section 9
उल् लंघन के िलये दंड -
The Chhattisgarh Adim Jan Jatiyon Ka Sanrakshan (Vrakshon me Hit) Adhiniyam, 1999Environmental199913 sections
Statutory text
- (1) इस अिधिनयम या उसके अधीन बनाए गए िनयमों व उपबंधों के उल् लंघन में कोई व् यिक्त जो आिदम जनजाितयों के खातों में खड़े ह ु ए िविनिदर्ं ट िकन् हीं वृक्षों को काटता है, उनका पिरतक्षण करता है, उनमें कांट-छांट करता है या उनको अन् यथा नुकसान पहँचाता है या उनके िकसी भाग को हटाता है तो दो षिसिद्ध होने पर ऐसे कठोर कारावास का जो तीन वषर् तक का हो सकेगा और ऐसे जुमार्ने का, जो दस हजार रुपये तक का हो सकेगा, दायी होगा।
- (2) उपधारा (1) के अधीन कारर्वाई करने का आधार गिठत करने वाले िकन् हीं िविनिदर्ं ट वृक्षों की लकड़ी का अिभमहण कर िलया जायेगा और वह राज् य सरकार को राजसात हो जाएगी। परन् तु यिद भूिमः वामी के ूित कोई षड़यंऽ, कपट और छल िकया जाता है तो इस ूकार राजसात लकड़ी के िवबय आगम उस आपरािधक मामले के िनपटारे के पँ चात ् कलेक् टर के आदेश के अधीन पचास हजार रुपये की अिधकतम सीमा के अध् यधीन रहते ह ु ए पचास ूितशत तक की सीमा तक भूिमः वामी को िदये जायेंगे।
- (3) कोई सरकारी सेवक या कोई अन् य व् यिक्त, जो इस अिधिनयम या उसके अधीन बनाए गए िनयमों के िकन् हीं उपबंधों के उल् लंघन में असद्भावनापूवर्क आशय से कायर् करता हैं या सम् यक ् सावधानी के िबना िनयमों में यथा उपबंिधत कोई आदेश पािरत करता है या कोई अः तय िरपोटर् ूः तुत करता है, िविध के अिभव् यक् त उपबंधों का उल् लंघन करता है, तो वह दो षिसिद्ध पर ऐसे कठोर कारावास से जो तीन वषर् तक का हो सकेगा और ऐसे जुमार्ने से जो दस हजार रुपये तक का हो सकेगा, दण् डनीय होगा।
- (4) उपधारा (3) के अधीन कायर्वािहयों या दंड पर ूितकूल ूभाव डाले िबना, उक् त सरकारी सेवक, उसको लागू सेवा िनयमों के अधीन अनुशासिनक कारर्वाई के िलये भी दाियत् वाधीन होगा।
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