Bare Act
The Salaries and Allowances and Pension of Members of the Legislative Assembly Amendment Act, 2005
1. Short title and commencement
संक्षिप्त नाम और प्रारंभ-
- (1) यह अधिनियम झारखण्ड विधान-मंडल (सदस्यों का वेतन, भत्ता और पेंशन) (संशोधन) अधिनियम, 2005 कहा जा सकेगा ।
- (2) यह अधिसूचना निर्गत करने की तिथि से प्रवृत्त होगा ।
2. Amendment of section 5 of Act 03, 2001
झारखण्ड अधिनियम-03, 2001 की धारा-5 में क्षेत्रीय भत्ता प्रतिमाह अंक एवं शब्द "4000/- रू० (चार हजार)" के स्थान पर "8000/- रू० (आठ हजार)" प्रतिस्थापित किया जायेगा ।
3. Amendment of section 8(i) of Act 03, 2001
झारखण्ड अधिनियम-03, 2001 की धारा-8(i) में दैनिक भत्ता अंक एवं शब्द में "350/- रू० (तीन सौ पचास)" रू० के स्थान पर "500/- (पाँच सौ) रू०" प्रतिस्थापित किया जायेगा ।
4. Amendment of section 9(i)(b) of Act 03, 2001
झारखण्ड अधिनियम-03, 2001 (यथा संशोधित, 2002) की धारा-9 की उप धारा
- (i) की उप धारा (ख) में हवाई यात्रा के बाद शब्द "जल पोत" जोड़ा जायेगा तथा शब्द "विधान-सभा करेगी" के बाद "सदस्य हवाई यात्रा/जल पोत में एक सहयात्री ले जा सकेंगे" जोड़े जायेंगे ।
5. Amendment of section 11 of Act 03, 2001
झारखण्ड अधिनियम-03, 2001 की धारा-11 में निजी सहायक का प्रबंधन के अंतर्गत अधिकतम अंक एवं शब्द में "3500/- (तीन हजार पाँच सौ) रू०" के स्थान पर "5500/- (पाँच हजार पाँच सौ) रू०" प्रतिस्थापित किया जायेगा ।
6. Amendment of section 12 of Act 03, 2001
झारखण्ड अधिनियम-03, 2001 की धारा-12 में चिकित्सा भत्ता प्रतिमाह अंक एवं शब्द में "2000/- (दो हजार) रू०" के स्थान पर "3000/- रू० (तीन हजार) रू०" प्रतिस्थापित किया जायेगा ।
7. Amendment of section 13 of Act 03, 2001
झारखण्ड अधिनियम-03, 2001 की धारा-13 की दूसरी पंक्ति को विलोपित करते हुए शब्द समूह "प्रत्येक सदस्य को वर्ष में अधिकतम 75000/- (पचहत्तर हजार) रू०" के समतुल्य देय होगा "जो कि राँची, आवास, क्षेत्रीय कार्यालय और मोबाईल मद में भुगतेय होगा" प्रतिस्थापित किया जायेगा ।
8. Insertion of new section 13 'K' and 'Kh' after section 13
झारखण्ड अधिनियम-03, 2001 की धारा-13 के बाद एक उप कंडिका-13'क' "उपस्कर की सुविधा" एवं 13'ख' समाचार पत्र-पत्रिकाओं की सुविधा जोड़ा जायेगा । झारखण्ड विधान-मंडल (सदस्यों का वेतन, भत्ता और पेंशन) अधिनियम, 2001 (झारखण्ड अधिनियम-03, 2001) (इसके आगे उक्त अधिनियम के रूप में विनिर्दिष्ट) की धारा-13 के बाद एक उप कंडिका-13 'क' जो निम्नवत् जोड़ा जायेगा :- "विधान मंडल के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने या प्रतिज्ञान करने के बाद विधान सभा/केन्द्रीय पुल से आवास का सक्षम आबंटन होने एवं आवास अधिग्रहण करने के 15 दिनों के अन्दर उपस्कर साज सामग्री क्रय हेतु 25,000/- रू० (पच्चीस हजार रुपये) की राशि माननीय सदस्यों को दी जायेगी । इसके अतिरिक्त 3000/- रू० (तीन हजार रुपये) प्रतिवर्ष उपस्कर की मरम्मती एवं रख-रखाव हेतु भी दिये जायेंगे ।" उप कंडिका 13'ख' निम्नरूप में जोड़ा जायेगा : "विधान मंडल के सभी विधायकों को प्रतिमाह 500.00 (पाँच सौ) रुपये समाचार पत्र-पत्रिकाओं के लिए देय होगा ।"
9. Amendment of section 14(i) of Act 03, 2001
झारखण्ड अधिनियम-03, 2001 (यथा संशोधित, 2002) की धारा-14
- (i) में सत्कार भत्ता प्रतिमाह अंक एवं शब्द में "1000/- (एक हजार)" के स्थान पर "4000/- (चार हजार)" प्रतिस्थापित किया जायेगा ।
I. Relating to Section 2
अनुसूची (धारा-2 से संबंध) 1. राज्य विधान-सभा के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जिसमें भारत के संविधान के अनुच्छेद 180 के खण्ड (1) के अंतर्गत कार्यकारी अध्यक्ष का पद शामिल है । 2. मंत्री, राज्यमंत्री एवं उपमंत्री के पद । 3. संसदीय सचिव का पद । 4. महाधिवक्ता 5. सरकारी वकील 6. दंड प्रक्रिया संहिता 1973 में परिभाषित लोक अभियोजक । 7. प्रॉविन्सियल इन्सॉलवेन्सी एक्ट 1920 (1920 का 5) के अंतर्गत नियुक्त ऑफिसियल रिसीवर । 8. सत्तारूढ दल के मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक एवं सचेतक तथा विधान-सभा में मान्यता प्राप्त मुख्य विरोधी दल के सचेतक का पद । 9. स्थानीय सेना के राष्ट्रीय कैडेट कोर का कोई पद । 10. रिजर्व एण्ड ऑक्सिलियरी एयर फोर्स एक्ट, 1952 (1952 का 62) के अंतर्गत सृजित सहायक वायु सेना या वायु प्रतिरक्षा रिजर्व का कार्यालय । 11. केन्द्र या राज्य सरकार या सरकार के किसी सेवक द्वारा नियुक्त किसी समिति या निकाय के अध्यक्ष या सदस्य का कार्यालय, बशर्ते ऐसी समिति या निकाय के अध्यक्ष या कोई सदस्य क्षतिपूरक भत्ते के अतिरिक्त कोई अन्य पारिश्रमिक नहीं प्राप्त करते हों । स्पष्टीकरण i.-इस मद के लिए "क्षतिपूरक भत्ते" से तात्पर्य है - क. यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता या मानदेय के रूप में दिया गया कोई अन्य भत्ता, जो ऐसी समितियों या निकायों की बैठकों में भाग लेने या ऐसे पदों के धारक के रूप में अन्य कार्यों के निष्पादन के लिए वैयक्तिक खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए पदधारक को प्रदेय हो, एवं ख. आवास आबंटन एवं वाहन की सुविधा, और अन्य ऐसी सुविधाएँ एवं विशेषाधिकार जो ऐसे पदधारियों को प्रदेय हों या इन सुविधाओं के बदले राज्य सरकार, बोर्ड या कमिटी के शासी निकाय द्वारा दी जानेवाली नगद राशि जो यथास्थिति इस संबंध में समय-समय पर ऐसी अभिलिखित शर्तों पर निर्धारित किये जायें । स्पष्टीकरण ii.-इस पद के लिए निकाय का तात्पर्य निगम, न्यास, बोर्ड तथा प्राधिकार से है । 12. किसी बीमाकर्ता के अधीन कोई कार्यालय जिसके नियंत्रित व्यापार का प्रबंध केन्द्र सरकार में निहित हो गया हो । स्पष्टीकरण इस खंड के निमित्त "नियंत्रित व्यापार" एवं "बीमाकर्ता" शब्दों का वही अर्थ है जो जीवन बीमा (आपात् प्रावधान) अधिनियम, 1956 (1956 का 9) के अंतर्गत उन्हें क्रमशः संगत किये गये है । 13. केन्द्र सरकार द्वारा इस निमित्त निर्धारित कमीशन पर या कमीशन के बिना राष्ट्रीय योजना पत्रों के विक्रय सुनिश्चित करने या उनके लिए अंशदान एकत्र करने के अभिप्राय से केन्द्र सरकार या राज्य सरकार के अंतर्गत किसी अभिकर्ता का या समरूप या अन्य कार्यालय । स्पष्टीकरण -इस खंड के निमित्त, राष्ट्रीय योजना पत्रों में निम्नलिखित शामिल है- i. बारह वर्षों का राष्ट्रीय बचत पत्र ii. दस वर्षों का राष्ट्रीय योजना पत्र, एवं iii. कोई अन्य बचत पत्र या केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित सदृश सरकारी प्रतिभूति; 14. झारखंड विधान सभा में विपक्ष के नेता का पद । 15. किसी वैधिक निकाय के चेयरमैन या वाइस चेयरमैन या अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या प्रबंध निदेशक या निदेशक या किसी समिति का एक सदस्य जिस किसी भी नाम से भी पूर्वोक्त पद अभिहित हों । स्पष्टीकरण- मद संख्या 15 के निमित्त, पद में ऐसे अन्य पद भी शामिल है जो वैधिक निकाय में मद संख्या 15 में उल्लिखित पद के साथ संयुक्त रूप से धारित हों । 16. किसी राज्य में तत्समय प्रवृत किसी विधि के अंतर्गत गठित होमगार्ड के एक सदस्य का पद । 17. किसी विश्वविद्यालय या विश्वविद्यालय से सम्बद्ध सिंडिकेट, सिनेेट, कार्यकारिणी समिति, काउन्सिल या कोर्ट के चेयरमैन या सदस्य का पद या विश्वविद्यालय से जुड़ा हुआ अन्य निकाय । 18. किसी विश्वविद्यालय के उप-कुलपति का पद । 19. राज्य सरकार के प्रबंध के अंतर्गत किसी अस्पताल में किसी मानद स्वास्थ्य पदाधिकारी या मानद सहायक स्वास्थ्य पदाधिकारी का पद । 20. सेवा पेंशन, राजनीतिक पेंशन या अनुदान, मनसब, धर्मार्थ अनुदान या जागीर, इनाम या अन्य अनुदान की क्षतिपूर्ति में रूपांतरण राशि प्राप्त करने वाला कोई व्यक्ति । 21. केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा या संघ लोक सेवा आयोग या किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित किसी परीक्षा के परीक्षक का पद । 22. भारत सरकार द्वारा नियुक्त अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य का पद या राज्य सरकार द्वारा गठित झारखंड राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष का पद ।
PDF: pending for this language.
Relating to Section 2
अनुसूची (धारा-2 से संबंध)
1. राज्य विधान-सभा के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष जिसमें भारत के संविधान के अनुच्छेद 180 के खण्ड
- (1) के अंतर्गत कार्यकारी अध्यक्ष का पद शामिल है । 2. मंत्री, राज्यमंत्री एवं उपमंत्री के पद । 3. संसदीय सचिव का पद । 4. महाधिवक्ता 5. सरकारी वकील 6. दंड प्रक्रिया संहिता 1973 में परिभाषित लोक अभियोजक । 7. प्रॉविन्सियल इन्सॉलवेन्सी एक्ट 1920 (1920 का 5) के अंतर्गत नियुक्त ऑफिसियल रिसीवर । 8. सत्तारूढ दल के मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक एवं सचेतक तथा विधान-सभा में मान्यता प्राप्त मुख्य विरोधी दल के सचेतक का पद । 9. स्थानीय सेना के राष्ट्रीय कैडेट कोर का कोई पद । 10. रिजर्व एण्ड ऑक्सिलियरी एयर फोर्स एक्ट, 1952 (1952 का 62) के अंतर्गत सृजित सहायक वायु सेना या वायु प्रतिरक्षा रिजर्व का कार्यालय । 11. केन्द्र या राज्य सरकार या सरकार के किसी सेवक द्वारा नियुक्त किसी समिति या निकाय के अध्यक्ष या सदस्य का कार्यालय, बशर्ते ऐसी समिति या निकाय के अध्यक्ष या कोई सदस्य क्षतिपूरक भत्ते के अतिरिक्त कोई अन्य पारिश्रमिक नहीं प्राप्त करते हों । स्पष्टीकरण i.-इस मद के लिए "क्षतिपूरक भत्ते" से तात्पर्य है - क. यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता या मानदेय के रूप में दिया गया कोई अन्य भत्ता, जो ऐसी समितियों या निकायों की बैठकों में भाग लेने या ऐसे पदों के धारक के रूप में अन्य कार्यों के निष्पादन के लिए वैयक्तिक खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए पदधारक को प्रदेय हो, एवं ख. आवास आबंटन एवं वाहन की सुविधा, और अन्य ऐसी सुविधाएँ एवं विशेषाधिकार जो ऐसे पदधारियों को प्रदेय हों या इन सुविधाओं के बदले राज्य सरकार, बोर्ड या कमिटी के शासी निकाय द्वारा दी जानेवाली नगद राशि जो यथास्थिति इस संबंध में समय-समय पर ऐसी अभिलिखित शर्तों पर निर्धारित किये जायें । स्पष्टीकरण ii.-इस पद के लिए निकाय का तात्पर्य निगम, न्यास, बोर्ड तथा प्राधिकार से है । 12. किसी बीमाकर्ता के अधीन कोई कार्यालय जिसके नियंत्रित व्यापार का प्रबंध केन्द्र सरकार में निहित हो गया हो । स्पष्टीकरण इस खंड के निमित्त "नियंत्रित व्यापार" एवं "बीमाकर्ता" शब्दों का वही अर्थ है जो जीवन बीमा (आपात् प्रावधान) अधिनियम, 1956 (1956 का 9) के अंतर्गत उन्हें क्रमशः संगत किये गये है । 13. केन्द्र सरकार द्वारा इस निमित्त निर्धारित कमीशन पर या कमीशन के बिना राष्ट्रीय योजना पत्रों के विक्रय सुनिश्चित करने या उनके लिए अंशदान एकत्र करने के अभिप्राय से केन्द्र सरकार या राज्य सरकार के अंतर्गत किसी अभिकर्ता का या समरूप या अन्य कार्यालय । स्पष्टीकरण -इस खंड के निमित्त, राष्ट्रीय योजना पत्रों में निम्नलिखित शामिल है- i. बारह वर्षों का राष्ट्रीय बचत पत्र ii. दस वर्षों का राष्ट्रीय योजना पत्र, एवं iii. कोई अन्य बचत पत्र या केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित सदृश सरकारी प्रतिभूति; 14. झारखंड विधान सभा में विपक्ष के नेता का पद । 15. किसी वैधिक निकाय के चेयरमैन या वाइस चेयरमैन या अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या प्रबंध निदेशक या निदेशक या किसी समिति का एक सदस्य जिस किसी भी नाम से भी पूर्वोक्त पद अभिहित हों । स्पष्टीकरण- मद संख्या 15 के निमित्त, पद में ऐसे अन्य पद भी शामिल है जो वैधिक निकाय में मद संख्या 15 में उल्लिखित पद के साथ संयुक्त रूप से धारित हों । 16. किसी राज्य में तत्समय प्रवृत किसी विधि के अंतर्गत गठित होमगार्ड के एक सदस्य का पद । 17. किसी विश्वविद्यालय या विश्वविद्यालय से सम्बद्ध सिंडिकेट, सिनेेट, कार्यकारिणी समिति, काउन्सिल या कोर्ट के चेयरमैन या सदस्य का पद या विश्वविद्यालय से जुड़ा हुआ अन्य निकाय । 18. किसी विश्वविद्यालय के उप-कुलपति का पद । 19. राज्य सरकार के प्रबंध के अंतर्गत किसी अस्पताल में किसी मानद स्वास्थ्य पदाधिकारी या मानद सहायक स्वास्थ्य पदाधिकारी का पद । 20. सेवा पेंशन, राजनीतिक पेंशन या अनुदान, मनसब, धर्मार्थ अनुदान या जागीर, इनाम या अन्य अनुदान की क्षतिपूर्ति में रूपांतरण राशि प्राप्त करने वाला कोई व्यक्ति । 21. केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा या संघ लोक सेवा आयोग या किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित किसी परीक्षा के परीक्षक का पद । 22. भारत सरकार द्वारा नियुक्त अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य का पद या राज्य सरकार द्वारा गठित झारखंड राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष का पद ।