section 2
्ररभाषाएं.
The Rajasthan Honour of Dead Body Act, 2023- (1) इस अिधिनमम में, जब तक कक संदभव से अनमथा अपेक्षित न हो,(क) “संदहता” से दण्ड प्रकिमा संदहता, 1973 (1974 का के नद्रीम अिधिनमम सं. 2) अशभप्रेत है; (ख) “मतृ शरीर” से ककसी मतृ मानव का शरीर अशभप्रेत है; (ग) “जजला पशलसु अधीिक” से ककसी पशलसु जजले का भारसाधक अिधकारी अशभप्रेत है और
महानगर िेत्र के शलए इसमें पशलसु उपामकु त सजममशलत है;
(घ) “कु टुंब सदस्म” से ऐसा सदस्म जो मतकृ से समरकतता, वववाह मा वववाह की प्रकृ ित में ककसी नातेदारी, दततकग्रहण के माधमम से संबंिधत हों मा अववभकत कु टुंब के रूप में साथ रह रहा कोई कु टुंब सदस्म अशभप्रेत है;
(ङ) “अंितम संस्कार” से उस समदामु मा धमव की परंपरा मा रूदि, जजससे मतकृ संबंिधत था, के
अनसारु मतृ शरीर का िनपटान अशभप्रेत है; (च) “ववदहत” से इस अिधिनमम के अधीन बनामे गमे िनममों द्वारा ववदहत अशभप्रेत है; (छ) “लोक प्रािधकारी” से मतृ शरीर का अंितम संस्कार संपाददत करने के शलए राजम सरकार
द्वारा समम-समम पर मथा ववदहत कोई प्रािधकारी अशभप्रेत है;
(ज) “ववरोध” से ककसी अभमापजतत, अवज्ञा, आंदोलन, प्रकोपन इतमादद के द्वारा ककसी मतृ शरीर के अंितम संस्कार को रोकने के शलए मांगें उठाना मा ककनहीं मांगों को पराू करने के शलए सताना अशभप्रेत है;
(झ) “िनमम” से इस अिधिनमम के अधीन बनामे गमे िनमम अशभप्रेत हैं; और (ञ) “राजम” से राजस्थान राजम अशभप्रेत है।
- (2) इसमें प्रमकु त ककमे गमे और पररभावषत नहीं ककमे गमे, ककनतु दण्ड प्रकिमा संदहता, 1973 (1974 का के नद्रीम अिधिनमम सं. 2), भारतीम दण्ड संदहता, 1860 (1860 का के नद्रीम अिधिनमम सं. 45), राजस्थान पशलसु अिधिनमम, 2007 (2007 का अिधिनमम सं. 14) और राजस्थान शारीर अिधिनमम, 1986 (1986 का अिधिनमम सं. 12) में पररभावषत ककमे गमे शबदों और अशभवमजकतमों के वही अथव होंगे, जो उनहें िमश: उन संदहताओं/अिधिनममों में समनदेशशतु ककमे गमे हैं। अधयाय-2 मतृ वयक्तत के अधिकार
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