section 4
व्यावृत्ति
The Uttarakhand Jan Vishwas (Amendment of Provisions) Act, 2026इस अधिनियम द्वारा किसी अधिनियमिति के संशोधन या निरसन से, किसी अन्य अधिनियमिति पर, जिसमें संशोधित या निरसित अधिनियमिति लागू की गई है, सम्मिलित अथवा निर्दिष्ट की गई है, प्रभाव नहीं पड़ेगा; और यह अधिनियम, पूर्व में की गई या भुगती गई किसी बात की विधिमान्यता, अविधिमान्यता, प्रभाव या परिणाम या पूर्व में ही अर्जित, प्रोद्भूत या उपगत किसी अधिकार, हक, बाध्यता या दायित्व या उसके संबंध में किसी उपचार या कार्यवाही या किसी ऋण, शास्ति, बाध्यता, दायित्व, दावे या मांग या उससे किसी निर्मुक्ति या उन्मोचन या पूर्व में ही अनुदत्त किसी क्षतिपूर्ति या भूतकाल में किए गए किसी कार्य या बात के सबूत पर, प्रभाव नहीं डालेगा; और यह अधिनियम विधि के किसी सिद्धांत या नियम या स्थापित अधिकारिता, अभिवचन के रूप या अनुक्रम पर, पद्धति या प्रक्रिया या विद्यमान प्रथा, रूढ़ि, विशेषाधिकार, निर्बन्धन, छूट, पद या नियुक्ति पर इस बात के होते हुए भी प्रभाव नहीं डालेगा कि वह क्रमशः किसी ऐसी अधिनियमिति द्वारा, जो कि एतदद्वारा संशोधित या निरसित की गई है, उसमें या उससे किसी रीति में अभिपुष्ट किया गया है या मान्यताप्राप्त है या व्युत्पन्न है; और इस अधिनियम द्वारा किसी अधिनियमिति के संशोधन या निरसन से किसी अधिकारिता, पद, रूढ़ि, दायित्व, अधिकार, हक, विशेषाधिकार, निर्बन्धन, छूट, प्रथा, पद्धति, प्रक्रिया या अन्य विषय या बात का, जो अब विद्यमान या प्रवृत्त नहीं है, पुनः प्रवर्तन या प्रत्यावर्तन नहीं होगा।
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