section 18
नियम बनाने की शक्ति
The Chhattisgarh Lok Parisar (Bedakhli) Adhiniya, 1974(1) राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकेगी।
(2) विशिष्टतया तथा पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियमों में निम्नलिखित समस्त विषयों या उनमें से किसी विषय के लिए उपबंध हो सकें, अर्थात् :-
(क) किसी भी ऐसी सूचना का प्रारूप जिसका कि इस अधिनियम के अधीन दिया जाना अपेक्षित या प्राधिकृत किया गया हो, तथा वह रीति जिसमें कि उसकी तामील की जा सकेगी; (ख) इस अधिनियम के अधीन जांचों का किया जाना; (ग) सक्षम प्राधिकारियों को कार्य का वितरण तथा बंटवारा, किसी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष लंबित किसी कार्यवाही को अन्य सक्षम प्राधिकारी को हस्तांतरित करने; (घ) लोक परिसरों का कब्जा लेने के संबंध में अनुसरित की जाने वाली प्रक्रिया; (ङ) वह रीति जिसमें प्राधिकृत अधिभोग के लिए नुकसानी का निर्धारण किया जा सकेगा और वे सिद्धांत जो कि ऐसी नुकसानी का निर्धारण करते समय ध्यान में रखे जा सकें; (च) वह रीति जिसमें अपीलें की जा सकेंगी तथा वह प्रक्रिया जो कि अपीलों में अपील प्राधिकारी द्वारा अनुसरित की जाएगी; (छ) कोई अन्य विषय जो विहित किया जाना हो या विहित किया जाए।
(3) इस अधिनियम के अधीन बनाए गए समस्त नियम विधान सभा के पटल पर रखे जाएंगे।
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