The Madhya Pradesh Rajya Uchcha Shiksha Parishad Act, 2018
The Madhya Pradesh Rajya Uchcha Shiksha Parishad Act, 2018
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारंभ
१. (१) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद् अधिनियम, २०१८ है.
(२) इसका विस्तार संपूर्ण मध्यप्रदेश राज्य पर होगा.
(३) यह मध्यप्रदेश राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा.
2. परिभाषाएं
२. इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,—
(क) ''अभियान'' से अभिप्रेत है, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान;
(ख) ''केन्द्र सरकार'' से अभिप्रेत है, भारत सरकार;
(ग) ''अध्यक्ष'' से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद् का अध्यक्ष;
(घ) ''महाविद्यालय'' से अभिप्रेत है, राज्य में के किसी विश्वविद्यालय से संबद्ध या सहयुक्त या मान्यताप्राप्त कोई महाविद्यालय जिसमें सम्मिलित हैं, इंजीनियरिंग महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक महाविद्यालय तथा मध्यप्रदेश शासन के किसी भी विभाग के अधीन निजी क्षेत्र में स्थापित समस्त महाविद्यालय;
(ङ) ''परिषद्'' से अभिप्रेत है, धारा ३ के अधीन गठित मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद्;
(च) ''उपाधि'' से अभिप्रेत है, कला, वाणिज्य, विज्ञान, प्राच्य भाषा, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी विधि में उपाधि या कोई ऐसी अन्य उपाधि जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यताप्राप्त, राज्य के किसी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की गई हो;
(छ) ''विभाग'' से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश शासन का कोई विभाग;
(ज) ''उपाधि पत्र'' से अभिप्रेत है, दसवीं या बारहवीं कक्षा के पश्चात् का कोई अध्ययन पाठ्यक्रम जिसके लिए उपाधि पत्र प्रदान किया जाता हो, परंतु इसमें प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम सम्मिलित नहीं है;
(झ) ''संचालनालय अथवा परियोजना संचालनालय'' से अभिप्रेत है, अभियान के क्रियान्वयन हेतु मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्थापित राज्य परियोजना संचालनालय;
(ञ) ''शैक्षणिक संस्था'' से अभिप्रेत है, उच्च शिक्षा एवं गवेषणा हेतु शैक्षणिक संस्था.
(ट) ''शिक्षाविद्'' से अभिप्रेत है, विश्वविद्यालय या महाविद्यालयों के कार्यरत या सेवानिवृत्त आचार्य, महाविद्यालय का प्राचार्य, विश्वविद्यालय का कुलपति या किसी राष्ट्रीय स्तर की संस्था के निदेशक जिन्होंने राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया हो;
(ठ) ''सरकार'' से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश सरकार;
(ड) ''उच्च शिक्षा'' से अभिप्रेत है, किसी उपाधि या उपाधिपत्र हेतु बारहवीं कक्षा से ऊपर की प्रत्येक शिक्षा;
(ढ) ''सदस्य'' से अभिप्रेत है, परिषद् का सदस्य;
(ण) ''अधिसूचना'' से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना तथा शब्द ''अधिसूचित'' का तदनुसार अर्थ लगाया जाएगा;
(त) ''अधिकारी'' से अभिप्रेत है, केन्द्र अथवा राज्य सरकार का अधिकारी;
(थ) ''विहित'' से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित;
(द) ''परियोजना संचालक या अपर परियोजना संचालक'' से अभिप्रेत है, अभियान के क्रियान्वयन हेतु सरकार द्वारा नियुक्त राज्य परियोजना संचालक अथवा अपर परियोजना संचालक;
(ध) ''विनियम'' से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन परिषद् द्वारा बनाए गए विनियम;
(न) ''नियम'' से अभिप्रेत है, इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बनाए गए नियम;
(प) ''राज्य'' से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश राज्य;
(फ) ''विश्वविद्यालय'' से अभिप्रेत है, राज्य विधान-मंडल के किसी अधिनियम द्वारा स्थापित राज्य का कोई विश्वविद्यालय;
(ब) ''विश्वविद्यालय अनुदान आयोग'' से अभिप्रेत है, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, १९५६ (१९५६ का ३) के अधीन स्थापित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग;
(भ) ''उपाध्यक्ष'' से अभिप्रेत है, परिषद् का उपाध्यक्ष;
3. परिषद् का गठन
३. (१) सरकार, अधिसूचना द्वारा ऐसी तारीख को तथा से जो कि इस निमित्त विनिर्दिष्ट की जाए, इस अधिनियम के प्रयोजन हेतु मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद् के नाम से एक परिषद् का गठन करेगी;
(२) (क) परिषद् एक निगमित निकाय होगी जिसका शाश्वत उत्तराधिकार होगा और उसकी एक सामान्य मुद्रा होगी और वह अपने निगमित नाम से वाद चला सकेगी तथा उसके विरुद्ध वाद चलाया जा सकेगा.
(ख) परिषद् द्वारा या उसके विरुद्ध समस्त वाद और अन्य विधिक कार्यवाहीयों में, कार्यवाहीयां सदस्य सचिव द्वारा हस्ताक्षरित तथा सत्यापित की जाएंगी और ऐसे वाद और कार्यवाहीयों में समस्त आदेशिकाएं सदस्य सचिव को जारी और तामील की जाएंगी.
(३) परिषद् का मुख्यालय भोपाल में होगा.
4. परिषद् की संरचना
४. (१) परिषद् निम्नलिखित सदस्यों और पदाधिकारियों से मिलकर बनेगी, अर्थात् :—
(एक) भारसाधक मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन; — अध्यक्ष
(दो) अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव या सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन; — उपाध्यक्ष
(तीन) सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट लोक (राज्य निधि) विश्वविद्यालयों (मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, १९७३ द्वारा स्थापित) से दो आसीन कुलपति तथा राज्य में स्थापित निजी राज्य विश्वविद्यालयों में से एक कुलपति; — सदस्य
(चार) शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले, राज्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट छह शिक्षाविद् जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुसार आचार्यों के ही समतुल्य अर्हता और अनुभव रखते हों (जिसमें दो महिलाएं, एक अनुसूचित जाति तथा एक अनुसूचित जनजाति तथा मध्यप्रदेश राज्य के बाहर से कम से कम दो शिक्षाविद् सम्मिलित हैं); — सदस्य
(पांच) भारत सरकार का नामनिर्देशीती; — पदेन सदस्य
(छह) अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव या सचिव, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन; — पदेन सदस्य
(सात) आयुक्त, उच्च शिक्षा, मध्यप्रदेश शासन; — पदेन सदस्य
(आठ) संचालक, कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, भोपाल; — पदेन सदस्य
(नौ) राज्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट, दो शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों के प्राचार्य; — सदस्य
(दस) राज्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट मध्यप्रदेश के दो निजी स्वशासी महाविद्यालयों के प्राचार्य या संचालक; — पदेन सदस्य
(ग्यारह) परियोजना संचालक, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान, मध्यप्रदेश शासन. — सदस्य-सचिव
(२) इस धारा के अधीन प्रत्येक नियुक्ति अथवा नामनिर्देशन उस तारीख से प्रभावी होगा जिसको कि सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए.
5. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्यों की सेवा के निबंधन तथा शर्तें
५. (१) सरकार द्वारा सदस्यों (पदेन सदस्यों से भिन्न) की नियुक्ति या नामनिर्देशन सामान्यतः दो वर्ष की अवधि के लिए किया जाएगा और वे द्वितीय अवधि के लिए केवल दो वर्ष के लिये पुनर्नियुक्ति के पात्र होंगे. वे किसी भी सुविधा, जैसे आवास, वाहन इत्यादि के हकदार नहीं होंगे.
(२) सदस्य (किसी पदेन सदस्य से भिन्न) उपाध्यक्ष को संबोधित अपने हस्ताक्षरयुक्त लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा और ऐसा प्रत्येक त्यागपत्र ऐसी तारीख से प्रभावी होगा जिसको कि सरकार द्वारा इसे स्वीकार किया जाए.
(३) अध्यक्ष की अनुपस्थिति में, उपाध्यक्ष सम्मलेन की अध्यक्षता करेगा.
9. Powers and functions of the Council
- (1) The Council shall make recommendations to the Government on long term
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