section 6
Authentication of declaration
The Press or Pustak Ragistrikaran Adhiniyam, 1867इस प्रकार पूर्वोक्त रूप में की गई ता हस्ताक्षर की गई प्रत्येक घोषणा की दो मूल प्रतियों में से प्रत्येक प्रति उस मजिस्ट्रेट द्वारा जिसके समक्ष उक्त् घोषणा की गई है, हस्ताक्षररत ता प्राधिकारिक मुद्र से प्रमाणित की जाएगी; परंतु जहां किसी समाचार पत्र के बारे में धारा 5 के अधीन कोई घोषणा की गई है ता उस पर हस्ताक्षर किए गए हैं, वहां यह घोषणा, उसी व्यक्ति के साथ समाप्त समाचार पत्रों को छोड़कर, इस प्रकार अन्यथा प्रमाणित नहीं की जाएगी जब तक कि मजिस्ट्रेट का, प्रेस रजिस्ट्रार से पूछताछ करने पर, यह समाधान नहीं हो जाता है कि प्रकाशित किए जाने के लिए प्रस्तावित समाचार पत्र का वही नाम या उससे मिलता-जुलता नाम नहीं है जो या तो उसी भाषा में या उसी राज्य में किसी अन्य प्रकाशित समाचार पत्र का है। उक्त मूल प्रतियों में से एक मजिस्ट्रेट के कार्यालय के अभिलेखों में रखी जाएगी और दूसरी उच्च न्यायालय के या जहां उक्त घोषणा की गई थी, उस स्थान के लिए आरम्भिक अधिकारिता रखने वाले अन्य प्रधान सिविल न्यायालय के अभिलेखों में रखी जाएगी। प्रतियों का निरीक्षण तथा उनका दिया जाना- प्रत्येक मूल प्रति का भारतिक अधिकारी किसी भी व्यक्ति की, एक रुपया फीस संदाय करने पर, उस मूल प्रति का निरीक्षण करने देगा, और आवेदन करने वाले किसी भी व्यक्ति को, दो रुपया फीस संदाय करने पर, उक्त घोषणा की एक प्रति उस न्यायालय की मुद्र से, जिसकी अभिरक्षा में मूल प्रति है, अनुप्रमाणित करके देगा। मजिस्ट्रेट की प्राधिकारिक मुद्र से अनुप्रमाणित घोषणा की एक प्रति, या घोषणा अन्यथा प्रमाणित करने से इंकार करने वाले आदेश की एक प्रति, या प्रतिलिपि, उस व्यक्ति को, जो घोषणा करता है और उस पर हस्ताक्षर करता है, और प्रेस रजिस्ट्रार को भी, भेजी जाएगी।
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