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Preamble
The Chhattisgarh Kashtha Chiran (Viniyaman) Adhiniyam, 1984भाग एक : खण् ड बारह मध् य ूदेश कां ठ िचरान (िविनयमन) अिधिनयम, 1984 मध् य ूदेश अिधिनयम बमांक 13, वषर् 1984 िदनांक 11 अूैल, 1984 को महामिहत राष्टर्पित जी की अनुमित ूाप् त तथा मध् य ूदेश शासन, िविध
और िवधायी कायर् िवभाग की अिधसूचना ब. 8762/इक् कसी/अ.(ूा.) िद. 11 अूैल, 1984 द्वारा राजपऽ में
ूकािशत (पृष्ठ 1155-1173) वनों तथा पयार्वरण संरक्षण की दृिष्ट से आरा िमलों (........) की ः थापना ओर उनके ूचालन का तथा काष्ट िचरान के व् यापार का लोकिहत में िविनयमन करने के िलये उपलब् ध करने हेतु अिधिनयम। भारत गणतन् ऽ के पैंतीसवें वषर् में मध् यूदेश िवधान मण् डल द्वारा िनम् निलिखत रूप में यह अिधिनयम हो।
धारा 1. संिक्षप् त नाम िवः तार - (1) इस अिधिनयम का संिक्षप् त नाम ''मध् यूदेश कां ठ िचरान
(िविनयमन) अिधिनयम, 1984 हैं।''
- (2) इसका िवः तार पूरे मध् यूदेश पर है। धारा 2. पिरभाषाएँ - इस अिधिनयम में, जब तक सन् दभर् से अन् यथा अपेिक्षत न हो :
(क) ''िनयत िदन'' से अिभूेत है 15 िदसम् बर, 1983 िजसको िक मध् यूदेश कां ट िचरान
(िविनयमन) अध् यादेश 1983 (11 वषर् 1983) सम् पूणर् म. ू. राज् य में ूवृत्त ह ु आ। (ख) ''अनुज्ञिप्त'' से अिभूेत है, इस अिधिनयम के अधीन मन् जूर की गई अनु ज्ञिप्त। (ग) 'अनुज्ञिप्तधारी' से अिभूेत है, ऐसा कोई व् यिक्त, िजसे इस अिधिनयम के अधीन अनुज्ञिप्त मन् जूर की गई है।
(घ) ''अनुज्ञापन अिधकारी'', से अिभूेत है धारा (3) के अधीन िनयुिक्त िकया गया अनुज्ञापन
अिधकारी।
(ङ) ''अिधसूिचत आदेश'' से अिभूेत है राजपऽ में अिधसूिचत िकया आदेश। ____________________________________________________________________________________________
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