section 18
धारा 387 का संशोधन
Uttarakhand Uniform Civil Code of Uttarakhand, 2024 (Amendment) Act, 2026मूल संहिता की धारा 387 में, उपधारा (3) के पश्चात् निम्नलिखित उपधाराएं अंतःस्थापित कर दी जायेंगी, अर्थात्- "(4) यदि कोई व्यक्ति बल, दबाव या धोखाधड़ी द्वारा किसी व्यक्ति की सहमति प्राप्त कर सहवासी संबंध स्थापित करता है, तो वह कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक हो सकती है, दंडित किया जायेगा और जुर्माने का भी दायी होगा। (5) जो कोई भी धारा 380 की उपधारा (2) के उल्लंघन में सहवासी सम्बंध में रहता है, को सात वर्ष तक के कारावास से दंडित किया जायेगा तथा वह जुर्माने का भी दायी होगाः परन्तु इस उपधारा की कोई बात ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होगी जिसने सहवासी संबंध को समाप्त कर दिया हो अथवा जिसके साथी के विषय में सात वर्ष या उससे अधिक अवधि से कोई जानकारी न हो। (6) जो कोई वयस्क व्यक्ति धारा 380 की उपधारा (3) के उल्लंघन में किसी अवयस्क के साथ सहवासी संबंध में रहता है, तो वह छः मास तक के साधारण कारावास और जुर्माने से जो पचास हजार रूपये तक का हो सकेगा और ऐसा जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कारावास, जो एक मास तक विस्तारित किया जा सकता है, से दण्डित किया जा सकेगा।"।
Study data processing for this section.
PDF: pending for this language.