section 14
सभपवि की कुकी
The Chhattisgarh Dakaiti aur Vyapaharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam, 1981(1) यर्द म्जिा मम्जस्रेट के पास िह समझिे का कारण हो क्रक क्रकसी डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र में रहिे िािा कोई व्यम्तत उस क्षेत्र में-या अन्यत्र ऐसी सभपवि िारण करता है या यह क्रक डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र के बाहर रहिे िािा कोई व्यम्तत डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र में ऐसी सभपवि िारण करता है, म्जसके बारे में िह समािािकर रूप में िेिा-जोिा िहीां दे सकता है, तो िह उस प्रभाि की घोषणा कर सकेगा और उतत सभपवि की कुकी का आदेश दे सकेगा । (2) उपिारा (1) के अिीि सभपवि की कुकी कर िी जािे पर सांर्हता के उपबन्ि उसे िागू होंगे । (3) सांर्हता के उपबन्िों के होते हुये भी, म्जिा मम्जस्रेट, प्रनतभू के बदिे, एक प्रशासक नियुतत कर सकेगा म्जसे उस सभपवि का प्रशासि करिे के लिये ऐसी समस्त शम्ततयां होगी म्जन्हें िह सभपवि के सिोिम र्हत में उधचत समझे । (4) म्जिा मम्जस् रेट, सभपवि के उधचत और प्रभािी प्रशासि के हेतु, प्रशासक के लिये पुलिस सहायता की व्यिस्था कर सकेगा । (5) सभपवि के प्रशासि पर उपगत व्यय, म्जिके अन्तगित पुलिस सहायता पर उपगत व्यय भी आते हैं. सभपवि पर भार होंगे ।
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