section 39
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The Madhya Pradesh Samaj Ke Kamjor Vargon Ke Liye Vidhik Sahayata Tatha Vidhik Salah Adhiniyam, 1976३९. (१) कोई भी व्यक्ति, जो विधिक सहायता के लिये धारा ३३ के अधीन पात्र हो, विधिक कार्यवाही के किसी भी प्रक्रम पर, विधिक सहायता के लिये जिला विधिक सहायता तथा विधिक सलाह समिति को ऐसे प्ररूप में आवेदन कर सकेगा जैसा कि विहित किया जाय : परन्तु जहां धारा ३८ के अधीन विधिक सलाह के लिये आवेदन किया गया हो, वहां विधिक सहायता के लिये कोई नये आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी, और जिला विधिक सहायता तथा विधिक सलाह समिति, उस धारा की उपधारा (२) के उपबन्धों के अध्ययन रहते हुए, विधिक सहायता मंजूर करने के लिये इस प्रकार अग्रसर होगी मानो कि उस धारा की उपधारा (१) के अधीन किया गया आवेदन विधिक सहायता मंजूर की जाने के लिये आवेदन था। (२) वह जिला विधिक सहायता तथा विधिक सलाह समिति, जिसे उपधारा (१) के अधीन आवेदन किया गया हो, इस अधिनियम के तथा उसके अधीन बनाये गये नियमों के उपबन्धों के अध्ययन रहते हुए, आवेदक को विधिक सहायता की मंजूरी देते हुए आदेश ऐसे प्ररूप में कर सकेगी जो कि विहित किया जाय। (३) जिला विधिक सहायता तथा विधिक सलाह समिति उस आदेश को, जिसके द्वारा सहायता-प्राप्त व्यक्ति को विधिक सरसहायता दी गई हो, एक प्रति उस न्यायालय को भेजेगी जिसमें कि विधिक कार्यवाही संस्थित की जानी हो या जिसमें कि वह निपटारे के लिये लम्बित हो।
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