The Rajasthan Goods and Services Tax (Amendment) Act, 2025
The Rajasthan Goods and Services Tax (Amendment) Act, 2025
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ.-(1) इस अधिनियम का नाम राजस्थान माल और सेवा कर (संशोधन) अधिनियम, 2025 है।
- (2) इस अधिनियम क8 धारा 6, 30, 35 और 37, ;दनांक 27 सत. बर, 2024 को और से >व'त हई समझी जाय(गी ृु और शेष धाराय( ;दनांक 1 नवंबर, 2024 को और से >व'त हई समझी जाय(गी ृु। 2. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 9 का संशोधन 2. 2017 के राजस्थान अ-ध.नयम सं. 9 क0 धारा 9 का संशोधन.- राजस्थान माल और सेवा कर अ ध नयम, 2017 (2017 का अ ध नयम सं. 9), िजसे इसम( इसके पH चात मल अ ध नयम कहा गया है, क8 धारा 9 क8 उप-धारा (1) म( वMयमान अ भN यिOत “मानवीय उपभोग के लए मMयसाPरक पान” के पH चात और वMयमान अ भN यिOत, “के >दाय” से पव* अ भN यिOत “और अ वक तकत ृृ अ तPरO त नR >भावी मMयसाPरक या पPरशो धत ि >ट, जो मानवीय उपभोग के लए मMयसाPरक पान के व नमा*ण के लए >यO त Tकया जाता है,” अU त: था पत क8 जायेगी। 3. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 10 का संशोधन 3. 2017 के राजस्थान अ-ध.नयम सं. 9 क0 धारा 10 का संशोधन.- मल अ ध नयम क8 धारा 10 क8 उप-धारा (5) म(, वMयमान अ भN यिOत “धारा 73 या धारा 74” के पH चात और वMयमान अ भN यिOत “के उपबंध” से पू व*, अ भN यिOत “या धारा 74क” अU त: था पत क8 जायेगी। 4. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 में नई धारा-11क का अंत:स्थापन 4. 2017 के राजस्थान अ-ध.नयम सं. 9 म नई धारा-11क का अंत: स्थापन.- मल अ ध नयम क8 वMयमान धारा 11 के पH चात न. न ल/खत नयी धारा अंत: था पत क8 जायेगी, अथा*त:- “11क. साधारण चलन के प5रणाम व6प उ8गह:त नह:ं कये गये या कम उ8गह:त कये गये माल और सेवा कर क0 वसल: नह:ं करने क0 शि=त.- इस अ ध नयम म( अंत व*R ट Tकसी बात के होते हए भी, य;द सरकार का यह समाधान हो जाता है Tक- (क) माल या सेवाओं या दोनW के Tकसी >दाय पर रा$ य कर के उMXहण (उसके गैर-उMXहण स;हत) के संबंध म( कोई चलन साधारणतया >च लत था या है; और (ख) ऐसे >दाय जो, न. न ल/खत के लए दायी थे या ह[,-
- (i) उन मामलW म(, जहां उO त चलन के अनसार, रा$ य कर उMगह\त नह\ं Tकया गया था या उMगह\त नह\ं Tकया जा रहा है, रा$ य कर, या
- (ii) रा$ य कर क8 ऐसी रकम, िजसे उO त चलन के अनसार उMगह\त Tकया जा रहा था या Tकया जा रहा है, से उ] चतर रकम है, तो रा$ य सरकार, पPरष^ क8 सफाPरश पर, राजप` म( अ धसचना Mवारा, यह नदेश दे सके गी Tक ऐसे >दायW पर संदेय संपण* रा$ य कर या, यथाि थ त, ऐसे >दायW पर संदेय रा$ य कर के आ धO य म( रा$ य कर, य;द उO त चलन नह\ं होता तो, उन >दायW के संबंध म( संद' त Tकया जाना अपेbcत नह\ं होगा, िजन पर रा$ य कर, उO त चलन के अनसार, उMगह\त नह\ं Tकया गया था या उMगह\त नह\ं Tकया जा रहा है, या कम उMगह\त Tकया गया था या कम उMगह\त Tकया जा रहा है।”। 5. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 13 का संशोधन 5. 2017 के राजस्थान अ-ध.नयम सं. 9 क0 धारा 13 का संशोधन.- मल अ ध नयम क8 धारा 13 क8 उप-धारा (3) म(,-
- (i) ख, ड (ख) म(, वMयमान अ भN यिOत “>दायकता* Mवारा” के थान पर अ भN यिOत “उस दशा म(, जहां बीजक >दायकता* Mवारा जर\ Tकया जाना अपेbcत है, >दायकता* Mवारा” और वMयमान ख, ड (ख) के अंत म( आये वराम चdन “:” के थान पर अ भN यिOत “; या” > त था पत क8 जायेगी;
- (ii) इस >कार संशो धत ख, ड (ख) के पH चात, न. न ल/खत नया ख, ड अंत: था पत Tकया जायेगा, अथा*त:- “(ग) उस दशा म( जहां, बीजक, >ािeतकता* Mवारा जर\ Tकया जाना है, वहां >ािeतकता* Mवारा बीजक जर\ कये जाने क8 तार\ख:”;
- (iii) >थम परU त ु क म(, वMयमान अ भN यिOत “ख, ड (क) या ख, ड (ख)” के पH चात और वMयमान अ भN यिOत “के अधीन” से पव*ू, अ भN यिOत “या ख, ड (ग)” अंत: था पत क8 जायेगी। 6. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 16 का संशोधन “(5) उप-धारा (4) म( अंत व*R ट Tकसी बात के होते हए भी ु , रिज f\कत N य ृ िOत व' तीय वष* 2017-18, 2018- 19, 2019-20 और 2020-21 से संबं धत माल या सेवाओं या दोनW के >दाय के लए Tकसी बीजक या नामे नोट के संबंध म(, धारा 39 के अधीन Tकसी ववरणी म(, िजसे 30 नवंबर, 2021 तक फाइल Tकया गया है, इनपट कर >' य ु य लेने का हकदार होगा।
- (6) जहां Tकसी रिज f\कत N य ृ
्
ु , रिज f\करण के रhकरण का > तसंहरण Tकया जाता है और जहां बीजक या नामे नोट के संबंध म(, इनपट कर >' य ु य का लाभ रिज f\करण के रhकरण के आदेश क8 तार\ख को उप-धारा (4) के अधीन
ु य लेने का
हकदार होगा, जहां Tक ,-
- (i) उस व' तीय वष* के पH चात आने वाले ् नव. बर, िजससे ऐसा बीजक या नामे नोट
संबं धत है या ससंगत वा ष*क ववरणी > त
ुु त करने तक, इनम( से जो भी पव*तर हो ू , फाइल क8 जाती है; या
- (ii) रिज f\करण के रhकरण क8 तार\ख से, या यथाि थ त, रिज f\करण के रhकरण क8 >भावी तार\ख से उस कालाव ध के लए, रिज f\करण के रhकरण के > तसंहरण के आदेश क8 तार\ख तक, जहां ऐसी ववरणी रिज f\करण के रhकरण के > तसंहरण के
आदेश क8 तार\ख से तीस ;दवस के भीतर,
फाइल क8 जाती है, इनम( से जो भी पH चा'वतj हो।”।
7. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 17 का संशोधन
मल अ ध नयम क8 धारा 17 क8 उप-धारा (5) के ख, ड (झ)
म(, वMयमान अ भN यिOत “धारा 74, धारा 129 और धारा 130” के थान पर अ भN यिOत “ व' तीय वष* 2023-24 तक Tकसी कालाव ध के
संबंध म( धारा 74” > त था पत क8 जायेगी।
8. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 21 का संशोधन
् िOत “के उपबंध” से पव* अ भN य ू
िOत “या धारा 74क” अंत: था पत क8 जायेगी।
9. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 30 का संशोधन मल अ ध नयम क8 धारा 30 म(,-
(क) उप-धारा (2) के परU त
ु
ु क के पH चात ्
न. न ल/खत नया परU त
ु क अंत: था पत Tकया जायेगा, अथा*त ् :- “परU त ु यह और Tक ऐसे रिज f\करण के रhकरण का > तसंहरण, ऐसी शतk और नबiधनW के
अl यधीन होगा, जो व;हत क8 जाय(।”।
10. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 31 का संशोधन मल अ ध नयम क8 धारा 31 क8 उप-धारा (3) म(,-
् िOत “कर संद' त” से पव* अ भN य ू
् ल/खत नया
पR ट\करण अंत: था पत Tकया जायेगा, अथा*त
् :-
“ पA ट:करण.- ख, ड (च) के >योजनW के लए,
अ भN यिOत “>दायकता*, जो रिज f\कत नह\ं है ृ ” के अंतग*त
ृ ”।
11. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 35 का संशोधन 11. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 35 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 35 की उप-धारा (6) में विद्यमान अभिव्यक्ति “धारा 73 या धारा 74” के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति “के उपबंध” से पूर्व अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंत:स्थापित की जायेगी।
12. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 39 का संशोधन 12. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 39 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 39 की उप-धारा (3) के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जायेगा, अर्थात:-
“(3) धारा 51 के अधीन, स्रोत पर कर की कटौती करने के लिए अपेक्षित प्रत्येक रजिऱ्कृत व्यक्ति, प्रत्येक कलेंडर मास के लिए, मास के दौरान की गयी कटौतियों की एक विवरणी, ऐसे प्रारूप में और ऐसी रीति से और ऐसे समय के भीतर, जो विहित किया जाये, इलेक्ट्राोनिक रूप में देगा:
परन्तु उक्त रजिऱ्कृत व्यक्ति, प्रत्येक कलेंडर मास के लिए, चाहे उक्त मास के दौरान कोई कटौतियां की गयी हों या नहीं, एक विवरणी देगा।”।
13. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 49 का संशोधन 13. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 49 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 49 की उप-धारा (8) के खंड (ग) में, विद्यमान अभिव्यक्ति “धारा 73 या धारा 74” के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति “के अधीन” से पूर्व अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंत:स्थापित की जायेगी।
14. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 50 का संशोधन 14. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 50 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 50 की उप-धारा (1) के परन्तुक में, विद्यमान अभिव्यक्ति “धारा 73 या धारा 74” के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति “के अधीन” से पूर्व, अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंत:स्थापित की जायेगी।
15. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 51 का संशोधन 15. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 51 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 51 की उप-धारा (7) में, विद्यमान अभिव्यक्ति “धारा 73 या धारा 74” के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति “में विनिर्दिष्ट रीति” से पूर्व, अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंत:स्थापित की जायेगी।
16. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 54 का संशोधन 16. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 54 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 54 में,- (क) उप-धारा (3) में, विद्यमान द्वितीय परंतुक हटाया जायेगा; (ख) विद्यमान उप-धारा (14) के पश्चात और विद्यमान स्पष्टीकरण से पूर्व, निम्नलिखित नयी उप-धारा अंतःस्थापित की जायेगी, अर्थात:- “(15) इस धारा में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, माल के शून्य दर प्रदाय के मध्य अनुपयोजित इनपट कर प्रत्यय या माल के शून्य दर प्रदाय के मध्य संदत्त एकीकृत कर का कोई प्रतदाय अनुज्ञात नहीं किया जायेगा, जहां ऐसे माल का शून्य दर प्रदाय निर्यात शुल्क के अधीन हो।”।
17. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 61 का संशोधन 17. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 61 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 61 की उप-धारा (3) में, विद्यमान अभिव्यक्ति “धारा 73 या धारा 74” के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति “के अधीन” से पूर्व अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंतःस्थापित की जायेगी।
18. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 62 का संशोधन 18. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 62 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 62 की उप-धारा (1) में, विद्यमान अभिव्यक्ति “धारा 73 या धारा 74” के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति “में अंतर्विष्ट” से पूर्व अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंतःस्थापित की जायेगी।
19. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 63 का संशोधन 19. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 63 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 63 में, विद्यमान अभिव्यक्ति “धारा 73 या धारा 74” के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति “में अंतर्विष्ट” से पूर्व अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंतःस्थापित की जायेगी।
20. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 64 का संशोधन 20. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 64 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 64 की उप-धारा (2) में, विद्यमान अभिव्यक्ति “धारा 73 या धारा 74” के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति “में अधिकथित प्रक्रिया” से पूर्व अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंतःस्थापित की जायेगी।
21. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 65 का संशोधन 21. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 65 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 65 की उप-धारा (7) में, विद्यमान अभिव्यक्ति “धारा 73 या धारा 74” के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति “के अधीन” से पूर्व अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंतः स्थापित की जायेगी।
22. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 66 का संशोधन 22. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 66 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 66 की उप-धारा (6) में, विद्यमान अभिव्यक्ति “धारा 73 या धारा 74” के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति “के अधीन” से पूर्व अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंतः स्थापित की जायेगी।
23. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 70 का संशोधन 23. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 70 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 70 की विद्यमान उप-धारा (1) के पश्चात और विद्यमान उप-धारा (2) से पूर्व, निम्नलिखित नयी उप-धारा अंतः स्थापित की जायेगी, अर्थात:- “(1क) उप-धारा (1) के अधीन समन किये गये समस्त व्यक्ति या तो व्यक्तिगत रूप से या किसी प्राधिकृत प्रतिनिधि द्वारा उपस्थित होने के लिए आबद्ध होंगे, जैसा कि ऐसा अधिकारी निदेश दे और इस प्रकार उपस्थित होने वाला व्यक्ति परीक्षा के दौरान सत्य बोलेगा या कथन करेगा या ऐसे दस्तावेज और अन्य वस्तुएं, जो अपेक्षित हैं, प्रस्तुत करेगा।”।
24. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 73 का संशोधन 24. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 73 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 73 में,-
- (i) शीर्षक में, विद्यमान अभिव्यक्ति “अन्य कारण से” के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति “असंदत्त या कम” से पूर्व अभिव्यक्ति “वित्तीय वर्षों 2023-24 तक की कालावधि से संबंधित” अंतः स्थापित की जायेगी;
- (ii) विद्यमान उप-धारा (11) के पश्चात, निम्नलिखित नयी उप-धारा जोड़ी जायेगी,अर्थात:- “(12) इस धारा के उपबंध वित्तीय वर्ष 2023-24 तक की कालावधि से संबंधित कर के अवधारण के लिए लागू होंगे।”। 25. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 74 का संशोधन 25. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 74 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 74 में,-
- (i) शीर्षक में, विद्यमान अभिव्यक्ति “छपाने के कारण” के पश्चात और विद्यमान अभिव्यक्ति “असंदत्त या कम” से पूर्व अभिव्यक्ति “वित्तीय वर्षों 2023-24 तक की कालावधि से संबंधित” अंतः स्थापित की जायेगी;
- (ii) विद्यमान उप-धारा (11) के पश्चात और विद्यमान स्पष्टीकरण 1.- से पूर्व निम्नलिखित नयी उप-धारा अंतः स्थापित की जायेगी,अर्थात:- “(12) इस धारा के उपबंध वित्तीय वर्ष 2023-24 तक की कालावधि से संबंधित कर के अवधारण के लिए लागू होंगे।”;
- (iii) विद्यमान स्पष्टीकरण 2 हटाया जायेगा। 26. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 में धारा 74क का अंत:स्थापन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 में धारा 74क का अंत:स्थापन.- मूल अधिनियम की वर्तमान धारा 74 के पश्चात् और वर्तमान धारा 75 से पूर्व, निम्नलिखित नयी धारा अंत:स्थापित की जायेगी, अर्थात्:- “74क. वित्तीय वर्ष 2024-25 से आगे संबंधित किसी कारण से असंदत्त या कम संदत्त या त्रुटिवश प्रतिदत्त कर का अथवा गलत तरीके से उपभोग या उपयोग किये गये इनपट कर प्रत्यय का अवधारण.- (1) जहां समुचित अधिकारी को यह प्रतीत होता है कि किसी कर का संदाय नहीं किया गया है या कम संदाय किया गया है या त्रुटिवश प्रतिदाय किया गया है या जहां इनपट कर प्रत्यय गलत तरीके से लिया गया है या उपयोग किया गया है, तो वह ऐसे कर से प्रभार्य उस व्यक्ति को, जिसे इस प्रकार संदत्त नहीं किया गया है या जिसे इस प्रकार कम संदत्त किया गया है या जिस व्यक्ति को त्रुटिवश प्रतिदाय किया गया है, या जिसने गलत तरीके से इनपट कर प्रत्यय प्राप्त किया है या उपयोग किया है, उससे यह कारण बताने की अपेक्षा करते हुए कि क्यों न वह नोटिस में विनिर्दिष्ट रकम के साथ धारा 50 के अधीन उस पर संदेय ब्याज तथा इस अधिनियम या उसके अधीन बनाये गये नियमों के उपबंधों के अधीन उद्ग्रहणीय शास्ति का संदाय करे, नोटिस की तामील करेगा: परन्तु कोई नोटिस जारी नहीं किया जायेगा, यदि किसी वित्तीय वर्ष में वह कर, जिसे संदत्त नहीं किया गया है या कम संदत्त किया गया है या त्रुटिवश प्रतिदाय किया गया है या गलत तरीके से इनपट कर प्रत्यय लिया है या उपयोग किया है, एक हजार रुपये से कम है।
- (2) समुचित अधिकारी उस वित्तीय वर्ष के लिए, जिसके लिए कर संदत्त नहीं किया गया है या कम संदत्त किया गया है या गलत तरीके से इनपट कर प्रत्यय लिया है या उपयोग किया है, वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करने के लिए देय तारीख से बयालीस मास के भीतर या त्रुटिवश प्रतिदाय की तारीख से बयालीस मास के भीतर, उप-धारा (1) के अधीन नोटिस जारी करेगा।
- (3) जहां उप-धारा (1) के अधीन किसी कालावधि के लिए नोटिस जारी किया गया है, वहां समुचित अधिकारी कर से प्रभार्य व्यक्ति पर, उप-धारा (1) के अधीन आने वाली कालावधियों से भिन्न ऐसी कर कालावधियों के लिए असंदत्त या कम संदत्त किये गये या त्रुटिवश प्रतिदाय किये गये कर अथवा गलत तरीके से लिये गये या उपयोग किये गये इनपट कर प्रत्यय के ब्यौरे अंतर्विष्ट करते हुए एक कथन की तामील कर सकेगा ।
- (4) ऐसे कथन की तामील, उप-धारा (1) के अधीन ऐसे व्यक्ति पर, इस शर्त के अधीन रहते हुए कि उप-धारा (1) के अंतर्गत आने वाली कालावधियों से भिन्न ऐसी कर कालावधियों के लिए अवलंब किये गये आधार पूर्ववर्ती नोटिस में उल्लिखित आधारों के समान ही हों, नोटिस की तामील समझा जायेगा ।
- (5) उस मामले में, जहां कर संदत्त नहीं किया गया है या कम संदत्त किया गया है या त्रुटिवश प्रतिदाय किया गया है अथवा जहां इनपट कर प्रत्यय गलत तरीके से लिया गया है या उपयोग किया गया है, वहां शास्ति,-
- (i) कर अपवंचन के लिए कपट या किसी जानबूझकर किये गये मिथ्या कथन या तथ्यों को छिपाने के कारणों से भिन्न, किसी कारण से, ऐसे व्यक्ति से शोध्य कर के दस प्रतिशत के समतुल्य या दस हजार रुपये, जो भी उच्चतर हो, होगी;
- (ii) कर अपवंचन के लिए कपट या किसी जानबूझकर किये गये मिथ्या कथन या तथ्यों को छिपाने के लिए ऐसे व्यक्ति से शोध्य कर के समतुल्य होगी।
- (6) समुचित अधिकारी कर से प्रभार्य किसी व्यक्ति द्वारा किये गये अभ्यावेदन यदि कोई हो, पर विचार करने के पश्चात्, ऐसे व्यक्ति से शोध्य कर, ब्याज और शास्ति की रकम अवधारित करेगा तथा आदेश जारी करेगा।
- (7) समुचित अधिकारी उप-धारा (2) में विनिर्दिष्ट नोटिस जारी करने की तारीख से बारह मास के भीतर उप-धारा (6) के अधीन आदेश जारी करेगा: परन्तु जहां समुचित अधिकारी विनिर्दिष्ट कालावधि के भीतर आदेश जारी करने में असमर्थ है, वहां आयुक्त या आयुक्त द्वारा प्राधिकृत संयुक्त आयुक्त, राज्य कर की पंक्ति से अनिम्न पंक्ति वाले समुचित अधिकारी से पंक्ति में वरिष्ठ अधिकारी, उप-धारा (6) के अधीन आदेश जारी करने में विलंब के कारणों को अभिलिखित करके ध्यान में रखते हुए, विनिर्दिष्ट कालावधि के अवसान से पूर्व, उक्त कालावधि को अधिकतम छह मास की कालावधि तक और बढ़ा सकेगा।
- (8) कर अपवंचन के लिए कपट या किसी जानबूझकर किये गये मिथ्या कथन या तथ्यों को छिपाने के कारणों से भिन्न किसी कारण के लिए, जहां कोई कर संदत्त नहीं किया गया है या कम संदत्त किया गया या त्रुटिवश प्रतिदत्त किया गया है अथवा जहां इनपट कर प्रत्यय गलत तरीके से लिया गया या उपयोग किया गया है, वहां कर से प्रभार्य व्यक्ति,-
- (i) उप-धारा (1) के अधीन नोटिस की तामील से पूर्व, ऐसे कर के स्वयं के अभिनिश्चय या समुचित अधिकारी द्वारा यथा अभिनिश्चित कर के आधार पर धारा 50 के अधीन संदेय ब्याज के साथ कर की रकम का संदाय कर सकेगा और ऐसे संदाय के बारे में लिखित में समुचित अधिकारी को सूचित कर सकेगा तथा समुचित अधिकारी ऐसी सूचना की प्राप्ति पर इस अधिनियम या उसके अधीन बनाये गये नियमों के उपबंधों के अधीन इस प्रकार संदत्त कर या संदेय किसी शास्ति के संबंध में उप-धारा (1) के अधीन किसी नोटिस या, यथास्थिति, उप-धारा (3) के अधीन कथन की तामील नहीं करेगा;
- (ii) कारण बताओ नोटिस के जारी करने के साठ दिवस के भीतर धारा 50 के अधीन संदेय ब्याज सहित उक्त कर का संदाय कर सकेगा और ऐसा करने पर, कोई शास्ति संदेय नहीं होगी तथा उक्त नोटिस के संबंध में समस्त कार्यवाहियां पूरी हुई समझी जायेंगी।
- (9) कर अपवंचन के लिए कपट या किसी जानबूझकर किये गये मिथ्या कथन या तथ्यों को छिपाने के कारण से, जहां कोई कर संदत्त नहीं किया गया है या कम संदत्त किया गया या त्रुटिवश प्रतिदाय किया गया है अथवा जहां इनपट कर प्रत्यय गलत तरीके से लिया गया या उपयोग किया गया है, वहां कर से प्रभार्य व्यक्ति,-
- (i) उप-धारा (1) के अधीन नोटिस की तामील से पूर्व, ऐसे कर के स्वयं के अभिनिश्चय या समुचित अधिकारी द्वारा यथा अभिनिश्चित कर के आधार पर धारा 50 के अधीन संदेय ब्याज के साथ कर की रकम और ऐसे कर के पंद्रह प्रतिशत के समतुल्य शास्ति का संदाय कर सकेगा और ऐसे संदाय के बारे में लिखित में समुचित अधिकारी को सूचित कर सकेगा, तथा समुचित अधिकारी ऐसी सूचना की प्राप्ति पर, इस अधिनियम या उसके अधीन बनाये गये नियमों के उपबंधों के अधीन इस प्रकार संदत्त कर या संदेय किसी शास्ति के संबंध में, उप-धारा (1) के अधीन किसी नोटिस की तामील नहीं करेगा;
- (ii) नोटिस जारी करने के साठ दिवस के भीतर धारा 50 के अधीन संदेय ब्याज और ऐसे कर के पचीस प्रतिशत के समतुल्य शास्ति के साथ उक्त कर का संदाय कर सकेगा और ऐसा करने पर, उक्त नोटिस के संबंध में सभी कार्यवाहियां पूरी हुई समझी जायेंगी;
- (iii) आदेश की संसूचना के साठ दिवस के भीतर धारा 50 के अधीन संदेय ब्याज और ऐसे कर के पचास प्रतिशत के समतुल्य शास्ति के साथ उक्त कर का संदाय कर सकेगा, और ऐसा करने पर, उक्त नोटिस के संबंध में सभी कार्यवाहियां पूरी हुई समझी जायेंगी।
- (10) जहां समुचित अधिकारी की यह राय है कि उप-धारा (8) के खंड (i) या उप-धारा (9) के खंड (i) के अधीन संदत रकम वास्तविक रूप से संदेय रकम से कम है, वहां वह ऐसी रकम के संबंध में, जो वास्तविक रूप से संदेय रकम से कम है, उप-धारा (1) में यथा उपबंधित नोटिस जारी करने के लिए अग्रसर होगा ।
- (11) उप-धारा (8) के खंड (i) या खंड (ii) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, उप-धारा (5) के खंड (i) के अधीन शास्ति वहां संदेय होगी, जहां निर्धारित कर की कोई रकम या कर के रूप में संग्रहीत कोई रकम ऐसे कर के संदाय की शोध्य तारीख से तीस दिवस की कालावधि के भीतर संदत्त नहीं की गयी है।
- (12) इस धारा के उपबंध वित्तीय वर्ष 2024-25 से संबंधित कर के अवधारण के लिए लागू होंगे। स्पष्टीकरण 1.- इस धारा के प्रयोजनों के लिए,-
- (i) अभिव्यक्ति "उक्त नोटिस के संबंध में सभी कार्यवाहियां" के अंतर्गत धारा 132 के अधीन कार्यवाहियां सम्मिलित नहीं होंगी;
- (ii) जहां नोटिस उन्हीं कार्यवाहियों के अधीन कर का संदाय करने के लिए दायी मुख्य व्यक्ति, और किन्हीं अन्य व्यक्तियों को जारी किया जाता है और ऐसी कार्यवाहियों को इस धारा के अधीन मुख्य व्यक्ति के विरुद्ध पूरा कर लिया गया है तो, धारा 122 और धारा 125 के अधीन शास्ति का संदाय करने के लिए दायी समस्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाहियों को पूरा कर लिया गया समझा जायेगा। स्पष्टीकरण 2.- इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, अभिव्यक्ति "छिपाना" से ऐसे तथ्यों या जानकारी की घोषणा नहीं करना, जिसके द्वारा कराधेय व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह इस अधिनियम या उसके अधीन बनाये गये नियमों के अधीन प्रस्तुत की गयी विवरणी, विवरण, रिपोर्ट या किसी अन्य दस्तावेज में समुचित अधिकारी द्वारा लिखित में घोषणा करे या पूछे जाने पर कोई जानकारी प्रस्तुत करने में विफलता की घोषणा करे, अभिप्रेत है।”। 27. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 75 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 75 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 75 में,- (क) उप-धारा (1) में, वर्तमान अभिव्यक्ति “धारा 74 की उप-धारा (2) और (10)” के पश्चात् और वर्तमान अभिव्यक्ति “में विनिर्दिष्ट” से पूर्व अभिव्यक्ति “या धारा 74क की उप-धारा (2) और (7)” अंतःस्थापित की जायेगी; (ख) वर्तमान उप-धारा (2) के पश्चात् और वर्तमान उप-धारा (3) से पूर्व, निम्नलिखित नयी उप-धारा अंतःस्थापित की जायेगी, अर्थात्:- “(2क) जहां किसी अपील प्राधिकारी या अपील अधिकरण या न्यायालय का यह निष्कर्ष है कि धारा 74क की उप-धारा (5) के खंड (ii) के अधीन शास्ति, इस कारण से पोषणीय नहीं है कि कर अपवंचन के लिए कपट या जानबूझकर किये गये किसी मिथ्या कथन या तथ्यों को छिपाने के आरोप, उस व्यक्ति के विरुद्ध साबित नहीं होते हैं, जिसको नोटिस जारी किया गया था, ऐसे व्यक्ति द्वारा शास्ति का संदाय धारा 74क की उप-धारा (5) के खंड (i) के अधीन होगा।”; (ग) वर्तमान उप-धारा (10) के स्थान पर, निम्नलिखित उप-धारा प्रतिस्थापित की जायेगी, अर्थात्:- “(10) न्याय निर्णयन कार्यवाहियों को पूरा हुआ समझा जायेगा, यदि आदेश धारा 73 की उप-धारा (10) या धारा 74 की उप-धारा (10) या धारा 74क की उप-धारा (7) में विनिर्दिष्ट कालावधि के भीतर जारी नहीं किया जाता है।”; (घ) उप-धारा (11) में, वर्तमान अभिव्यक्ति “धारा 74 की उप-धारा (10)” के पश्चात् और वर्तमान अभिव्यक्ति “में निर्दिष्ट” से पूर्व, अभिव्यक्ति “या धारा 74क की उप-धारा (7)” अंतःस्थापित की जायेगी; (ङ) उप-धारा (12) में, वर्तमान अभिव्यक्ति “धारा 74” के पश्चात् और वर्तमान अभिव्यक्ति “में अंतर्विष्ट” से पूर्व, अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंतःस्थापित की जायेगी; (च) उप-धारा (13) में, वर्तमान अभिव्यक्ति “धारा 74” के पश्चात् और वर्तमान अभिव्यक्ति “के अधीन” से पूर्व अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंतःस्थापित की जायेगी। 28. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 104 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 104 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 104 की उप-धारा (1) के स्पष्टीकरण में, वर्तमान अभिव्यक्ति “धारा 74 की उप-धारा (2) और उप-धारा (10)” के पश्चात् और वर्तमान अभिव्यक्ति “में विनिर्दिष्ट” से पूर्व अभिव्यक्ति “या धारा 74क की उप-धारा (2) और उप-धारा (7)” अंतःस्थापित की जायेगी। 29. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 107 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 107 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 107 में,- (क) उप-धारा (6) के खंड (ख) में, वर्तमान अभिव्यक्ति “पचीस करोड़ रुपये”, के स्थान पर अभिव्यक्ति “बीस करोड़ रुपये” प्रतिस्थापित की जायेगी; (ख) उप-धारा (11) के द्वितीय परंतुक में, वर्तमान अभिव्यक्ति “धारा 74” के पश्चात् और वर्तमान अभिव्यक्ति “के अधीन” से पूर्व अभिव्यक्ति “या धारा 74क” अंतःस्थापित की जायेगी। 30. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 109 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 109 का संशोधन.- मूल अधिनियम की धारा 109 में, वर्तमान अभिव्यक्ति “करने के लिए,” के पश्चात् और वर्तमान अभिव्यक्ति “अपील अधिकरण” से पूर्व, अभिव्यक्ति “या यदि उक्त धारा के अधीन ऐसा अधिसूचित किया जाता है, तो धारा 171 की उप-धारा (2) में निर्दिष्ट ऐसे मामलों के परीक्षण करने या न्याय निर्णयन के लिए,” अंतःस्थापित की जायेगी। 31. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 112 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 112 का संशोधन.- मल अ ध नयम क8 धारा 112 म(,- (क) 1 अग त, 2024 से >भावी करते हए, उप-धारा (1) म(, वMयमान अ भN यिOत “तीन मास के भीतर” के पH चात और वMयमान अ भN यिOत “कर सके गा” से पव* अ भN यिOत “या वह तार\ख, जो इस अ ध नयम के अधीन अपील अ धकरण के समc अपील फाइल करने के लए, पPरष^ क8 सफाPरशW पर, सरकार Mवारा अ धस चत क8 जाये, जो भी पH चा'वतj हो” अंतः था पत क8 जायेगी; (ख) 1 अग त, 2024 से >भावी करते हए, उप-धारा (3) म(, वMयमान अ भN यिOत “छह मास म(” के पH चात और वMयमान अ भN यिOत “अपील अ धकरण” से पव* अ भN यिOत “या वह तार\ख, जो इस अ ध नयम के अधीन अपील अ धकरण के समc आवेदन फाइल करने के >योजन के लए, पPरष^ क8 सफाPरशW पर, सरकार Mवारा अ धस चत क8 जाए, जो भी पH चा'वतj हो” अंतः था पत क8 जायेगी; (ग) उप-धारा (6) म(, वMयमान अ भN यिOत “अपील वीकार कर सके गा” के पH चात और वMयमान अ भN यिOत “या उप-धारा (5)” से पव* अ भN यिOत “या उप-धारा (3) म( न;द*R ट कालाव ध क8 समािeत के पHचात तीन मास के भीतर आवेदन फाइल करना अनpात कर सके गा” अंतः था पत क8 जायेगी; (घ) उप-धारा (8) के ख, ड (ख) म(,-
- (i) वMयमान अ भN यिOत “बीस > तशत” के थान पर, अ भN यिOत “दस > तशत” > त था पत क8 जायेगी;
- (ii) वMयमान अ भN यिOत “पचास करोड़ oपए” के थान पर, अ भN यिOत “बीस करोड़ oपये” > त था पत क8 जायेगी। 32. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 122 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 122 का संशोधन.- मल अ ध नयम क8 धारा 122 क8 उप-धारा (1ख) म(, 1 अO ट बर, 2023 से >भावी करते हए, वMयमान अ भN यिOत “कोई इलेO fा नक वा/ण$ य >चालक, जो-” के थान पर अ भN यिOत “कोई इलेO fा नक वा/ण$ य >चालक, जो धारा 52 के अधीन nोत पर कर संXहण के लए दायी है-” > त था पत क8 जायेगी। 33. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 127 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 127 का संशोधन.- मल अ ध नयम क8 धारा 127 म(, वMयमान अ भN यिOत “या धारा 74” के पH चात और वMयमान अ भN यिOत “या धारा 129” से पव* अ भN यिOत “या धारा 74क” अंतः था पत क8 जायेगी। 34. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 में नई धारा 128क का अंत:स्थापन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 में नई धारा 128क का अंत: स्थापन.- मल अ ध नयम क8 वMयमान धारा 128 के पH चात और वMयमान धारा 129 से पव* , न. न ल/खत नयी धारा अंत: था पत क8 जायेगी, अथा*त :- “128क. क.तपय कर कालाव-धयO के Pलए, धारा 73 के अधीन क0 गयी मांगO से संबं-धत S याज या शाि त या दोनO का अ-धE यजन.- (1) इस अ ध नयम म( अंत व*R ट Tकसी > तकल बात के होते हए भी, जहां कर से >भाय* Tकसी N यिOत Mवारा, न. न ल/खत के अनसार कर क8 कोई रकम संदेय है,- (क) धारा 73 क8 उप-धारा (1) के अधीन जार\ नो;टस या धारा 73 क8 उप-धारा (3) के अधीन जार\ कथन, और जहां धारा 73 क8 उप-धारा (9) के अधीन कोई आदेश जार\ नह\ं Tकया गया है; या (ख) धारा 73 क8 उप-धारा (9) के अधीन पाPरत आदेश, और जहां धारा 107 क8 उप-धारा (11) या धारा 108 क8 उप-धारा (1) के अधीन कोई आदेश पाPरत नह\ं Tकया गया है; या (ग) धारा 107 क8 उप-धारा (11) या धारा 108 क8 उप-धारा (1) के अधीन पाPरत आदेश, और जहां धारा 113 क8 उप-धारा (1) के अधीन कोई आदेश पाPरत नह\ं Tकया गया है, 1 जलाई, 2017 से 31 माच*, 2020 क8 कालाव ध, या उसके Tकसी भाग से संबं धत है, और उO त N यिOत, पPरष^ क8 सफाPरशW पर सरकार Mवारा अ धस चत क8 जाने वाल\ तार\ख को या उससे पव* , यथाि थ त, ख, ड (क), ख, ड (ख) या ख, ड (ग) म( न;द*R ट नो;टस या कथन या आदेश के अनसार संदेय कर क8 पर\ रकम का संदाय करता है, तो धारा 50 के अधीन कोई u याज और इस अ ध नयम के अधीन कोई शाि त संदेय नह\ं होगी और, यथाि थ त, उO त नो;टस या आदेश या कथन के संबंध म( सभी काय*वा;हयां ऐसी शतk के अl यधीन रहते हए, जो व;हत क8 जाय(, समाe त हई समझी जाय(गी: परU त जहां धारा 74 क8 उप-धारा (1) के अधीन कोई नो;टस जार\ Tकया गया है और धारा 75 क8 उप-धारा (2) के उपबंधW के अनसार अपील >ा धकार\ या अपील अ धकरण या U यायालय के नदेश के अनसरण म(, सम चत अ धकार\ , Mवारा कोई आदेश पाPरत Tकया जाता है या पाPरत Tकया जाना अपेbcत है तो, यथाि थ त, उO त नो;टस या आदेश को, इस उप-धारा के ख, ड (क) या ख, ड (ख) म( न;द*R ट नो;टस या आदेश माना जायेगा: परU त यह और Tक उन मामलW म(, जहां धारा 107 क8 उप-धारा (3) या धारा 112 क8 उप-धारा (3) के अधीन आवेदन Tकया जाता है या धारा 117 क8 उप-धारा (1) के अधीन या धारा 118 क8 उप-धारा (1) के अधीन रा$ य कर के Tकसी अ धकार\ Mवारा अपील फाइल क8 जाती है या जहां ख, ड (ख) या ख, ड (ग) म( न;द*R ट आदेश के वvs या पहले परU तक म( न;द*R ट अपील >ा धकार\ या अपील अ धकरण या U यायालय के नदेशW के वvs धारा 108 क8 उप-धारा (1) के अधीन कोई काय*वा;हयां आरंभ क8 जाती है, वहां इस उप-धारा के अधीन काय*वा;हयW क8 समािeत इस शत* के अl यधीन होगी Tक उO त N यिOत उO त आदेश क8 तार\ख से तीन मास के भीतर, यथाि थ त, अपील >ा धकार\ या अपील अ धकरण या U यायालय या पनर\cण >ा धकार\ के आदेश के अनसार संदेय कर क8 अ तPरO त रकम, य;द कोई हो, का संदाय करता है: परU त यह भी Tक जहां ऐसी u याज और शाि त पहले ह\ संद' त कर द\ गयी है, उसका कोई > तदाय उपलu ध नह\ं होगा।
- (2) उप-धारा (1) म( अंत व*R ट कोई बात, ` ;टवश > तदाय के मhे Tकसी N यिOत के Mवारा संदेय Tकसी रकम के संबंध म( लाग नह\ं होगी।
- (3) उप-धारा (1) म( अंत व*R ट कोई बात, उन मामलW के संबंध म( लाग नह\ं होगी, जहां, यथाि थ त, अपील >ा धकार\ या अपील अ धकरण या U यायालय के समc उO त N यिOत Mवारा फाइल क8 गयी कोई अपील या Pरट या चका लं€बत है, और उO त N यिOत Mवारा उप-धारा (1) के अधीन अ धस चत तार\ख को या उसके पव* वापस नह\ं ल\ गयी है।
- (4) इस अ ध नयम म( अंत व*R ट Tकसी बात के होते हए भी, जहां उप-धारा (1) के अधीन व न;द*R ट कोई रकम संद' त क8 गयी है और उO त उप-धारा के अधीन काय*वा;हयां समाe त हई समझी जाती ह[, वहां धारा 107 क8 उप-धारा (1) या धारा 112 क8 उप-धारा (1) के अधीन कोई अपील, यथाि थ त, उप-धारा (1) के ख, ड (ख) या ख, ड (ग) म( न;द*R ट Tकसी आदेश के वvs नह\ं होगी।”। 35. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 171 का संशोधन 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की धारा 171 का संशोधन.- मल अ ध नयम क8 धारा 171 क8 उप-धारा (2) म(,- (क) अंत म( वMयमान वराम चdन “।” के थान पर, वराम चdन “:” > त था पत Tकया जायेगा; (ख) इस >कार संशो धत उप-धारा (2) के पH चात, न. न ल/खत नया परU तक और पR ट\करण अंत: स्था पत Tकये जाय(गे, अथा*त :- “परU त सरकार, पPरष^ क8 सफाPरशW पर, अ धसचना Mवारा, उस तार\ख को व न;द*R ट कर सके गी, िजससे उO त >ा धकार\ इस बारे म( पर\cा के लए कोई अनरोध वीकार नह\ं करेगा Tक O या Tकसी रिज f\कत N यिOत Mवारा >ाe त Tकये गये इनपट कर >' ययW या कर क8 दर म( कमी वा तव म( उसके Mवारा >दाय Tकये गये माल या सेवाओं या दोनW क8 क8मत म( आनपा तक कमी के समoप है। पA ट:करण 1.- इस उप-धारा के >योजनW के लए, “पर\cा के लए अनरोध” से, इस बारे म( Tक O या Tकसी रिज f\कत N यिOत Mवारा लये गये इनपट कर >' ययW या कर क8 दर म( कमी से वा तव म( उसके Mवारा >दाय Tकये गये माल या सेवाओं या दोनW क8 क8मत म( आनपा तक कमी हई है, पर\cा का अनरोध करने के लए आवेदक Mवारा फाइल Tकया गया ल/खत आवेदन अ भ>ेत है। पA ट:करण 2.- इस धारा के >योजनW के लए, पद “>ा धकार\” के अंतग*त “अपील अ धकरण” सि.म लत होगा।”। 36. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की अनुसूची 3 का संशोधन 36. 2017 के राजस्थान अधिनियम सं. 9 की अनुसूची 3 का संशोधन.- मूल अधिनियम की अनुसूची 3 में, पैरा 8 के पश्चात् और स्पष्टीकरण 1 से पूर्व, निम्नलिखित नये पैरा अंतः स्थापित किये जायेंगे, अर्थात्:- "9. इस शर्त के अधीन रहते हुए कि मुख्य बीमाकर्ता, बीमा किये गये व्यक्ति द्वारा संदत्त प्रीमियम की संपूर्ण रकम पर केंद्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर और एकीकृत कर का संदाय करता है, सह बीमा करारों में बीमा किये गये व्यक्ति को मुख्य बीमाकर्ता और सह-बीमाकर्ता द्वारा संयुक्त रूप से प्रदाय की गयी बीमा सेवाओं के लिए मुख्य बीमाकर्ता द्वारा सह-बीमाकर्ता को सह-बीमा प्रीमियम के विभाजन का क्रियाकलाप।
37. संदत्त करों या प्रतिलोम इनपट कर प्रत्यय का कोई प्रत्यदाय न किया जाना
37. संदत्त करों या प्रतिलोम इनपुट कर प्रत्यय का कोई प्रत्यदाय न किया जाना.- उन सभी संदत्त करों या प्रतिलोम इनपुट कर प्रत्यय का कोई भी प्रत्यदाय नहीं किया जायेगा, जिनका इस प्रकार संदाय या प्रतिलोम नहीं किया गया होता, यदि धारा 6 सभी तात्विक समयों पर प्रवृत्त होती।
38. निरसन और व्यावृत्तियां
38. निरसन और व्यावृत्तियां.- (1) राजस्थान माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2024 (2024 का अध्यादेश सं. 1) इसके द्वारा निरसित किया जाता है।
- (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश के अधीन की गई समस्त बातें, की गई कार्यवाहियां या किये गये आदेश इस अधिनियम के अधीन किये गये समझे जायेंगे।
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