section 3
कर का उद्ग्रहण
The Madhya Pradesh Gramin Avsanrachna Tatha Sadak Vikas Adhiniyam, 2005(1) इस अधिनियम के प्रारंभ होने पर समस्त खनिजधारी भूमि पर ग्रामीण अवसंरचना तथा सड़क विकास कर इसमें इसके पश्चात् उपबंधित रीति में उद्गृहीत तथा संग्रहीत किया जाएगा। (2) ग्रामीण अवसंरचना तथा सड़क विकास कर, समस्त खनिजधारी भूमि पर, ऐसी खनिजधारी भूमि के वार्षिक मूल्य के बीस प्रतिशत से अधिक न होने वाली ऐसी दर पर प्रतिवर्ष उद्गृहीत किया जाएगा, जैसी कि राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा इस निमित्त नियत करे, और भिन्न-भिन्न खनिजधारी भूमि के लिए भिन्न-भिन्न दरें नियत की जा सकेंगी: परन्तु किसी ऐसी खनिजधारी भूमि के मामले में, जहां लगातार दो या उससे अधिक वर्ष में खनिज का कोई उत्पादन न हुआ हो, वहां ऐसी भूमि ऐसी दर से कर के उद्ग्रहण के दायित्वाधीन होगी, जैसी कि विहित की जाए: परन्तु यह और कि राज्य सरकार, किसी ऐसी खनिजधारी भूमि के संबंध में तीन वर्ष की किसी कालावधि के दौरान एक से अधिक बार कर की दर में वृद्धि नहीं करेगी। (3) राज्य सरकार, उपधारा (2) के अधीन कर की दर नियत करने के पूर्व ऐसी रीति में समिति नियुक्त करेगी, जो विहित की जाए, जो राज्य सरकार को उस दर (रेट) की सिफारिश करेगी, जिस पर कर उद्गृहीत किया जा सकेगा। (4) उपधारा (2) के अधीन जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना राज्य विधान सभा के पटल पर रखी जाएंगी।
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