section 2
पररभाषाएां
The MP Dakaiti &इस अधिनियम में, जब तक सन्दभि से अन्यथा अपेक्षक्षत ि हो— (क) “सांर्हता'' से अलभप्रेत है दण्ड प्रक्रकया सांर्हता, 1973 (1974 का स० 2); (ि) क्रकसी डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र के सभबन्ि में ''डाकू'' से अलभप्रेत है कोई ऐसा व्यम्तत जो कोई ऐसा अपराि, जो भारतीय दण्ड सांर्हता, 1860 (1860 का सां० 45) की िारा 395 के अिीि दण्डिीय है, या कोई विनिर्दिष्ट अपराि करता है या म्जसिे कोई ऐसा अपराि क्रकया है या यथाम्स्थनत कोई ऐसा व्यम्तत म्जस पर क्रकसी ऐसे अपराि के क्रकये जािे का अलभयोग िगाया गया है; ‘‘डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्ि’‘ से अलभप्रेत है कोई ऐसा क्षेत्र म्जसे िारा 3 के अिीि डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र घोवषत क्रकया गया है; (ग-ग) “व्यपहरण” के अन्तगित अपहरण आता है,; (घ) ‘‘विशेष न्यायािय” से अलभप्रेत है िारा 6 के अिीि गर्ठत विशेष न्यायािय; (ड.) ''विशेष न्यायािीश” से अलभप्रेत है क्रकसी विशेष न्यायािय की अध्यक्षता करिे क लिये िारा 6 की उपिारा (2) के अिीि नियुतत क्रकया गया कोई न्यायािीश; (च) “विनिर्दिष्ट अपराि” से अलभप्रेत है-- (एक) अिुसूची में विनिर्दिष्ट कोई अपराि जो िारा 3 के अिीि घोवषत क्षेब क सभबन्ि में क्रकया गया हो जो डकैती या व्यपहरण क्रकये जािे का भागरूप हो या उससे उद् भूत होता हो या उससे सांसतत हो; (दो) कोई ऐसा अपराि म्जसके लिये इस अधिनियम की िारा 9, 11 और 12 के अिीि दण्ड का उपबन्ि क्रकया गया है; (तीि) भारतीय दण्ड सांर्हता, 1860 (180 का सां. 45) की िारा 212, 216 21 क, 311 347 392 393 394,395,396,397,398,399,402 तथा 412 के अिीि दण्डिीय कोई अपराि जो िारा 3 अिीि घोवषत क्रकये गये क्रकसी क्षेत्र के सभबन्ि में सन्दभि में क्रकया गया हो; और उसके अन्तगित उपिण्ड (एक), (दो) और (तीि) में विनिर्दिष्ट अपरािों में से क्रकसी अपराि का दुष्प्रेरण या ऐसे क्रकसी अपराि के क्रकये जािे का प्रयत्ि आता है; (छ) उि शब्दों तथा अलभव्यम्ततयों के, जो इस अधिनियम में प्रयोग में िाई गई है क्रकन्तु पररभावषत िहीां की गई है और जो सांर्हता में पररभावषत की गई है, िही अथि होंगे जो उिके लिए सांर्हता में या यथाम्स्थनत भारतीय दण्ड सांर्हता, 1860 (1860 का सां० 45) में र्दये गये हैं ।
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