section 2
ठर ाषाएं
The Vyas Vidhya Peeth University, Jodhpur Act, 2022ठर ाषाएं.- इस व अगपननयम में, जब तक कक स वंेीक स वे
अन्यथा अठेक्ष्त न हध,-
के अप न स्थादठत अणखय ीारत य तकन की ल ्ा ठररषया अलीप्रेत है; (ख) ''्ै औ अ ठ '' स वे केन्रयय स वरकार की द्त्तठधषर् एजेन्स व - ्ै्ाननक और औयायधगगक अन र
स वंपान ठररषया, न देल्यय
अलीप्रेत है; (ग) ''आयधग'' स वे राष् रयय आय र
अप न गदवत राष् रयय आय र द्क्ान आयधग अलीप्रेत है; (घ) ''े ू ल ब् य ू '' स वे ीारत में े ू रस् थ ल ्ा कध द्ननयलमत करने
के लयए द् ्द्यायायय अन
र ेान आयधग या्ारा स् थादठत े ू रस्थ ल ्ा ब् य ू रध अलीप्रेत है; (ङ) ''े ू
रस्थ ल ्ा'' स वे स वंचार अथाकत
् प्रस वारर्, टेययकाजस्टंग,
(च) ''द् प्रौ द् '' स वे केन्रयय स वरकार का द््ान और प्रौयायधगगकी द्ीाग अलीप्रेत है;
(छ) ''कमकचारय'' स वे द् ्द्यायायय में कायक करने के लयए
द् ्द्यायायय या्ारा ननय र
क्त कध व्यजक्त अलीप्रेत है और
इस वमें द् ्द्यायायय के अध्याठक, अगपकारय तथा अन्य कमकचारय स वजम्मलयत हैं;
(झ) ''स वरकार'' स वे राजस्थान की राज्य स वरकार अलीप्रेत है; (ञ) ''उच्चतर ल ्ा'' स वे 10+2 स्तर स वे ऊठर ्ान के अध्ययन के लयए ठाठ यचयाक या ठाठ यक्रम का अध्ययन अलीप्रेत है;
(ट) ''छा्ा्ास व'' स वे द् ्द्यायायय या उस वके महाद्यायाययों,
स वंस्थाओं या केन्रों के छा्ों के लयए द् ्द्यायायय या्ारा
स वंपाररत या मान्यताप्राप्त नन्ास व स्थान
अलीप्रेत है; (व) ''ीा क ृ अ ठ '' स वे स वधस वाइटय रजजस्रयकरर् अगपननयम, 1860
(1860 का केन्रयय अगपननयम स वं 21) के अप न
रजजस्रयक ृ त स वधस वाइटय - ीारत य क ृ दष अन र स वंपान ठररषया अलीप्रेत है; (ड) ''रा नन प्र ठ '' स वे द् ्द्यायायय अन र ेान आयधग की एक स््ायत्त स वंस्था-राष्रयय ननपाकरर् और प्रत्यायन ठररषया, बंगयधर अलीप्रेत है;
के अप न गदवत राष्रयय अध्याठक ल ्ा ठररषया अलीप्रेत है;
(र्) ''नन्े बाह्य केन्र'' स वे द् ्द्यायायय या्ारा म
र ख् य नन्े
द् ्द्यायायय की ठ ू रक स व र द्पाएं, स वंकाय और स्टाफ हध;
ठररननयमों या्ारा द्दहत अलीप्रेत है;
(े) ''द्ननयमन ननकाय'' स वे उच्चतर ल ्ा के ै्णर्क मानक
स व र
ननजचत करने के लयए मानेण्ड और तें अगपकगथत
करने के लयए तत्स वमय प्र् ृ
ीा क ृ अ ठ , े ू ल ब् य ू
, ्ै औ अ ठ आदे अलीप्रेत हैं और
इस वमें राज्य स वरकार स वजम्मलयत है; (प) ''ननयम'' स वे इस व अगपननयम के अप न बनाये गये ननयम अलीप्रेत हैं; (न) ''अन र स व ू च '' स वे इस व अगपननयम की अन र स व ू च अलीप्रेत है;
(ठ) ''प्रायधजक ननकाय'' स वे राजस् थान द्कास व स वंस् थान जधपठ
र र
ू 80302आरजे 2012
एनठ एय037802 देनांक 2 2 2012 ठर रजजस् रयक
ृ त एक
स वधस वाइटय है अलीप्रेत है;
(फ) ''ठररननयम'', ''आर्डकनेन्स व' और ''द्ननयम'' स वे इस व अगपननयम के अप न बनाये गये द् ्द्यायायय के क्रम ः ठररननयम, आर्डकनेन्स व और द्ननयम अलीप्रेत हैं; (ब) ''द् ्द्यायायय का छा्'' स वे ऐस वा व्यजक्त अलीप्रेत है जध द् ्द्यायायय या्ारा स वम्यक ्
अन र स वंपान उठागप स वजम्मलयत है, ठाठ यक्रमान र स वार अध्ययन करने हेत र द् ्द्यायायय में नामांककत हध; (ी) ''अध्ययन केन्र'' स वे े ू रस्थ ल ्ा के स वंेीक में स वयाह ेेने,
ठराम क करने या छा्ों या्ारा अठेक्ष्त कध अन्य स वहायता
ेेने के प्रयधजन के लयए द् ्द्यायायय या्ारा स्थादठत
और स वंपाररत या मान्यताप्राप्त कध केन्र अलीप्रेत है;
(म) ''अध्याठक'' स वे द् ्द्यायायय के ठाठ यक्रम का अध्ययन करने के लयए छा्ों कध ल ्ा ेेने या अन र स वंपान में
(य) ''द् अ आ '' स वे द् ्द्यायायय अन र ेान आयधग अगपननयम, 1956 (1956 का केन्रयय अगपननयम स वं 3) की पारा 4 के अप न स्थादठत द् ्द्यायायय अन र ेान आयधग अलीप्रेत है; (यक) ''द् ्द्यायायय'' स वे व् यास व द्याया ठ व द् ्द्यायायय जधपठ र र अलीप्रेत है।
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