Vyas Vidhya Peeth University Act
The Vyas Vidhya Peeth University, Jodhpur Act, 2022
1. संक्षिप्क न वां , प्रसा औ प्रा म्
संक्षिप्क न वां , प्रसा औ प्रा म् .- (1) इस व अगपननयम का नाम व् यास व द्याया ठ व द् ्द्यायायय जधपठ
र
र अगपननयम 2022 है। (2) इस वका प्रस वार स वम्ठ
ू
र्क राजस्थान राज्य में है। (3) यह त
र रन् त प्र् ृ त्त हधगा।
2. ठर ाषाएं
ठर ाषाएं.- इस व अगपननयम में, जब तक कक स वंेीक स वे
अन्यथा अठेक्ष्त न हध,-
के अप न स्थादठत अणखय ीारत य तकन की ल ्ा ठररषया अलीप्रेत है; (ख) ''्ै औ अ ठ '' स वे केन्रयय स वरकार की द्त्तठधषर् एजेन्स व - ्ै्ाननक और औयायधगगक अन र
स वंपान ठररषया, न देल्यय
अलीप्रेत है; (ग) ''आयधग'' स वे राष् रयय आय र
अप न गदवत राष् रयय आय र द्क्ान आयधग अलीप्रेत है; (घ) ''े ू ल ब् य ू '' स वे ीारत में े ू रस् थ ल ्ा कध द्ननयलमत करने
के लयए द् ्द्यायायय अन
र ेान आयधग या्ारा स् थादठत े ू रस्थ ल ्ा ब् य ू रध अलीप्रेत है; (ङ) ''े ू
रस्थ ल ्ा'' स वे स वंचार अथाकत
् प्रस वारर्, टेययकाजस्टंग,
(च) ''द् प्रौ द् '' स वे केन्रयय स वरकार का द््ान और प्रौयायधगगकी द्ीाग अलीप्रेत है;
(छ) ''कमकचारय'' स वे द् ्द्यायायय में कायक करने के लयए
द् ्द्यायायय या्ारा ननय र
क्त कध व्यजक्त अलीप्रेत है और
इस वमें द् ्द्यायायय के अध्याठक, अगपकारय तथा अन्य कमकचारय स वजम्मलयत हैं;
(झ) ''स वरकार'' स वे राजस्थान की राज्य स वरकार अलीप्रेत है; (ञ) ''उच्चतर ल ्ा'' स वे 10+2 स्तर स वे ऊठर ्ान के अध्ययन के लयए ठाठ यचयाक या ठाठ यक्रम का अध्ययन अलीप्रेत है;
(ट) ''छा्ा्ास व'' स वे द् ्द्यायायय या उस वके महाद्यायाययों,
स वंस्थाओं या केन्रों के छा्ों के लयए द् ्द्यायायय या्ारा
स वंपाररत या मान्यताप्राप्त नन्ास व स्थान
अलीप्रेत है; (व) ''ीा क ृ अ ठ '' स वे स वधस वाइटय रजजस्रयकरर् अगपननयम, 1860
(1860 का केन्रयय अगपननयम स वं 21) के अप न
रजजस्रयक ृ त स वधस वाइटय - ीारत य क ृ दष अन र स वंपान ठररषया अलीप्रेत है; (ड) ''रा नन प्र ठ '' स वे द् ्द्यायायय अन र ेान आयधग की एक स््ायत्त स वंस्था-राष्रयय ननपाकरर् और प्रत्यायन ठररषया, बंगयधर अलीप्रेत है;
के अप न गदवत राष्रयय अध्याठक ल ्ा ठररषया अलीप्रेत है;
(र्) ''नन्े बाह्य केन्र'' स वे द् ्द्यायायय या्ारा म
र ख् य नन्े
द् ्द्यायायय की ठ ू रक स व र द्पाएं, स वंकाय और स्टाफ हध;
ठररननयमों या्ारा द्दहत अलीप्रेत है;
(े) ''द्ननयमन ननकाय'' स वे उच्चतर ल ्ा के ै्णर्क मानक
स व र
ननजचत करने के लयए मानेण्ड और तें अगपकगथत
करने के लयए तत्स वमय प्र् ृ
ीा क ृ अ ठ , े ू ल ब् य ू
, ्ै औ अ ठ आदे अलीप्रेत हैं और
इस वमें राज्य स वरकार स वजम्मलयत है; (प) ''ननयम'' स वे इस व अगपननयम के अप न बनाये गये ननयम अलीप्रेत हैं; (न) ''अन र स व ू च '' स वे इस व अगपननयम की अन र स व ू च अलीप्रेत है;
(ठ) ''प्रायधजक ननकाय'' स वे राजस् थान द्कास व स वंस् थान जधपठ
र र
ू 80302आरजे 2012
एनठ एय037802 देनांक 2 2 2012 ठर रजजस् रयक
ृ त एक
स वधस वाइटय है अलीप्रेत है;
(फ) ''ठररननयम'', ''आर्डकनेन्स व' और ''द्ननयम'' स वे इस व अगपननयम के अप न बनाये गये द् ्द्यायायय के क्रम ः ठररननयम, आर्डकनेन्स व और द्ननयम अलीप्रेत हैं; (ब) ''द् ्द्यायायय का छा्'' स वे ऐस वा व्यजक्त अलीप्रेत है जध द् ्द्यायायय या्ारा स वम्यक ्
अन र स वंपान उठागप स वजम्मलयत है, ठाठ यक्रमान र स वार अध्ययन करने हेत र द् ्द्यायायय में नामांककत हध; (ी) ''अध्ययन केन्र'' स वे े ू रस्थ ल ्ा के स वंेीक में स वयाह ेेने,
ठराम क करने या छा्ों या्ारा अठेक्ष्त कध अन्य स वहायता
ेेने के प्रयधजन के लयए द् ्द्यायायय या्ारा स्थादठत
और स वंपाररत या मान्यताप्राप्त कध केन्र अलीप्रेत है;
(म) ''अध्याठक'' स वे द् ्द्यायायय के ठाठ यक्रम का अध्ययन करने के लयए छा्ों कध ल ्ा ेेने या अन र स वंपान में
(य) ''द् अ आ '' स वे द् ्द्यायायय अन र ेान आयधग अगपननयम, 1956 (1956 का केन्रयय अगपननयम स वं 3) की पारा 4 के अप न स्थादठत द् ्द्यायायय अन र ेान आयधग अलीप्रेत है; (यक) ''द् ्द्यायायय'' स वे व् यास व द्याया ठ व द् ्द्यायायय जधपठ र र अलीप्रेत है।
3. नन व ं न व
नन व ं न व.- (1) द् ्द्यायायय के प्रथम चेयरठस वकन और प्रथम प्रेस व डेन्ट और प्रबंप बधडक और द्याया ठररषया के प्रथम स वेस्य और ऐस वे
स वी व्यजक्तयों, जध इस वके ठ चात
् ऐस वे अगपकारय या स वेस्य हध जाते हैं, जब तक ्े ऐस वा ठे या स वेस्यता पारर् ककये रहते हैं, स वे इस वके या्ारा
व् यास व द्याया ठ व द् ्द्यायायय जधपठ
र र के नाम स वे एक ननगलमत ननकाय गदवत ककया जाता है।
- (2) अन र स व ू
अगपननयम के प्रारंी हधने के वीक ठ चात ् ऐस वा ननदहत करने के लयए केम उवायेगा।
- (3) द् ्द्यायायय का ा्त उत्तरागपकार और एक स वामान्य म र
रा हधग और ्ह उक्त नाम स वे ्ाे या स वकेगा और उस व ठर ्ाे
याया जा स वकेगा।
- (4) द् ्द्यायायय ग्राम झायामण् ड ठायय रध़, जजया जधपठ र र (राजस् थान) में अ्जस्थत हधगा और ्हयं उस वका म र ख् यायय हधगा।
4. वि िवियायायय के यादेय
वि िवियायायय के यादेय.- द् ्द्यायायय के उयाेेय
अन र स व ू
च 2 में द्ननदेकष्ट ाखाओं में और ऐस व अन्य ाखाओं में, जध
द् ्द्यायायय, राज्य स वरकार के ठ ू ्क अन र मधेन स वे, स वमय-स वमय ठर अ्पाररत करे, अन र
स वंपान और अध्ययन हाथ में येने तथा उक्त ाखाओं
में उत्क ृ ष्टता प्राप्त करने और ्ान का प्रस वार करने के हैं।
5. वि िवियायायय क शक्तियां औ कत्य
वि िवियायायय क क्तिकयां औ क
त ्य.- द् ्द्यायायय की
ननम्नलयणखत जक्तयां और क
ृ त्य होंगे, अथाकत ् :- (क) अन र स व ू
च 2 में द्ननदेकष्ट ाखाओं में ल ्र् का उठबंप करना
और अन र स वंपान और ्ान के अली्पकन और प्रस वार के लयए उठबंप करना;
(ख) ऐस व तों के अध्यप न रहते ह
र ए, जध द् ्द्यायायय अ्पाररत करे, व्यजक्तयों कध ठरय्ाओं, म ू ल्यांकन या ककस व ी अन्य रयनत स वे ठरय्र् के आपार ठर र्डप्यधमा या
प्रमार्ठ् ेेना और उठागपयां या अन्य ै्णर्क उठागपयां
प्रेान करना, और वधस व और ठयाकप्त कारर् स वे ककन्हयं ी
ऐस वे र्डप्यधमों, प्रमार्ठ्ों, उठागपयों या अन्य ै्णर्क
उठागपयों कध ्ाठस व येना;
(ग) नन्े बाह्य अध्ययन और द्स्तार स वे्ा आयधजजत करना
और हाथ में येना; (घ) द्दहत रयनत स वे माने उठागपयां या अन्य उठागपयां प्रेान करना;
(ङ) ठ्ाचार स वदहत ल ्र् और ऐस वे अन्य ठाठ यक्रम, जध
अ्पाररत ककये जायें, का उठबंप करना; (च) द् ्द्यायायय या्ारा अठेक्ष्त आचायक ठे, स वह आचायक ठे,
स वहायक आचायक ठे और अन्य अध्याठन या ै्णर्क ठेों
कध स वंजस्थत करना और उन ठर ननय र जक्त करना; (छ) प्र ास वननक, लयदठक्गीय और अन्य ठेों कध स व ृ जजत करना और उन ठर ननय र जक्तयां करना;
्ान रखने ्ाये व्यजक्तयों कध ननय र क्त करना;
स वहयधग करना या स वहय र क्त हधना जध द् ्द्यायायय अ्पाररत करे; (ञ) अध्ययन केन्र स्थादठत करना, और अन र स वंपान और ल ्र् के
द् ्द्यायायय की राय में उस वके उयाेेय कध अग्रस वर करने के लयए आ्यक हैं; (ट) अध्येता् ृ दत्तयां, छा्् ृ दत्तयां, अध्ययन् ृ दत्तयां, ठेक और ठ र रस्कार स वंजस्थत करना और प्रेान करना; (व) द् ्द्यायायय के छा्ों के लयए छा्ा्ास वों की स्थाठना करना और उनका स वंपारर् करना; (ड) अन र
स वंपान और ठराम क के लयए उठबंप करना, और उस व
प्रयधजन के लयए अन्य स वंस्थानों या ननकायों के स वाथ ऐस वे स वमझौते करना जध द् ्द्यायायय आ्यक स वमझे; (ढ) द् ्द्यायायय में प्र्े के लयए मानक अ्पाररत करना जजस वमें ठरय्ा, म ू
ल्यांकन या ठरय्र् की कध ी अन्य
रयनत स वजम्मलयत हध स वकेग ; (र्) फीस वों और अन्य प्रीारों की मांग करना और स वंेाय प्राप्त करना; (त) द् ्द्यायायय के छा्ों के नन्ास व का ठयक्े्र् करना और उनके स््ास््य और स वामान्य कल्यार् की अली् ृ यागप के लयए व्य्स्था करना;
(थ) छा्ाओं के स वंबंप में ऐस व द् ेष व्य्स्थाएं करना जजन्हें
द् ्द्यायायय ्ांछन य स वमझे; (े) द् ्द्यायायय के कमकचाररयों और छा्ों में अन र ास वन का
द्ननयमन और प्र्तकन करना और इस व स वंबंप में ऐस वे
अन र
ास वननक उठाय करना जजन्हें द् ्द्यायायय या्ारा
आ्यक स वमझा जाये;
(प) द् ्द्यायायय के कमकचाररयों के स््ास््य और स वामान्य
कल्यार् के उन्नयन के लयए व्य्स्था करना;
(न) ेान प्राप्त करना और ककस व ी जंगम या स्था्र स वंठदत्त का
अजकन करना, पारर् करना, प्रबंप करना और व्ययन करना; (ठ) द् ्द्यायायय के प्रयधजनों के लयए, प्रायधजक ननकाय के अन र मधेन स वे पन उपार येना; (फ) प्रायधजक ननकाय के अन र मधेन स वे द् ्द्यायायय की स वंठदत्त कध बंपक या आडमान रखना; (ब) ठरय्ा केन्र स्थादठत करना; (ी) यह स व र ननजचत करना कक उठागपयों, र्डप्यधमों, प्रमार्ठ्ों और
ृ त्त
ककस व द्गप के या्ारा या अप न स्थादठत ्ैस वे हय अन्य
ननकायों या्ारा अगपकगथत ककये गये हों; (म) तत्स वमय प्र् ृ
त्त ककस व अन्य द्गप के उठबंपों के अध्यप न
रहते ह र
ए, राज्य के ी तर नन्े बाह्य केन्र स्थादठत करना;
और
आ्यक, आन र षंगगक या स वहायक हों।
6. वि िवियायायय का स्ि-वित्तठधवषक हधन वा
6. वि िवियायायय का स्ि-वित्तठधवषक हधन वा.- द् ्द्यायायय स््-
द्त्तठधदषत हधगा और राज्य स वरकार स वे कध ी अन
र ेान या अन्य द्त्त य स वहायता प्राप्त करने का हकेार नहयं हधगा।
7. संबयाध क न वे क कक्तिक का न व हधन वा
7. संबयाध क न वे क क्तिक का न व हधन वा.- द् ्द्यायायय कध ककस व ी अन्य स वंस्था कध स वंबयाप करने या अन्यथा अठने द् ेषागपकार ेेने की जक्त नहयं हधग ।
8. विन्यास नन वधध
8. विन्यास नन वधध.- (1) इस व अगपननयम के प्र् ृ त्त हधने के ठ चात ्
की जायेग ।
- (2) द्न्यास व ननगप का प्रनती ू नत नन्ेठ के ूपठ में उठयधग यह स व र
ननजचत करने के लयए ककया जायेगा कक द् ्द्यायायय इस व
अगपननयम के उठबंपों का अन र ठायन करता है और इस व अगपननयम, ठररननयमों और आर्डकनेंस वों के उठबंपों के अन र स वार कायक करता है। यदे द् ्द्यायायय या प्रायधजक ननकाय इस व अगपननयम या तेप न बनाये
गये ठररननयमों, आर्डकनेंस वों, द्ननयमों या ननयमों के ककस व ी उठबंप का
उल्यंघन करता है तध राज्य स वरकार कध स वम्ठ ू र्क द्न्यास व ननगप या उस वका
ीाग द्दहत रयनत स वे स वमठहृत करने की जक्त हधग ।
- (3) द्न्यास व ननगप स वे प्राप्त आय का उठयधजन द् ्द्यायायय की अ्स वंरचना के द्कास व के लयए ककया जा स वकेगा ककन्त र उस वका उठयधग द् ्द्यायायय के आ्ती व्यय की ठ ू नतक करने में नहयं ककया जायेगा।
- (4) द्न्यास व ननगप की रकम, राज्य स वरकार या्ारा जारय की गय या प्रत्याी ू त ेयघककालयक प्रनती ू
जायेग या स वरकारय खजाने में ब्याज ्ाये प्रायधजक ननकाय के
- (5) ेयघककालयक प्रनती ू नतयों में द्ननपान के मामये में प्रनती ू नतयों के प्रमार्ठ् राज्य स वरकार की स व र रक्ष्त अलीर्ा में रखे जायेंगे और स वरकारय खजाने में ब्याज ्ाये व्यजक्तगत जमा येखा में
जमा के मामये में जमा इस व तक ठर की जायेग कक रकम राज्य स वरकार
की अन र ्ा के त्रबना नहयं ननकायय जायेग ।
9. साधा ण नन वधध
9. साधा ण नन वधध.- द् ्द्यायायय एक ननगप स्थादठत करेगा
जजस वे स वापारर् ननगप कहा जायेगा जजस वमें ननम्नलयणखत जमा ककया
जायेगा, अथाकत ् :-
(ग) द् ्द्यायायय या्ारा उस वके उया ेेयों के अन र स वरर् में ेय
गय ठराम ी स वे्ा और ककये गये अन्य कायक स वे प्राप्त
आय;
(घ) न्यास व, ्स व यत, ेान, द्न्यास व और अन्य कध अन
र ेान; और (ङ) द् ्द्यायायय या्ारा प्राप्त स वमस्त अन्य राल यां।
10. साधा ण नन वधध का ठयधोन व
कध ठ ू रा करने में ककया जायेगा: ठरन्त र
द् ्द्यायायय या्ारा कध ी व्यय ्षक के लयए क
र य आ्ती व्यय और क र य अना्ती व्यय की स व माओं, जध प्रबंप बधडक या्ारा ननयत की जायें, के बाहर, प्रबंप बधडक के ठ ू ्क अन र मधेन के त्रबना, उठगत नहयं ककया जायेगा।
11. वि िवियायायय के धधधका
् :-
- (i) चेयरठस वकन;
- (ii) प्रेस व डेन्ट;
- (iii) प्रनत-प्रेस व डेन्ट;
- (iv) प्रध्धस्ट;
- (v) क र यान र ास वक;
- (vi) स वंकायों के स वंकायाध्य्;
- (vii) क र य-स वगच्;
- (viii) म र ख् य द्त्त और येखा अगपकारय; और
- (ix) ऐस वे अन्य अगपकारय जध ठररननयमों या्ारा द् ्द्यायायय के अगपकारय घधदषत ककये जायें।
12. चेय ठससन व
12. चेय ठससन व.- (1) चेयरठस वकन, राज्य स वरकार की स वहमनत स वे प्रायधजक ननकाय या्ारा, उस वके ठे ग्रहर् करने की तारयख स वे ठांच ्षक की काया्गप के लयए ननय र क्त ककया जायेगा: ठरन्त र
चेयरठस वकन, उस वकी ठेा्गप स वमाप्त हधने ठर ी तब तक
ठे पारर् करेगा जब तक कक उस वका ठेधत्तर्ती ठे ग्रहर् नहयं कर येता है।
- (2) चेयरठस वकन के ठे की कध ररजक्त ऐस व ररजक्त की तारयख स वे छह मास व के ी तर-ी तर ीरय जायेग ।
- (3) चेयरठस वकन, उस वके ठेालीपान स वे द् ्द्यायायय का प्रपान हधगा।
- (4) चेयरठस वकन, यदे उठजस्थत हध, प्रबंप बधडक की बैवकों की और
- (5) चेयरठस वकन की ननम्नलयणखत जक्तयां होंग , अथाकत ् :- (क) द् ्द्यायायय के कायककयाठों के स वंबंप में ककस व ी स व ू चना या अलीयेख की अठे्ा करना; (ख) प्रेस व डेन्ट ननय र क्त करना; (ग) पारा 13 की उठ-पारा (11) के उठबंपों के अन र स वार प्रेस व डेन्ट कध हटाना; और
(घ) ऐस व अन्य जक्तयां जध ठररननयमों या्ारा द्दहत
की जायें।
13. प्रेस डेन्ट
13. प्रेस डेन्ट.- (1) प्रेस व डेन्ट की ननय र जक्त प्रबंप बधडक या्ारा
लस वफारर ककये गये कम स वे कम त न और ठांच स वे अनगपक व्यजक्तयों
के एक ठैनय में स वे चेयरठस वकन या्ारा की जायेग ।
- (2) कध ी व् यजक्त प्रेस व डेन्ट के ूपठ में ननय र जक्त का ठा् नहयं हधगा जब तक कक ्ह ककस व द् ्द्यायायय या महाद्यायायय में आचायक के ूपठ में न् य ू नतम ेस व ्षक का अन र ी् रखने ्ाया या ककस व
प्रनतजष्वत धप और/या ै्णर्क प्र ास वननक स वंगवन में ककस व स वमक्
ठे ठर ेस व ्षक का अन र
ी् रखने ्ाया कध प्रख् यात ल ्ाद्या नहयं है।
- (3) प्रेस व डेन्ट की ठेा्गप उस व तारयख स वे, जजस वकध ्ह अठना ठे ग्रहर् करता है, त न ्षक या उस वके स वत्तर ्षक की आय र प्राप्त कर येने
तक, इनमें स वे जध ी ठहये हध, हधग :
ठरन्त र ्हय व्यजक्त ठ र नननकय र जक्त का ठा् हधगा: ठरन्त र
ग्रहर् नहयं कर येता है।
- (4) प्रेस व डेन्ट के चयन के प्रयधजन के लयए प्रबंप बधडक ककस व यधक स व ू चना के माध् यम स वे ठा् व् यजक्तयों स वे आ्ेेन आमंत्र्त करेगा और प्रेस व डेन्ट के ूपठ में ननय र क् त ककये जाने ्ाये व् यजक्तयों के नामों ठर
द्चार करते स वमय प्रबंप बधडक ै्णर्क उत् क
ृ
ठयाकप् त अन र ी् कध उगचत महत् ् ेेगा और अठने ननष् कषों कध येखबयाप करेगा और उन् हें चेयरठस वकन कध प्रस् त र त ककये जाने ्ाये ठैनय के स वाथ रखेगा।
- (5) प्रेस व डेन्ट के ठे की कध ररजक्त ऐस व ररजक्त की तारयख स वे छह मास व के ी तर-ी तर ीरय जायेग ।
- (6) प्रेस व डेन्ट द् ्द्यायायय का प्रपान कायकठायक और ै्णर्क अगपकारय हधगा और द् ्द्यायायय के कायककयाठों का
स वापारर् अप ्र् और ननयं्र् करेगा और द् ्द्यायायय के
प्रागपकाररयों के द्ननचयों का ननष्ठाेन करेगा।
- (7) प्रेस व डेन्ट, चेयरठस वकन की अन र ठजस्थनत में द् ्द्यायायय के ेय्ांत स वमारधह की अध्य्ता करेगा।
- (8) यदे प्रेस व डेन्ट की राय में ककस व ी ऐस वे मामये में त र रन्त
् अठन
कारक्ा की ररठधटक घ्रानत घ्र ऐस वे अगपकारय या प्रागपकारय कध करेगा
जजस वने स वामान्य अन र क्रम में मामये कध ननठटाया हधता: ठरन्त र यदे स वंबंगपत अगपकारय या प्रागपकारय की राय में ऐस व
कारक्ा प्रेस व डेन्ट या्ारा नहयं की जान चादहए थ तध ऐस वा मामया
चेयरठस वकन कध ननदेकष्ट ककया जायेगा जजस व ठर उस वका द्ननचय अंनतम हधगा: ठरन्त र
ू
गचत ऐस व कारक्ा की तारयख स वे त न
मास व के ी तर-ी तर प्रबंप बधडक कध अठ य करने का हकेार हधगा और
प्रबंप बधडक, प्रेस व डेन्ट या्ारा की गय कारक्ा कध ठ
र ष्ट या उठांतररत कर स वकेगा या उयट स वकेगा।
- (9) यदे, प्रेस व डेन्ट की राय में द् ्द्यायायय के ककस व
बाहर है या उस वस वे द् ्द्यायायय के दहतों ठर प्रनतक ू य प्रीा् ठ़,ने की स वंीा्ना है तध ्ह स वंबंगपत प्रागपकारय कध उस वके द्ननचय की तारयख स वे ठन्रह देन के ी तर-ी तर द्ननचय का ठ र
नरय्र् करने का ननेे ेे
स वकेगा और यदे ऐस वा प्रागपकारय ऐस वे द्ननचय का ठ र नरय्र् करने स वे इंकार करता है या द्फय रहता है तध ऐस वा मामया चेयरठस वकन कध ननदेकष्ट ककया जायेगा और उस व ठर उस वका द्ननचय अंनतम हधगा।
- (10) प्रेस व डेन्ट ऐस व अन्य जक्तयों का प्रयधग और ऐस वे अन्य कतकव्यों का ठायन करेगा जध ठररननयमों या आर्डकनेंस वों या्ारा द्दहत ककये जायें।
- (11) यदे चेयरठस वकन का, उस वकध ककये गये ककस व अभ्या्ेेन ठर
या अन्यथा की गय या कर्ाय गय जांच ठर यह स वमापान हध जाये
कक प्रेस व डेन्ट का उस वके ठे ठर बने रहना द् ्द्यायायय के दहतों के प्रनतक ू य है या उस व जस्थनत में ऐस वा अठेक्ष्त हध तध ्ह लयणखत आेे या्ारा, उस वमें ऐस वा करने के कारर्ों कध ्णर्कत करते ह र ए, प्रेस व डेन्ट स वे
ऐस व तारयख स वे, जध आेे में द्ननदेकष्ट की जाये, उस वका ठे छध़,ने के
लयए कह स वकेगा: ठरन्त र
इस व उठ-पारा के अप न कध कारक्ा करने के ठ
ू ्क प्रेस व डेन्ट कध स व र
न्ा का अ्स वर देया जायेगा।
14. प्रनक-प्रेस डेन्ट
14. प्रनक-प्रेस डेन्ट.- (1) प्रनत-प्रेस व डेन्ट की ननय र जक्त चेयरठस वकन या्ारा प्रेस व डेन्ट के ठराम क स वे की जायेग ।
- (2) प्रनत-प्रेस व डेन्ट त न ्षक की काया्गप के लयए ठे पाररत करेगा और े ू स वरय ठेा्गप के लयए ठ र नननकय र जक्त का ठा् हधगा।
- (3) प्रनत-प्रेस व डेन्ट की स वे्ा की तें ऐस व होंग जध ठररननयमों या्ारा द्दहत की जायें।
- (4) यदे चेयरठस वकन का, उस वकध ककये गये ककस व अभ्या्ेेन ठर
या अन्यथा की गय या कर्ाय गय जांच ठर यह स वमापान हध जाये
कक प्रनत-प्रेस व डेन्ट का उस वके ठे ठर बने रहना द् ्द्यायायय के दहतों के प्रनतक ू य है या उस व जस्थनत में ऐस वा अठेक्ष्त हध तध ्ह लयणखत आेे या्ारा, उस वमें ऐस वा करने के कारर्ों कध ्णर्कत करते ह र ए, प्रनत-प्रेस व डेन्ट
स वे ऐस व तारयख स वे, जध आेे में द्ननदेकष्ट की जाये, उस वका ठे छध़,ने
के लयए कह स वकेगा: ठरन्त र
इस व उठ-पारा के अप न कध कारक्ा करने के ठ
ू ्क प्रनत- प्रेस व डेन्ट कध स व र
न्ा का अ्स वर देया जायेगा।
- (5) प्रनत-प्रेस व डेन्ट, ऐस वे मामयों में, जध प्रेस व डेन्ट या्ारा उस वे स वमय-स वमय ठर स वमन र ेेल त ककये जायें, प्रेस व डेन्ट की स वहायता करेगा
और ऐस व जक्तयों का प्रयधग और ऐस वे क
ृ त्यों का ठायन करेगा जध प्रेस व डेन्ट या्ारा उस वे प्रत्यायधजजत ककये जायें।
15. प्रधिधस्ट
15. प्रधिधस्ट.- (1) प्रध्धस्ट की ननय र जक्त प्रेस व डेन्ट या्ारा ऐस व
काया्गप के लयए और ऐस व रयनत स वे की जायेग जध ठररननयमों या्ारा
द्दहत की जाये।
- (2) प्रध्धस्ट द् ्द्यायायय में अन र ास वन कध स व र ननजचत करेगा और अध्याठकों और कमकचाररयों के द्लीन्न स वंघों कध द् ्द्यायायय की द्लीन्न न नतयों और ठयापनतयों के बारे में स व ू गचत करेगा।
- (3) प्रध्धस्ट ऐस व अन्य जक्तयों का प्रयधग और ऐस वे अन्य कतकव्यों का ठायन करेगा जध ठररननयमों या्ारा द्दहत ककये जायें।
16. क रयान व कासक
क रयान व कासक.- (1) क र यान र ास वक की ननय र जक्त प्रेस व डेन्ट
या्ारा ऐस व काया्गप के लयए और ऐस व रयनत स वे की जायेग जध
ठररननयमों या्ारा द्दहत की जाये।
- (2) क र यान र ास वक छा्ों में अन र ास वन बनाये रखने और द्लीन्न छा् स वंघों कध द् ्द्यायायय की द्लीन्न न नतयों और ठयापनतयों के बारे में स व ू
गचत करने के लयए उत्तरेाय हधगा।
- (3) क र यान र
ास वक ऐस व अन्य जक्तयों का प्रयधग और ऐस वे अन्य
कतकव्यों का ठायन करेगा जध ठररननयमों या्ारा द्दहत ककये जायें।
17. संकाय का संकायाध्यि
संकाय का संकायाध्यि.- (1) प्रत्येक स वंकाय के लयए एक स वंकायाध्य् हधगा जध प्रेस व डेन्ट या्ारा त न ्षक की काया्गप के लयए
ऐस व रयनत स वे ननय
र क्त ककया जायेगा जध ठररननयमों या्ारा द्दहत की जाये।
- (2) स वंकायाध्य्, प्रेस व डेन्ट के ठराम क स वे, जब की ी अठेक्ष्त हध, स वंकाय की बैवक ब र यायेगा और उस वकी अध्य्ता करेगा। ्ह स वंकाय की न नतयां और द्कास व कायकक्रम बनायेगा और उन्हें स वम र गचत प्रागपकाररयों कध उनके द्चाराथक प्रस्त र त करेगा।
- (3) स वंकाय का स वंकायाध्य् ऐस व अन्य जक्तयों का प्रयधग और ऐस वे अन्य कतकव्यों का ठायन करेगा जध ठररननयमों या्ारा द्दहत ककये जायें।
18. क य-सधचि
क य-सधचि.- (1) क र य-स वगच् की ननय र जक्त चेयरठस वकन या्ारा
ऐस व रयनत स वे की जायेग जध ठररननयमों या्ारा द्दहत की जाये।
- (2) द् ्द्यायायय की ओर स वे क र
य-स वगच् या्ारा स वी स वंद्ेाएं
हस्ता्ररत और स वी ेस्ता्ेज तथा अलीयेख अगपप्रमाणर्त ककये जायेंगे।
- (3) क र य-स वगच् प्रबंप बधडक और द्याया ठररषया का स वेस्य-स वगच् हधगा ककन्त र उस वे मत ेेने का अगपकार नहयं हधगा।
- (4) क र
य-स वगच् ऐस व अन्य जक्तयों का प्रयधग और ऐस वे अन्य
कतकव्यों का ठायन करेगा जध ठररननयमों या्ारा द्दहत ककये जायें।
19. ं
ं र
ख् य वित्त औ येाा धधधका ..- (1) प्रेस व डेन्ट या्ारा म
र ख् य द्त्त और येखा अगपकारय की ननय र
जक्त ऐस व रयनत स वे की जायेग जध
ठररननयमों या्ारा द्दहत की जाये।
- (2) म र
ख् य द्त्त और येखा अगपकारय ऐस व जक्तयों का प्रयधग
और ऐस वे कतकव्यों का ठायन करेगा जध ठररननयमों या्ारा द्दहत ककये जायें।
20. धन्य धधधका
धन्य धधधका ..- (1) द् ्द्यायायय इतने अन्य
अगपकाररयों की ननय र जक्त कर स वकेगा जजतने उस वके क ृ त्यकरर् के लयए आ्यक हों।
- (2) ऐस वे अगपकाररयों की ननय र
जक्त की रयनत और जक्तयां और
क ृ त्य ऐस वे होंगे जध ठररननयमों या्ारा द्दहत ककये जायें।
21. वि िवियायायय के प्राधधका
् :-
- (i) प्रबंप बधडक;
- (ii) द्याया ठररषया;
- (iii) स वंकाय; और
- (iv) ऐस वे अन्य प्रागपकारय, जजन्हें ठररननयमों या्ारा द् ्द्यायायय के प्रागपकारय हधना घधदषत ककया जाये।
22. प्रबंध बधडस
22. प्रबंध बधडस.- (1) द् ्द्यायायय के प्रबंप बधडक में
ननम्नलयणखत होंगे, अथाकत ् :- (क) चेयरठस वकन; (ख) प्रेस व डेन्ट; (ग) प्रायधजक ननकाय या्ारा नामनने े ल त ठांच व्यजक्त जजनमें स वे ेध द्ख् यात ल ्ाद्या या अन र स व ू च 2 में
द्ननदेकष्ट ाखाओं के द् ेष् होंगे;
(घ) चेयरठस वकन या्ारा नामनने े ल त द् ्द्यायायय के बाहर स वे प्रबंप या स व ू चना प्रौयायधगगकी का एक द् ेष्; (ङ) चेयरठस वकन या्ारा नामनने े ल त एक द्त्त द् ेष्; (च) आय र क्त, महाद्यायायय ल ्ा या उस वका नामनने े ल त , जध उठ स वगच् स वे न चे की रैंक का न हध; और (छ) प्रेस व डेन्ट या्ारा नामनने े ल त ेध अध्याठक।
- (2) प्रबंप बधडक, द् ्द्यायायय का प्रपान कायकठायक ननकाय हधगा। द् ्द्यायायय की स वमस्त जंगम और स्था्र स वंठदत्त प्रबंप बधडक
में ननदहत हधग । उस वकी ननम्नलयणखत जक्तयां होंग , अथाकत
् :-
(क) ऐस व स वी जक्तयों का प्रयधग करते ह
र ए जध इस व अगपननयम या तेप न बनाये गये ठररननयमों, आर्डकनेंस वों, द्ननयमों या ननयमों या्ारा उठबंगपत हैं, स वापारर् अप ्र् और ननेे न का उठबंप करना और द् ्द्यायायय के कायककरर् ठर ननयं्र् करना; (ख) द् ्द्यायायय के अन्य प्रागपकाररयों या्ारा ककये गये द्ननचयों का उस व े ा में ठ र नरय्र् करना जब ्े इस व अगपननयम या तेप न बनाये गये ठररननयमों, आर्डकनेंस वों, द्ननयमों या ननयमों के अन र ूपठ न हों; (ग) द् ्द्यायायय के बजट और ्ादषकक ररठधटक का अन र मधेन करना; (घ) द् ्द्यायायय या्ारा अन र स वरर् की जाने ्ायय न नतयां अगपकगथत करना; (ङ) द् ्द्यायायय के स््ैजच्छक ठररस वमाठन के बारे में
ू े द् ्द्यायायय का स वहज क ृ त्यकरर् स वंी् न हध; और
(च) ऐस व अन्य जक्तयां जध ठररननयमों या्ारा द्दहत की
जायें।
- (3) प्रबंप बधडक की ककस व कयैंडर ्षक में कम स वे कम त न बैवकें होंग ।
- (4) प्रबंप बधडक की बैवकों की गर्ठ ू नतक ठांच स वे हधग ।
23. वियाया ठर षया
23. वियाया ठर षया.- (1) द्याया ठररषया में प्रेस व डेन्ट और इतने अन्य स वेस्य होंगे जजतने ठररननयमों या्ारा द्दहत ककये जायें।
- (2) प्रेस व डेन्ट द्याया ठररषया का अध्य् हधगा।
- (3) द्याया ठररषया द् ्द्यायायय की प्रपान ै्णर्क ननकाय
हधग और इस व अगपननयम और तेप न बनाये गये ननयमों, द्ननयमों,
ठररननयमों या आर्डकनेंस वों के उठबंपों के अध्यप न रहते ह र ए,
द् ्द्यायायय की ै्णर्क न नतयों में स वमन््य रखेग और उन ठर
स वापारर् अप ्र् का प्रयधग करेग ।
- (4) द्याया ठररषया की बैवकों के लयए गर्ठ ू
नतक ऐस व हधग जध
ठररननयमों या्ारा द्दहत की जाये।
24. धन्य प्राधधका
24. धन्य प्राधधका ..- द् ्द्यायायय के अन्य प्रागपकाररयों की
स वंरचना, गवन, जक्तयां और क
ृ त्य ऐस वे होंगे जध ठररननयमों या्ारा द्दहत ककये जायें।
25. प्राधधका क सदस्यका के लयए नन व हसका
ननरदहकत हधगा, यदे ्ह-
(क) द्क ृ त गचत्त है और स व्म न्यायायय या्ारा ऐस वा घधदषत है;
(ख) अन
र न्मधगचत दे्ालयया है;
(ग) नैनतक अपमता स वे अन्त्कलयत ककस व अठराप के लयए
लस वयापेधष वहराया गया है;
(घ) प्राइ्ेट कधगचंग क्ाएं स वंचालयत कर रहा है या उस वमें
स््यं यग रहा है; या
र गचत आचरर् में लयप्त रहने या उस वकध बढ़ा्ा ेेने के लयए ेजण्डत हध च र का है।
26. र ्तिकयों से वि िवियायायय के ककस प्राधधका क कायसिाहहयों का धविधधं ान्य न व हधन वा
र ्तिकयों से वि िवियायायय के ककस प्राधधका क कायसिाहहयों का धविधधं ान्य न व हधन वा.- द् ्द्यायायय के ककस व ी प्रागपकारय का कध कायक या कायक्ाहय उस वके गवन में मा् ककस व ररजक्त के या ्
र दट के कारर् स वे अद्गपमान्य नहयं हधग ।
27. आठाक र ्तिकयों का आ ोान वा
आठाक र ्तिकयों का आ ोान वा.- ककस व स वेस्य की म
ृ त्य र , त्यागठ् या उस वे हटाये जाने के कारर् या जजस व हैलस वयत स वे उस वे ननय र क्त या नामननदेकष्ट ककया गया था उस वमें ठरर्तकन हधने के कारर् द् ्द्यायायय के प्रागपकाररयों की स वेस्यता में ह र कध ी ररजक्तयां
यथास वंी् घ्र ऐस वे व्यजक्त या ऐस वे ननकाय या्ारा ीरय जायेंग जजस वने
ऐस वे स वेस्य कध ननय र क्त या नामननदेकष्ट ककया था: ठरन्त र
ककस व आठात ररजक्त के आपार ठर द् ्द्यायायय के
प्रागपकारय के स वेस्य के ूपठ में ननय र क्त या नामननदेकष्ट व्यजक्त ऐस वे स वेस्य की, जजस वके स्थान ठर उस वे ननय र क्त या नामननदेकष्ट ककया गया
है, के्य ेष अ्गप के लयए ऐस वे प्रागपकारय का स वेस्य रहेगा।
28. सलं नक
सलं नक.- द् ्द्यायायय के प्रागपकारय या अगपकारय ऐस वे नने े
-ननबंपनों स वदहत इतन स वलमनतयां गदवत कर स वकेंगे जध ऐस व
स वलमनतयों या्ारा स वम्ठादेत ककये जाने ्ाये द्ननदेकष्ट कायों के लयए
आ्यक हों. ऐस व स वलमनतयों का गवन और उनके कतकव्य ऐस वे होंगे जध
ठररननयमों या्ारा द्दहत ककये जायें।
29. ठर नन वयं
ठर नन वयं .- (1) इस व अगपननयम के उठबंपों के अध्यप न रहते ह र
् :-
(क) द् ्द्यायायय के प्रागपकाररयों का गवन, जक्तयां और
क ृ
त्य जध स वमय-स वमय ठर गदवत ककये जायें;
(ख) प्रेस व डेन्ट की ननय र
जक्त के ननबंपन और तें और उस वकी
जक्तयां और क ृ त्य; (ग) क र य-स वगच् और म र
ख् य द्त्त और येखा अगपकारय की
ननय र
जक्त की रयनत और ननबंपन तथा तें और उनकी
जक्तयां और क ृ त्य;
(घ) ्ह रयनत जजस वस वे और ऐस व काया्गप जजस वके लयए प्रध्धस्ट
और क र यान र ास वक ननय र क्त ककये जायेंगे और उनकी जक्तयां और क ृ त्य;
(ङ) ्ह रयनत जजस वस वे स वंकाय का स वंकायाध्य् ननय
र क्त ककया
जायेगा और उस वकी जक्तयां और क
ृ त्य; (च) अन्य अगपकाररयों और अध्याठकों की ननय र जक्त की रयनत
और ननबंपन तथा तें और उनकी जक्तयां और क
ृ त्य; (छ) द् ्द्यायायय के कमकचाररयों की स वे्ा के ननबंपन तथा तें और उनके क ृ त्य; (ज) अगपकाररयों, अध्याठकों, कमकचाररयों और छा्ों के मध्य द््ाेों के मामये में माध्यस्थम
् के लयए प्रकक्रया;
(झ) माने उठागपयों का प्रेान ककया जाना; (ञ) छा्ों कध अध्याठन फीस व के स वंेाय स वे छ ू ट ेेने और उन्हें छा्् ृ दत्तयां और अध्येता् ृ दत्तयां प्रेान करने के स वंबंप में उठबंप;
(ट) स्थानों के आर्र् के द्ननयमन स वदहत, प्र्े की न नत
स वे स वंबंगपत उठबंप; (व) छा्ों स वे प्रीाररत की जाने ्ायय फीस व स वे स वंबंगपत उठबंप;
(ड) द्लीन्न ठाठ यक्रमों में स्थानों की स वंख् या स वे स वंबंगपत
उठबंप; (ढ) द् ्द्यायायय के नये प्रागपकाररयों का स व ृ जन; (र्) येखा न नत और द्त्त य प्रकक्रया; (त) नये द्ीागों का स व ृ जन और द्यायमान द्ीागों का स वमाठन या ठ र नःस वंरचना; (थ) ठेक और ठ र रस्कार स वंजस्थत करना; (े) ठेों के स व ृ जन और ठेों की स वमाजप्त के लयए प्रकक्रया; (प) फीस व का ठ र नरय्र्; (न) द्लीन्न ठाठ य द््रर्ों में स्थानों की स वंख् या का ठरर्तकन; और (ठ) स वमस्त अन्य मामये जध इस व अगपननयम के उठबंपों के अप न ठररननयमों या्ारा द्दहत ककये जाने अठेक्ष्त हैं या द्दहत ककये जायें।
- (2) द् ्द्यायायय के ठररननयम प्रबंप बधडक या्ारा बनाये जायेंगे और राज्य स वरकार कध उस वके अन र मधेन के लयए प्रस्त र त ककये जायेंगे।
- (3) राज्य स वरकार द् ्द्यायायय या्ारा प्रस्त र त ककये गये
ठररननयमों ठर द्चार करेग और ऐस वे उठान्तरर्ों, यदे कध हों, स वदहत,
जध ्ह आ्यक स वमझे, उनकी प्राजप्त की तारयख स वे ेध मास व के ी तर- ी तर उनका अन र मधेन करेग ।
- (4) द् ्द्यायायय राज्य स वरकार या्ारा यथा-अन र मधदेत
ठररननयमों ठर अठन स वहमनत स वंस व
ू गचत करेगा और यदे ्ह उठ-पारा
- (3) के अप न राज्य स वरकार या्ारा ककये गये ककन्हयं ी या स वमस्त
उठांतरर्ों कध प्रीा् करने का इच्छ
र क नहयं है तध ्ह उस वके लयए कारर् ेे स वकेगा और ऐस वे कारर्ों ठर द्चार करने के ठ चात ् राज्य स वरकार द् ्द्यायायय या्ारा देये गये स व र झा्ों कध स्् कार या अस्् कार कर स वकेग ।
- (5) राज्य स वरकार उस वके या्ारा अंनतम ूपठ स वे यथा अन र मधदेत
ठररननयमों कध राजठ् में प्रकाल त करेग और तत्ठचात
् ठररननयम ऐस वे प्रका न की तारयख स वे प्र् ृ त् त होंगे।
30. आर्डसन वेन्स
आर्डसन वेन्स.- (1) इस व अगपननयम या तेप न बनाये गये ठररननयमों के उठबंपों के अध्यप न रहते ह र
जा स वकेगा, अथाकत ् :-
(क) द् ्द्यायायय में छा्ों का प्र्े और इस व ूपठ में उनका
नामांकन; (ख) द् ्द्यायायय की उठागपयों, र्डप्यधमों और प्रमार्ठ्ों के लयए अगपकगथत ककये जाने ्ाये ठाठ यक्रम;
(ग) उठागपयां, र्डप्यधमे, प्रमार्ठ् और अन्य द्याया स वंबंप
उठागपयां प्रेान करना, उनके लयए न्य ू नतम अहकताएं और उनके प्रेान ककये जाने और अलीप्राप्त ककये जाने के स वंबंप में ककये जाने ्ाये उठाय; (घ) अध्येता् ृ दत्तयां, छा्् ृ दत्तयां, ् ृ दत्तकाएं, ठेक और ठ र रस्कार
र स व मकों की ठेा्गप और ननय र जक्त की रयनत और कतकव्यों कध स वजम्मलयत करते ह र ए ठरय्ाओं का स वंचायन;
(च) द् ्द्यायायय के ठाठ यक्रमों, ठरय्ाओं, उठागपयों और
र्डप्यधमों के लयए प्रीाररत की जाने ्ायय फीस व;
(छ) द् ्द्यायायय के छा्ों के नन्ास व की तें;
(ज) छा्ों के द्रुयाप अन र
ृ जन, स वंरचना और क ृ त्य जध
द् ्द्यायायय के ै्णर्क ज ्न में स व
र पार करने के लयए आ्यक स वमझा जाये;
(ञ) अन्य द् ्द्यायाययों और उच्चतर ल ्ा स वंस्थाओं के
स वाथ स वहकार और स वहयधग की रयनत; और
(ट) स वमस्त अन्य मामये जध इस व अगपननयम या तेप न
बनाये गये ठररननयमों या्ारा आर्डकनेन्स वों या्ारा उठबंगपत ककये जाने अठेक्ष्त हों।
- (2) द् ्द्यायायय के आर्डकनेन्स व द्याया ठररषया या्ारा बनाये जायेंगे जजन्हें प्रबंप बधडक या्ारा अन र मधदेत ककये जाने के ठ चात ् , राज्य स वरकार कध उस वके अन र मधेन के लयए प्रस्त र त ककया जायेगा।
- (3) उठ-पारा (2) के अप न प्रस्त र त आर्डकनेन्स वों ठर राज्य स वरकार, उनकी प्राजप्त की तारयख स वे ेध मास व के ी तर-ी तर द्चार
करेग और या तध उन्हें अन
र
मधदेत करेग या उनमें उठान्तरर् के लयए
स व र झा् ेेग ।
- (4) द्याया ठररषया, या तध राज्य स वरकार के स व र झा्ों कध स वजम्मलयत करते ह र
र झा्ों कध स वजम्मलयत न करने के कारर्
उठान्तरर्ों स वदहत या उनके त्रबना अन र मधदेत करेग ।
31. विनन वयं
31. विननयम.- द् ्द्यायायय के प्रागपकारय, प्रबंप बधडक के ठ ू ्क अन र मधेन के अध्यप न रहते ह र ए, अठने स््यं के और उनके या्ारा ननय र क्त स वलमनतयों के कारबार के स वंचायन के लयए, इस व अगपननयम और
तेप न बनाये गये ननयमों, ठररननयमों और आर्डकनेन्स वों स वे स वंगत
द्ननयम बना स वकेंगे।
32. प्रिेक
32. प्रिेक.- (1) द् ्द्यायायय में प्र्े स व्कथा यध्यता के
आपार ठर ककये जायेंगे।
- (2) द् ्द्यायायय में प्र्े के लयए यध्यता या तध अहकक ठरय्ा में प्राप्त अंकों या ग्रेड और स वह-ठाठ यचयाक और ठाठ येतर कक्रयाकयाठों में उठयजब्पयों के आपार ठर या राज्य स्तर ठर या तध स वमान ठाठ यक्रम स वंचालयत करने ्ाये द् ्द्यायाययों के स वंगम या्ारा
या राज्य की ककस व एजेन्स व या्ारा स वंचालयत ककस व प्र्े ठरय्ा में
अलीप्राप्त अंकों या ग्रेड के आपार ठर अ्पाररत की जा स वकेग : ठरन्त र
- (3) अन र स व ू गचत जानतयों, अन र स व ू गचत जनजानतयों दठछ़,े ्गों
स वरकार की न नत के अन र स वार हधगा।
33. फ स सं चन वा
33. फ स सं चन वा.- (1) द् ्द्यायायय स वमय-स वमय ठर अठन फीस व स वंरचना तैयार करेगा और उस वे इस व प्रयधजन के लयए गदवत स वलमनत के अन र मधेन के लयए ीेजेगा।
- (2) स वलमनत द् ्द्यायायय या्ारा तैयार की गय फीस व स वंरचना ठर द्चार करेग और यदे उस वका यह स वमापान हध जाता है कक प्रस्ताद्त फीस व- (क) ननम्नलयणखत के लयए, अथाकत ् -
- (i) द् ्द्यायायय के आ्ती व्यय की ठ ू नतक के लयए स्रधत ज र टाने के लयए; और
- (ii) द् ्द्यायायय के और द्कास व के लयए अठेक्ष्त बचतों के लयए, ठयाकप्त है; और (ख) अय र जक्तय र क्त ूपठ स वे अगपक नहयं है, तध ्ह फीस व स वंरचना का अन र मधेन कर स वकेग ।
- (3) उठ-पारा (2) के अप न स वलमनत या्ारा अन र मधदेत फीस व स वंरचना त न ्षक के लयए प्र् ृ
त्त रहेग और द् ्द्यायायय ऐस व फीस व
स वंरचना के अन र स वार फीस व प्रीाररत करने का हकेार हधगा।
- (4) द् ्द्यायायय ऐस व फीस व स वे लीन्न, जजस वके लयए ्ह उठ-
पारा (3) के अप न हकेार है, ककस व ी नाम स वे कध फीस व प्रीाररत
नहयं करेगा।
34. ठ िाएं
34. ठ िाएं.- प्रत्येक ै्णर्क स व् के प्रारम्ी ठर और प्रत्येक
कयैण्डर ्षक की 30 अगस्त तक न कक उस वके ठ चात ् द् ्द्यायायय अठने या्ारा स वंचालयत प्रत्येक ठाठ यक्रम के लयए ठरय्ाओं की अन र स व ू च तैयार और प्रकाल त करेगा और उस व अन र स व ू
च का क़,ा स वे ठायन
करेगा। स्ठष्ट.क ण.- ''ठरय्ाओं की अन र स व ू च '' स वे प्रत्येक प्र न ठ्, जध ठरय्ा स्कीम का ीाग हध, के प्रारम्ी के स वमय, देन और तारयख के बारे
ठरन्त र
ककस व ी प्रकार के ककस व ी कारर् स वे यदे
द् ्द्यायायय इस व अन र स व ू
च का ठायन करने में अस वमथक रहा हध तध ्ह
यथास वंी् एक ररठधटक, उस वमें प्रकाल त अन र स व ू च का अन र स वरर् न करने के कारर् स वजम्मलयत करते ह र ए राज्य स वरकार कध प्रस्त र त करेगा। राज् य
स वरकार उस व ठर ऐस वे ननेे जारय करेग जध ्ह अन
र स व ू च के अन र ठायन के लयए उगचत स वमझे।
35. ठर णां ों क घधषणा
35. ठर णां ों क घधषणा.- (1) द् ्द्यायायय अठने या्ारा
स वंचालयत प्रत्येक ठरय्ा के ठररर्ामों की घधषर्ा उस व द्ल ष्ट ठाठ यक्रम की ठरय्ा की अंनतम तारयख स वे त स व देन के ी तर-ी तर करने का
प्रयास व करेगा और ककस व ी े ा में ऐस वे ठररर्ाम ऐस व तारयख स वे ज्याेा
स वे ज्याेा ठैंताययस व देन के ी तर-ी तर घधदषत करेगा: ठरन्त र
ककस व ी प्रकार के ककस व ी कारर् स वे यदे
द् ्द्यायायय उठय र कक्त ठैंताययस व देन की काया्गप के ी तर-ी तर ककस व ी ठरय्ा के ठररर्ामों की अंनतम ूपठ स वे घधषर्ा करने में
अस वमथक है तध द् ्द्यायायय एक ररठधटक, उस वमें द्यम्ब के कारर्
स वजम्मलयत करते ह र ए राज्य स वरकार कध प्रस्त र त करेगा। राज्य स वरकार उस व
ठर ऐस वे ननेे जारय करेग जध ्ह उगचत स वमझे।
- (2) कध ी ठरय्ा या ककस व ठरय्ा के ठररर्ाम के्य इस व कारर् स वे अद्गपमान्य नहयं वहराये जायेंगे कक द् ्द्यायायय ने पारा 34 या, यथाजस्थनत, इस व पारा में यथा-ननयत स वमय-अन र स व ू च का ठायन नहयं ककया है।
36. द िांक सं ा धह
द िांक सं ा धह.- द् ्द्यायायय का ेय्ांत स वमारधह प्रत्येक ै्णर्क ्षक में उठागपयां, र्डप्यधमे प्रेान करने या ककस व ी अन्य प्रयधजन के लयए ठररननयमों या्ारा यथाद्दहत रयनत स वे आयधजजत ककया जायेगा।
37. वि िवियायायय का प्र्यायन व
वि िवियायायय का प्र्यायन व.- द् ्द्यायायय, राष्रयय ननपाकरर् और प्रत्यायन ठररषया (रा नन प्र ठ ) के मानकों के अन
र
ूपठ रा नन प्र ठ स वे प्रत्यायन अलीप्राप्त करेगा और राज्य स वरकार और ऐस वे अन्य द्ननयमन ननकायों कध, जध द् ्द्यायायय या्ारा चयाये गये ठाठ यक्रमों स वे स वंबयाप हैं, रा नन प्र ठ या्ारा द् ्द्यायायय कध देये ग्रेड के बारे में स व
ू
गचत करेगा। द् ्द्यायायय रा नन प्र ठ के मानकों के अन
र ूपठ स वमय-स वमय ठर ऐस वे प्रत्यायन कध न् क ृ त कर्ायेगा।
38. वि िवियायायय यािा ानििन वयं न व नन वकायों के नन वयं ों, विनन वयं ों, ं ान वकों इ्याहद का ठायन व ककया ोान वा
वि िवियायायय यािा ा विनन वयं न व नन वकायों के नन वयं ों, विनन वयं ों, ं ान वकों इ्याहद का ठायन व ककया ोान वा.- इस व अगपननयम में अंतद्कष्ट ककस व बात के हधने ठर ी , द् ्द्यायायय द्ननयमन ननकायों के स वमस्त ननयमों, द्ननयमों, मानकों इत्यादे का अन
र
ठायन करने के लयए आबयाप हधगा और ऐस वे ननकायों कध ऐस व स वी स व
र द्पाएं और स वहायता उठयब्प करायेगा जजनकी उनके या्ारा उनके क ृ त्यों का नन्कहन और उनके कतकव्यों का ठायन करने के लयए अठे्ा की जाये।
39. िावषसक र ठधटस
िावषसक र ठधटस.-
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