Bare Act
The Salaries and Allowances of the Leader of Opposition in Jharkhand Legislative Assembly Act, 2001
1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ
(क) यह अधिनियम झारखण्ड विधान-मण्डल, नेता-विरोधी दल (वेतन और भत्ता) अधिनियम, 2001 कहा जा सकेगा । (ख) यह उस तारीख को प्रवृत्त होगा जो राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत करे ।
2. परिभाषाएं
इस अधिनियम में विधान-मंडल के सदन के संबंध में विरोधी दल के नेता से अभिप्रेत है झारखण्ड विधान-सभा का कोई सदस्य जो तत्समय सदन में सरकार के ऐसे विरोधी दल का नेता हो जिसकी संख्या-दल सबसे अधिक हो और इस रूप में झारखण्ड विधान-सभा के अध्यक्ष द्वारा मान्यता प्राप्त हो । स्पष्टीकरण : जहां विधान-सभा में सरकार के दो या अधिक विरोधी दलों का संख्या-दल समान हो, वहां यथास्थिति, विधान-सभा के अध्यक्ष, दलों की हैसियत को ध्यान में रखते हुए इस धारा के प्रयोजनार्थ विरोधी दल के नेता के रूप में ऐसे दलों में से किसी एक दल के नेता को मान्यता प्रदान करेंगे और ऐसी मान्यता अंतिम एवं निर्णायक होगी ।
3. विरोधी दल के नेता का वेतन एवं क्षेत्रीय भत्ता
(क) विरोधी दल के ऐसे नेता को प्रतिमाह 3000/- (तीन हजार) रुपये वेतन दिया जाएगा । वेतन और भत्ते पर देय आयकर का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा । (ख) विरोधी दल के नेता को प्रतिमाह चार हजार रुपये की दर से क्षेत्रीय भत्ता और एक हजार रुपये की दर से आतिथ्य सत्कार भत्ता दिया जाएगा । (ग) इस अधिनियम के अधीन वेतन या भत्ता पानेवाला विरोधी दल का नेता, विधान-मंडल के सदन की अपनी सदस्यता के संबंध में वेतन या भत्ता के रूप में विधान-मंडल द्वारा उपबंधित निधियों में से कोई रकम प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा । (घ) विरोधी दल के नेता का निवास: 1. विरोधी दल का नेता अपनी पूरी पदावधि तक और उसके तुरंत बाद एक माह की अवधि तक रांची में तथा किसी अन्य स्थान में, जहां विधान-सभा की बैठक आयोजित हो, किराया दिए बिना एक सुसज्जित निवास के उपयोग करने का हकदार होगा । 2. ऐसे निवास के अनुरक्षण के संबंध में विरोधी दल के नेता पर व्यक्तिगत रूप से कोई प्रभार नहीं पड़ेगा । 3. इस धारा के अधीन उपबंधित आवास को सुसज्जित करने एवं अनुरक्षण का व्यय ऐसे पैमानों और ऐसी वित्तीय सीमाओं के अधीन होगा जो राज्य सरकार नियमों द्वारा अवधारित करे । स्पष्टीकरण : इस धारा के प्रयोजनार्थ अभिव्यक्ति "आवास" में स्टाफ क्वार्टर और उससे संलग्न अन्य भवन तथा उसके बगीचे भी और "आवास" से संबंधित अनुरक्षण के अंतर्गत "स्थानीय कर" एवं अन्य करों के भुगतान तथा विद्युत शक्ति और जल की आपूर्ति भी सम्मिलित है । (ड़) विरोधी दल के नेता को यात्रा और दैनिक भत्ता: विरोधी दल के नेता का राज्य के अंदर 350/- (तीन सौ पचास) रुपये एवं राज्य के बाहर भ्रमण के लिए विधान-मंडल सदस्यों, मंत्रियों के अनुरूप उल्लिखित शर्तों के अधीन 500/- (पाँच सौ) रुपये दैनिक भत्ता देय होगा । (च) मोटर कार खरीदने के लिए विरोधी दल के नेता को अग्रिम और सवारी भत्ता का दिया जाना: राज्य सरकार विरोधी दल के नेता के उपयोग के लिए मोटरकार की खरीद और उपबंध समय-समय पर ऐसी शर्तों पर कर सकेगी, जो राज्य सरकार नियमों द्वारा अवधारित करे । परन्तु, यदि विरोधी दल के नेता के पास राज्य सरकार द्वारा खरीदी गई कोई मोटरकार नहीं हो, तो उसे उसके बदले सवारी भत्ता की ऐसी रकम और मोटरकार को खरीद करने के लिए ऐसी धनराशि ऐसी शर्तों पर दी जाएगी, जो राज्य सरकार नियमों द्वारा अवधारित करे, ताकि वह अपने पद के कर्तव्यों का निर्वहन सुविधा और दक्षतापूर्वक कर सके । (छ) विरोधी दल के नेता को सुविधाएं: विरोधी दल के नेता के लिए उपस्कर, दूरभाष तथा निजी स्टाफ की सुविधाओं के लिए ऐसे पैमाने पर उपबंध किया जायेगा जो राज्य सरकार नियमों द्वारा अवधारित करे । (ज) नियम बनाने की शक्ति : 1. राज्य सरकार, इस अधिनियम के प्रावधानों के कार्यान्वयन के प्रयोजनार्थ, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियम बना सकेगी । 2. इस धारा के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के बाद यथाशीघ्र, राज्य विधानसभा के समक्ष, जब वह 14 दिनों की कुल अवधि के सत्र में हो, जिसमें एक साथ या दो क्रमिक सत्र समाविष्ट हों, रखा जाएगा और यदि जिस सत्र में यह रखा गया हो, उसकी समाप्ति के पूर्व अथवा उसके ठीक बाद वाले सत्र में सदन नियम में कोई रूपांतरण करने के लिए सहमत हो, अथवा सहमत हो कि नियम नहीं बनाया जाय, तो उसके बाद, यथास्थिति, नियम का ऐसे रूपांतरित रूप में ही प्रभाव होगा अथवा उसका प्रभाव ही नहीं होगा, फिर भी ऐसे रूपांतरण या बातिलीकरण उस नियम के अधीन पूर्व में की गई किसी बात की विधि-मान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना होगा ।
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ
- (i) यह अधिनियम झारखण्ड विधान-मण्डल, नेता विरोधी दल (वेतन और भत्ता) (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2003 कहा जा सकेगा ।
- (ii) इसका विस्तार सम्पूर्ण झारखण्ड राज्य में होगा ।
- (iii) यह अधिनियम दिनांक 16 सितम्बर, 2002 से प्रवृत्त समझा जायेगा । 2. झारखण्ड अधिनियम, 2001 (अधिनियम संख्या-02, 2001) की धारा-3(ड.) का संशोधन
- (1) झारखण्ड विधान-मंडल, नेता विरोधी दल (वेतन और भत्ता) अधिनियम 2001 (झारखण्ड अधिनियम 02, 2001) में प्रयुक्त शब्द 'दैनिक भत्ता' के स्थान पर शब्द 'प्रभारी भत्ता' प्रतिस्थापित किये जायेंगे । 3. निरसन एवं व्यावृत्ति
- (1) झारखण्ड विधान-मण्डल, नेता विरोधी दल (वेतन और भत्ता) (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2003 (झारखण्ड अध्यादेश, 04, 2003) के द्वारा निरसित किया जाता है ।
- (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी उक्त अध्यादेश के द्वारा या के अधीन प्रदत्त किसी शक्ति के प्रयोग में किया गया कोई कार्य या की गयी कोई कार्रवाई इस अधिनियम द्वारा या के अधीन
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