section 9
िोक सेिक के विरुद्ि अपरािों के लिये दण्ड
The MP Dakaiti &कोई डाकू, जो एक से अधिक व्यम्ततयो की हत्या करता है, या क्रकसी िोक सेिक के शरीर [या सभपवि] के विरुद्ि या उसके कुटुभब के क्रकसी सदस्य के शरीर सर सभपवि के विरुद्ि कोई विनिर्दिष्ट अपराि करता है, िह; (क) यर्द ऐसा अपराि भारतीय दण्ड सांर्हता (1860 का सां. 45) के अिीि मृत्यु दण् ड या आजीिि कारािास से दण्डिीय है, उसी दण्ड से दांडडत क्रकया जायगा जो उस अपराि के लिये भारतीय दण्ड सांर्हता (1860 का 45) में उपबम्न्िि है; (ि) अन्य मामिों में कारािास से, जो दस िषि तक का हो सकेगा, और जुमाििे से दम्ण्डत क्रकया जायेगा । स्पष्टीकरण - इस िारा और िारा 10 के प्रयोजिों के लिये, क्रकसी िोक सेिक के कुटुभब के सदस्य से अलभप्रेत है, उसके माता-वपता, उसकी पत्िी या उसका पनत, उसके पुत्र तथा पुबत्रया,पौत्र तथा पौबत्रया और प्रपौत्र तथा प्रपौबत्रया और उिके पनत या उिकी पम्त्ियों और उसके अन्तगित कोई ऐसा व्यम्तत भी आयेगा जो उस पर आधश्रत हो और उसके साथ नििास करता हो ।
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