section 5
अध्यापकों आदि के वेतन के संदाय के लिये संस्थागत निधि का गठन तथा उसमें निक्षिप्त की जाने वाली रकमें
The Madhya Pradesh Ashaskiya Shikshan Sanstha (Anudan ka Pradaya) Adhiniyam 1978General197813 sections
Statutory text
- (1) किसी राष्ट्रीय बैंक में एक पृथक खाता खोला जायेगा जिसका कि संस्था के लिये एक पृथक निधि ( जो इसमें इसके पश्चात संस्थागत निधि के नाम से निर्दिष्ट है) के रूप गठन इस निमित्त बनाए गए नियमों के अनुसार किया जाएगा.
- (2) अनुदान, राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर नियत किये गये अनुसार संस्था को ब्लाक ग्रांट के रूप में देय होगा. यह अनुदान संस्था द्वारा पूर्व के अनुदान के उपयोग प्रमाण-पत्र के साथ विस्तृत संपरीक्षित लेखा तथा वार्षिक लेखा विवरण दे देने के पश्चात संस्था को प्रदत्त किया जाएगा.
- (3) प्रबंधक वर्ग, प्रत्येक मास के अंतिम दिन तक फीस की वह कुल रकम, जो संस्था के विद्यार्थियों से वसूल की गई हो, संस्थागत निधि में जमा करेगा.
- (4) उपधारा
- (3) के अधीन निक्षिप्त की गई फीस के अतिरिक्त, प्रबंधक वर्ग संस्था के अध्यापकों तथा कर्मचारियों के पूर्ववर्ती मास के वेतन के संदाय हेतु इतनी और राशियां, जितनी की उस रकम के, जो उपधारा
- (2) के अधीन जमा की गई कुल रकम, तथा उपधारा
- (3) के अधीन जमा की गई रकम को मिला कर आती हो, एक-बारहवांश से उस रकम के, जो कि संस्था के अध्यापकों तथा कर्मचारियों को प्रतिवर्ष देय होने वाले कुल वेतन तथा उन अध्यापकों एवं कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों में संस्था द्वारा प्रतिवर्ष किये जाने वाले अभिदाय को मिलाकर आती हो, एक-बारहवांश के समतुल्य बनाने के लिये अपेक्षित हो, प्रत्येक मास की 10 तारीख तक संस्थागत निधि में जमा करेगा.
- (5) संस्थागत निधि में जमा किया गया कोई भी धन निम्नलिखित प्रयोजनों को छोड़कर किन्हीं भी अन्य प्रयोजनों के लिये उपयोजित नहीं किया जाएगा अर्थात:– (क) नियत तारीख के पश्चात की किसी भी कालावधि के लिये शोध्य होने वाले वेतनों का संदाय; (ख) अध्यापकों तथा कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों में संस्था द्वारा किये जाने वाला अभिदाय, यदि कोई हो, जमा करना.
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