section 4
िविनिदर्ं ट वृक्षों को काटने की अनुज्ञा
The Chhattisgarh Adim Jan Jatiyon Ka Sanrakshan (Vrakshon me Hit) Adhiniyam, 1999Environmental199913 sections
Statutory text
- (1) आिदम जनजाित का कोई भूिम ः वामी, जो अपने खाते पर खड़े ह ु ए िकसी िविनिदर्ं ट वृक्ष को काटने का आशय रखता है, कलेक् टर को, िविहत ूारूप में, उसके िलये पूरे और संपूणर् कारणों को देते ह ु ए, ऐसी रीित में, जैसी िक िविहत की जाए, अनुज्ञा के िलए आवेदन करेगा।
- (2) कलेक् टर, ऐसे िनयमों के अनुसार जो िविहत िकए जाएँ, आवेदन की जाँच करवाएगा उस क्षेऽ पर अिधकािरता रखने वाले तहसीलदार, उपखण् ड अिधकारी (राजः व) तथा ूभागीय अिधकारी की िरपोटर् पर िवचार िकए िबना, आवेदन को मंजूर या नामंजूर नही ं करेगा : परन् तु ऐसी कोई अनुज्ञा, उस दशा में, उत्तरािधकारी के िसवाय, मंजूर नहीं की जाएगी जहाँ िकसी भी रीित में, हक के अजर्न की तारीख के पँ चात ् , पांच वषर् की कालाविध व् यतीत नहीं हो गई हो। ः पं टीकरण - संिहता के अधीन हक के अजर्न की तारीख नामांतरण के ूमाणीकरण की तारीख होंगी।
- (3) िकसी एक वषर् में, वृक्ष काटने की अनुज्ञा िविनिदर्ं ट वृक्षों, की उतनी संख् या तक ही सीिमत होगी िजससे भूिमः वामी, धन के रूप में ऐसी रकम ूाप् त कर सके जो िकसी एक वषर् में पचास हजार रुपये से अिधक न हो या जैसा िक कलेक् टर द्वारा आवेदन में िविनिदर्ं ट िकए गए ूयोजन को पूरा करने के िलए पयार्प् त समझा जाए : परन् तु िवशेष पिरिःथितयों के अधीन कलेक् टर, सम् यक ् िवचार करने के पँ चात ् िकसी एक वषर् में एक लाख रुपये से अनिधक मूल् य या एक वृक्ष के िलए इनमें से जो भी उच् चतर हो अनुज्ञा दे सकेगा।
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