section 5
वि िवियायायय क शक्तियां औ कत्य
The Vyas Vidhya Peeth University, Jodhpur Act, 2022वि िवियायायय क क्तिकयां औ क
त ्य.- द् ्द्यायायय की
ननम्नलयणखत जक्तयां और क
ृ त्य होंगे, अथाकत ् :- (क) अन र स व ू
च 2 में द्ननदेकष्ट ाखाओं में ल ्र् का उठबंप करना
और अन र स वंपान और ्ान के अली्पकन और प्रस वार के लयए उठबंप करना;
(ख) ऐस व तों के अध्यप न रहते ह
र ए, जध द् ्द्यायायय अ्पाररत करे, व्यजक्तयों कध ठरय्ाओं, म ू ल्यांकन या ककस व ी अन्य रयनत स वे ठरय्र् के आपार ठर र्डप्यधमा या
प्रमार्ठ् ेेना और उठागपयां या अन्य ै्णर्क उठागपयां
प्रेान करना, और वधस व और ठयाकप्त कारर् स वे ककन्हयं ी
ऐस वे र्डप्यधमों, प्रमार्ठ्ों, उठागपयों या अन्य ै्णर्क
उठागपयों कध ्ाठस व येना;
(ग) नन्े बाह्य अध्ययन और द्स्तार स वे्ा आयधजजत करना
और हाथ में येना; (घ) द्दहत रयनत स वे माने उठागपयां या अन्य उठागपयां प्रेान करना;
(ङ) ठ्ाचार स वदहत ल ्र् और ऐस वे अन्य ठाठ यक्रम, जध
अ्पाररत ककये जायें, का उठबंप करना; (च) द् ्द्यायायय या्ारा अठेक्ष्त आचायक ठे, स वह आचायक ठे,
स वहायक आचायक ठे और अन्य अध्याठन या ै्णर्क ठेों
कध स वंजस्थत करना और उन ठर ननय र जक्त करना; (छ) प्र ास वननक, लयदठक्गीय और अन्य ठेों कध स व ृ जजत करना और उन ठर ननय र जक्तयां करना;
्ान रखने ्ाये व्यजक्तयों कध ननय र क्त करना;
स वहयधग करना या स वहय र क्त हधना जध द् ्द्यायायय अ्पाररत करे; (ञ) अध्ययन केन्र स्थादठत करना, और अन र स वंपान और ल ्र् के
द् ्द्यायायय की राय में उस वके उयाेेय कध अग्रस वर करने के लयए आ्यक हैं; (ट) अध्येता् ृ दत्तयां, छा्् ृ दत्तयां, अध्ययन् ृ दत्तयां, ठेक और ठ र रस्कार स वंजस्थत करना और प्रेान करना; (व) द् ्द्यायायय के छा्ों के लयए छा्ा्ास वों की स्थाठना करना और उनका स वंपारर् करना; (ड) अन र
स वंपान और ठराम क के लयए उठबंप करना, और उस व
प्रयधजन के लयए अन्य स वंस्थानों या ननकायों के स वाथ ऐस वे स वमझौते करना जध द् ्द्यायायय आ्यक स वमझे; (ढ) द् ्द्यायायय में प्र्े के लयए मानक अ्पाररत करना जजस वमें ठरय्ा, म ू
ल्यांकन या ठरय्र् की कध ी अन्य
रयनत स वजम्मलयत हध स वकेग ; (र्) फीस वों और अन्य प्रीारों की मांग करना और स वंेाय प्राप्त करना; (त) द् ्द्यायायय के छा्ों के नन्ास व का ठयक्े्र् करना और उनके स््ास््य और स वामान्य कल्यार् की अली् ृ यागप के लयए व्य्स्था करना;
(थ) छा्ाओं के स वंबंप में ऐस व द् ेष व्य्स्थाएं करना जजन्हें
द् ्द्यायायय ्ांछन य स वमझे; (े) द् ्द्यायायय के कमकचाररयों और छा्ों में अन र ास वन का
द्ननयमन और प्र्तकन करना और इस व स वंबंप में ऐस वे
अन र
ास वननक उठाय करना जजन्हें द् ्द्यायायय या्ारा
आ्यक स वमझा जाये;
(प) द् ्द्यायायय के कमकचाररयों के स््ास््य और स वामान्य
कल्यार् के उन्नयन के लयए व्य्स्था करना;
(न) ेान प्राप्त करना और ककस व ी जंगम या स्था्र स वंठदत्त का
अजकन करना, पारर् करना, प्रबंप करना और व्ययन करना; (ठ) द् ्द्यायायय के प्रयधजनों के लयए, प्रायधजक ननकाय के अन र मधेन स वे पन उपार येना; (फ) प्रायधजक ननकाय के अन र मधेन स वे द् ्द्यायायय की स वंठदत्त कध बंपक या आडमान रखना; (ब) ठरय्ा केन्र स्थादठत करना; (ी) यह स व र ननजचत करना कक उठागपयों, र्डप्यधमों, प्रमार्ठ्ों और
ृ त्त
ककस व द्गप के या्ारा या अप न स्थादठत ्ैस वे हय अन्य
ननकायों या्ारा अगपकगथत ककये गये हों; (म) तत्स वमय प्र् ृ
त्त ककस व अन्य द्गप के उठबंपों के अध्यप न
रहते ह र
ए, राज्य के ी तर नन्े बाह्य केन्र स्थादठत करना;
और
आ्यक, आन र षंगगक या स वहायक हों।
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