section 1
संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
The-Rajasthan-Goods-And-Services-Tax-Amendment-Act-20221. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ .- (1) इस अधिननयम का नाम राजस्थान माल और सेवा कर (संशोिन) अधिननयम, 2022 ह:।
- (2) यथा अन्यथा उपनंधित के लसवाय, इस अधिननयम के उपनंि उस तारीत को प्रव ृ
त्त होंगे जो राज् य सरकार, राजपत्र में
अधिस ू चना द्वारा, ननयत करे परन् त ु इस अधिननयम के लभन्न-लभन् न उपनंिों के ललए लभन्न-
े श का अथाषन्वयन उस उपनंि के प्रव ृ त्त होने के प्रनत ननर्द े श से ककया जायेगा।
2. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 16 का संशोधन 2. 2017 के राजस्थान म अधधनन मयल सं. 9 की धारा 16 का संधनधन म.- राजस्थान माल और सेवा कर अधिननयम, 2017 (2017 का अधिननयम सं. 9), जजसे इसमें इसके पश् चात म म ू ल अधिननयम कहा गया
ह:, क िारा 16 में,-
- (i) उप-िारा (2) में,- (क) ववद्यमान तण् ड (त) एवं इसके स् पष् टीकरण के पश्चात म और ववद्यमान तण् ड (ग) के प ू वष नन् नललितत नया तण् ड अंत स्थावपत ककया जायेगा, अथाषत म - ''(तक) ऐसे रजजस्रीक ृ त व्यजतत को िारा 38 के अि न संस ू धचत उतत प्रर्दाय के संनंि में इनप ु ट कर प्रत्यय के ब्यौरे नननंधित न कर दर्दये जायें;''; और
(त) तण् ड (ग) में ववद्यमान अलभव् यजतत ''या िारा
43क'' को हटाया जायेगा; और
- (ii) उप-िारा (4) में, ववद्यमान अलभव् यजतत ''लसतंनर मास के
3. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 29 का संशोधन 3.2017 के राजस्थान म अधधनन मयल सं. 9 की धारा 29 का संधनधन म.- म ू
ल अधिननयम क िारा 29 क उप-िारा (2) में,-
- (i) तण् ड (त) में ववद्यमान अलभव् यजतत ''त न क्रमवती कर
पश् चात म
तक उत त वववरण '' प्रनतस् थावपत क जायेग ; और
- (ii) तण् ड (ग) में ववद्यमान अलभव् यजतत ''लगातार छह मास क
4. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 34 का संशोधन 4. 2017 के राजस्थान म अधधनन मयल सं. 9 की धारा 34 का संधनधन म.- म ू
ल अधिननयम क िारा 34 क उप-िारा (2) में ववद्यमान
अलभव् यजतत ''लसतंनर मास'' के स्थान पर अलभव् यजतत ''त स नवंनर''
प्रनतस् थावपत क जायेग ।
5. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 37 का संशोधन
5. 2017 के राजस्थान म अधधनन मयल सं. 9 की धारा 37 का
संधनधन म.- म ू
ल अधिननयम क िारा 37 में,-
- (i) उप-िारा (1) में,- (क) ववद्यमान अलभव् यजतत ''इलेतराननक रूप में'' के पश् चात म
एवं ववद्यमान अलभव् यजतत ''ऐसे प्ररूप में'' से प
ू वष
अलभव् यजतत ''ऐस शतों और नननंिनों के अध् यि न र हते ह
ु ए
और'' अंत स् थावपत क जायेग ;
(त) ववद्यमान अलभव् यजतत ''उतत प्रर्दाय के प्राजततकताष को
ऐस समयावधि के भ तर और ऐस रीनत से, जो ववदहत क
जाये, संस ू धचत ककये जायेंगे'' के स्थान पर, अलभव् यजतत ''उतत
प्रर्दाय के प्राजततकताष को ऐस शतों और नननंिनों के अध् यि न
रहते ह ु
ू
धचत ककये जायेंगे'' प्रनतस् थावपत क जायेग ;
(ग) ववद्यमान प्रथम परन्त ु क हटाया जायेगा; (घ) द्ववत य परन्त ु क में ववद्यमान अलभव् यजतत ''परन् त ु
यह और कक'' के स्थान पर अलभव् यजतत ''परन् त ु '' प्रनतस् थावपत क जायेग ; (ङ) त ृ त य परन्त ु क में ववद्यमान अलभव् यजतत ''परन् त ु
यह और भ कक'' के स्थान पर, अलभव् यजतत ''परन् त
ु यह और
कक'' प्रनतस् थावपत क जायेग ;
- (ii) ववद्यमान उप-िारा (2) हटाय जायेग ;
- (iii) उप-िारा (3) में,- (क) ववद्यमान अलभव् यजतत ''और जो िारा 42 या िारा 43 के अि न बनना लमलान के रह गये हैं'' को हटाया जायेगा; और (त) प्रथम परन्त ु क में ववद्यमान अलभव् यजतत ''लसतंनर
- (iv) इस प्रकार संशोधित उप-िारा (3) के पश्चात म नन्नललितत
नय उप-िारा अंत स्थावपत क जायेग , अथाषत
म - ''(4) ककस रजजस्रीक ृ
के ललए अन ु ज्ञात नहीं ककया जायेगा, यदर्द उसके द्वारा ककन्हीं प ू वषवती कर कालावधियों के ललए जावक प्रर्दाय के ब्यौरे नहीं दर्दये गये हैं परन्त ु
सरकार, पररर्द् क लसफाररशों पर, अधिस
ू चना
द्वारा, ऐस शतों और नननंिनों के अध् यि न रहते ह
ु ए, जो अधिस ू
चना में ववननदर्दषष्ट ककये जायें, ककस रजजस्रीक
ृ त व्यजतत या रजजस्रीक ृ
त व्यजततयों के ककस वगष को उप-िारा (1) के
अि न जावक प्रर्दायों के ब्यौरे र्देने के ललए अन ु ज्ञात कर सकेग यद्यवप उसने एक या अधिक प ू वषवती कर कालावधियों के ललए जावक प्रर्दायों के ब्यौरे नहीं दर्दये हैं।''।
6. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 38 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 38 का संशोधन
7. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 39 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 39 का संशोधन
8. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 41 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 41 का संशोधन
9. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 42, 43 और 43क का हटाया जाना 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 42, 43 और 43क का हटाया जाना
10. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 47 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 47 का संशोधन
11. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 48 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 48 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 48 की उप-धारा (2) में विद्यमान अभिव्यक्ति ''धारा 38 के अधीन आवक प्रर्दायों के ब्यौरे'' हटाये जायेग ।
12. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 49 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 49 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 49 में,-
- (i) उप-धारा (2) में, विद्यमान अभिव्यक्ति ''या धारा 43क'' को हटाया जायेगा;
- (ii) उप-धारा (4) में, विद्यमान अभिव्यक्ति ''ऐस शतों'' के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति ''के अध् यि न रहते ह हुए'' के पूर्व अभिव्यक्ति ''और नननंिनों'' अंत स्थावपत ककया जायेगा; और
- (iii) विद्यमान उप-धारा (11) के पश्चात, नन्नललितत नय उप-धारा अंत स्थावपत ककया जायेगा, अथाषत -
''(12) इस अधीनयम में अंतववषष्ट ककस नात के होते ह हुए भ , सरकार, पररर्द् क लसफाररशों पर, ऐस शतों और नननंिनों के अध्यि न रहते ह हुए, जो ववदहत ककये जायें, इस अधीनयम या एक क ृ त माल और सेवा कर अधीनयम, 2017 के अि न, आउटप ु ट कर र्दानयत्व के ऐसे अधिकतम भाग को ववननदर्दषष्ट कर सकेग , जजसका रजजस्रीक ृ त व्यजतत या रजजस्रीक ृ त व्यजततयों के ककस वगष द्वारा, इलेतराननक जमा ताते के माध्यम से ननवषहन ककया जा सके।''।
13. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 50 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 50 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 50 में विद्यमान उप-धारा (3) के स्थान पर, नन्नललितत प्रनतस् थावपत ककया जायेगा और 1 ज ु लाई, 2017 से प्रनतस् थावपत ककया ह ु आ समझा जायेगा, अथाषत -
''(3) जहां इनप ु ट कर प्रत्यय का गलत रूप से उपभोग और उपयोग कर ललया गया ह:, वहां रजजस्रीक ृ त व्यजतत, गलत रूप से उपभोग और उपयोग ककये गये ऐसे इनप ु ट कर प्रत्यय पर, पररर्द् क लसफाररशों पर सरकार द्वारा, यथा अधिस ू धचत चौन स प्रनतशत से अनधिक ऐस र्दर जो अधिस ू धचत क जाये पर ब् याज का संर्दाय करेगा, और ब्याज क गणना ऐस रीनत से, जो ववदहत क जाए, क जायेग ।''।
14. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 52 का संशोधन
2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 52 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 52 क उप-धारा (6) के परन्त ु क में विद्यमान अभिव्यक्ति ''लसतंनर मास का वववरण प्रस्त ु त करने के ललए ननयत तारीत'' के स्थान पर अभिव्यक्ति ''त स नवंनर'' प्रनतस् थावपत क जाएग ।
15. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 54 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 54 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 54 में,-
- (i) उप-धारा (1) के परन्त ु क में विद्यमान अभिव्यक्ति ''धारा 39 के अि न प्रस्त ु त वववरण में ऐसे प्रनतर्दाय का ऐस रीनत'' के स्थान पर, अभिव्यक्ति ''ऐसे प्रनतर्दाय का ऐसे प्ररूप में और ऐस रीनत'' प्रनतस् थावपत क जाएग ;
- (ii) उप-धारा (2) में विद्यमान अभिव्यक्ति ''छह मास'' के स्थान पर अभिव्यक्ति ''र्दो वर्ष'' प्रनतस् थावपत क जाएग ;
- (iii) उप-धारा (10) में विद्यमान अभिव्यक्ति ''उप-धारा (3) के अि न'' हटाय जाएग ; और
- (iv) उप-धारा (14) के पश्चात के स् पष् टीकरण के तण् ड (2) में विद्यमान उपतण् ड (त) के पश्चात तथा विद्यमान उपतण् ड (ग) के पूर्व, नन् नललितत नया उपतण् ड अंत स् थावपत ककया जाएगा, अथाषत -
''(तक) ववशेर् आधथषक जोन ववकासकताष या ववशेर् आधथषक जोन इकाई को श ू न्य र्दर पर माल या सेवाओं अथवा र्दोनों के प्रर्दाय क र्दशा में, जहां, उन्हें ऐसे प्रर्दाय या यथाजस्थनत, ऐसे प्रर्दायों में प्रय ु तत इनप ु ट या इनप ु ट सेवाओं के संनंि में संर्दत्त कर का प्रनतर्दाय उपलब्ि ह:, वहां ऐसे प्रर्दायों के संनंि में धारा 39 के अि न वववरण प्रस्त ु त करने के ललए ननयत तारीत;''.
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