शमनीय नहीं है. अश्लील कार्य या अश्लील शब्दों का प्रयोग | २९४ | वह व्यक्ति, जिसे क्षोभ कारित करने हेतु अश्लील कार्य किए गए थे या अश्लील शब्दों का प्रयोग किया गया था.'';
(दो) कालम १, २ और ३ में, धारा ४९८ तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात्, निम्नलिखित धारा तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां अन्तःस्थापित की जाएं, अर्थात् :—
१ | २ | ३ ''किसी स्त्री के पति या पति के नातेदार द्वारा उसके प्रति क्रूरता करना. | ४९८-क | जिस स्त्री के साथ क्रूरता हुई :— | | परन्तु अपराध के शमन के लिए आवेदन के दिनांक से न्यूनतम छह माह की कालावधि व्यपगत हो गई हो और न्यायालय का, यदि यह समाधान हो जाता है कि शमन उस महिला के हित में है, तो वह आवेदन स्वीकार कर सकेगा जबकि कोई भी पक्षकार अनावर्ती कालावधि के भीतर ऐसे आवेदन को वापस नहीं लेता.'';
(तीन) कालम १, २ और ३ में, धारा ५०० तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात्, निम्नलिखित धारा तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां अन्तःस्थापित की जाएं, अर्थात् :—
१ | २ | ३ ''आपराधिक अभित्रास, यदि धमकी, मृत्यु या घोर उपहति इत्यादि कारित करने की हो. | धारा ५०६ का भाग-दो | वह व्यक्ति, जिसके विरुद्ध आपराधिक अभित्रास का अपराध कारित किया गया था.''.
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