section 29
ठर नन वयं
The Vyas Vidhya Peeth University, Jodhpur Act, 2022ठर नन वयं .- (1) इस व अगपननयम के उठबंपों के अध्यप न रहते ह र
् :-
(क) द् ्द्यायायय के प्रागपकाररयों का गवन, जक्तयां और
क ृ
त्य जध स वमय-स वमय ठर गदवत ककये जायें;
(ख) प्रेस व डेन्ट की ननय र
जक्त के ननबंपन और तें और उस वकी
जक्तयां और क ृ त्य; (ग) क र य-स वगच् और म र
ख् य द्त्त और येखा अगपकारय की
ननय र
जक्त की रयनत और ननबंपन तथा तें और उनकी
जक्तयां और क ृ त्य;
(घ) ्ह रयनत जजस वस वे और ऐस व काया्गप जजस वके लयए प्रध्धस्ट
और क र यान र ास वक ननय र क्त ककये जायेंगे और उनकी जक्तयां और क ृ त्य;
(ङ) ्ह रयनत जजस वस वे स वंकाय का स वंकायाध्य् ननय
र क्त ककया
जायेगा और उस वकी जक्तयां और क
ृ त्य; (च) अन्य अगपकाररयों और अध्याठकों की ननय र जक्त की रयनत
और ननबंपन तथा तें और उनकी जक्तयां और क
ृ त्य; (छ) द् ्द्यायायय के कमकचाररयों की स वे्ा के ननबंपन तथा तें और उनके क ृ त्य; (ज) अगपकाररयों, अध्याठकों, कमकचाररयों और छा्ों के मध्य द््ाेों के मामये में माध्यस्थम
् के लयए प्रकक्रया;
(झ) माने उठागपयों का प्रेान ककया जाना; (ञ) छा्ों कध अध्याठन फीस व के स वंेाय स वे छ ू ट ेेने और उन्हें छा्् ृ दत्तयां और अध्येता् ृ दत्तयां प्रेान करने के स वंबंप में उठबंप;
(ट) स्थानों के आर्र् के द्ननयमन स वदहत, प्र्े की न नत
स वे स वंबंगपत उठबंप; (व) छा्ों स वे प्रीाररत की जाने ्ायय फीस व स वे स वंबंगपत उठबंप;
(ड) द्लीन्न ठाठ यक्रमों में स्थानों की स वंख् या स वे स वंबंगपत
उठबंप; (ढ) द् ्द्यायायय के नये प्रागपकाररयों का स व ृ जन; (र्) येखा न नत और द्त्त य प्रकक्रया; (त) नये द्ीागों का स व ृ जन और द्यायमान द्ीागों का स वमाठन या ठ र नःस वंरचना; (थ) ठेक और ठ र रस्कार स वंजस्थत करना; (े) ठेों के स व ृ जन और ठेों की स वमाजप्त के लयए प्रकक्रया; (प) फीस व का ठ र नरय्र्; (न) द्लीन्न ठाठ य द््रर्ों में स्थानों की स वंख् या का ठरर्तकन; और (ठ) स वमस्त अन्य मामये जध इस व अगपननयम के उठबंपों के अप न ठररननयमों या्ारा द्दहत ककये जाने अठेक्ष्त हैं या द्दहत ककये जायें।
- (2) द् ्द्यायायय के ठररननयम प्रबंप बधडक या्ारा बनाये जायेंगे और राज्य स वरकार कध उस वके अन र मधेन के लयए प्रस्त र त ककये जायेंगे।
- (3) राज्य स वरकार द् ्द्यायायय या्ारा प्रस्त र त ककये गये
ठररननयमों ठर द्चार करेग और ऐस वे उठान्तरर्ों, यदे कध हों, स वदहत,
जध ्ह आ्यक स वमझे, उनकी प्राजप्त की तारयख स वे ेध मास व के ी तर- ी तर उनका अन र मधेन करेग ।
- (4) द् ्द्यायायय राज्य स वरकार या्ारा यथा-अन र मधदेत
ठररननयमों ठर अठन स वहमनत स वंस व
ू गचत करेगा और यदे ्ह उठ-पारा
- (3) के अप न राज्य स वरकार या्ारा ककये गये ककन्हयं ी या स वमस्त
उठांतरर्ों कध प्रीा् करने का इच्छ
र क नहयं है तध ्ह उस वके लयए कारर् ेे स वकेगा और ऐस वे कारर्ों ठर द्चार करने के ठ चात ् राज्य स वरकार द् ्द्यायायय या्ारा देये गये स व र झा्ों कध स्् कार या अस्् कार कर स वकेग ।
- (5) राज्य स वरकार उस वके या्ारा अंनतम ूपठ स वे यथा अन र मधदेत
ठररननयमों कध राजठ् में प्रकाल त करेग और तत्ठचात
् ठररननयम ऐस वे प्रका न की तारयख स वे प्र् ृ त् त होंगे।
Study data processing for this section.
PDF: pending for this language.